

रमेश बहल (Ramesh Behl) बॉलीवुड के बहल परिवार से थे और 1970-80 के दशक में सक्रिय रहे। रमेश बहल की खासियत यह थी कि उनकी हर फिल्म में मशहूर संगीतकार आरडी बर्मन ने संगीत दिया। वे एकमात्र फिल्ममेकर थे जिन्होंने सभी प्रोजेक्ट में उनके साथ काम किया। उनका निधन 5 जनवरी 1990 को हुआ।
रमेश बहल का जीवन सिनेमा से गहराई से जुड़ा था। मुंबई में जन्मे रमेश ने करियर की शुरुआत शॉर्ट फिल्मों में असिस्टेंट डायरेक्टर (Assistant Director) के तौर पर की। उनकी पत्नी मधु बहल थीं, जो एक्टर कमल कपूर की बेटी थीं। रमेश बहल ने फिल्मों में निर्माता और निर्देशक दोनों भूमिकाएं निभाईं। उनके भाई श्याम बहल भी निर्देशक थे, जिससे बहल परिवार सिनेमा की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम बना।
रमेश बहल (Ramesh Behl) ने हिंदी सिनेमा (Hindi Cinema) को कई यादगार फिल्में दीं। उन्होंने बतौर निर्माता 'द ट्रेन', 'जवानी दीवानी' , 'दिल दीवाना', 'कसमें वादे', 'बसेरा', 'ये वादा रहा' जैसी सफल फिल्में बनाईं।
उनके निर्देशन में बनी फिल्मों में 'कसमें वादे', 'पुकार', 'जवानी' और 'अपने अपने' जैसी फिल्में शामिल हैं। इनमें से कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट रहीं। 'कसमें वादे' में अमिताभ बच्चन डबल रोल में थे, जबकि 'पुकार' में भी अमिताभ ने मुख्य भूमिका निभाई। 'जवानी' रोमांटिक ड्रामा थी। सबसे खास बात यह कि सभी फिल्मों का संगीत आरडी बर्मन ने कंपोज किया। आरडी के मेलोडीज और हिट गानों ने इन फिल्मों को यादगार बनाया।
रमेश बहल का अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे (Sonali Bendre) से खास रिश्ता है, उनके बेटे गोल्डी बहल निर्देशक और निर्माता हैं, जिनकी शादी सोनाली बेंद्रे से हुई है। सोनाली उनकी बहू हैं। गोल्डी ने 'बस इतना सा ख्वाब है' और 'द्रोणा' जैसी फिल्में बनाईं। रमेश की बेटी सृष्टि बहल आर्य प्रोड्यूसर और मीडिया एग्जीक्यूटिव हैं। वह साल 2021 तक नेटफ्लिक्स इंडिया की प्रमुख थीं।
रमेश बहल का एक किस्सा भी मशहूर है। साल 1983 की फिल्म बेताब के लिए निर्देशक राहुल रवैल एक्ट्रेस की तलाश कर रहे थे। सनी देओल फिल्म में लीड एक्टर थे, ऐसे में रमेश बहल ने राहुल को सुझाव देते हुए अमृता सिंह को कास्ट करने की बात कही।
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