

भारत के सार्वजनिक जीवन में आरएसएस की भूमिका अक्सर चर्चा का विषय रही है, ऐसे में इसके 100 साल के सफर को एक शोध आधारित और संपूर्ण डॉक्यूमेंट्री (Documentary) के रूप में पेश करना दर्शकों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव साबित हो सकता है।
जी-5 ने घोषणा की है कि यह डॉक्यूमेंट्री 12 दिसंबर को रिलीज होगी। सीरीज़ के निर्माताओं ने इसके लिए गहन शोध किया है ताकि दर्शकों को आरएसएस की शुरुआत से लेकर इसके वर्तमान स्वरूप तक की यात्रा साफ, तथ्यों पर आधारित और समझने योग्य तरीके से दिखाई जा सके। इस सीरीज़ को इस तरह तैयार किया गया है कि आम दर्शक भी इसे आसानी से समझ सकें और इतिहास के उन पहलुओं को जान सकें जो अक्सर चर्चा में नहीं आते।
'केसरिया एट 100' में अभिनेता और प्रस्तुतकर्ता नितीश भारद्वाज बतौर एंकर काम कर रहे हैं। उनकी आवाज और प्रस्तुति शैली इस कहानी को गंभीरता के साथ-साथ सहजता भी देती है। डॉक्यूमेंट्री में आरएसएस की शुरुआत के दौर को खास महत्व दिया गया है, खास तौर पर डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के विचार, उनके उद्देश्य और परिस्थितियां, जिनमें संगठन का निर्माण हुआ। इसके साथ ही, सीरीज उन अहम क्षणों को भी सामने लाती है जब देश संकट में था और संगठन ने राहत और सेवा कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सीरीज में आरएसएस के सामुदायिक और सामाजिक कार्यों को भी विस्तार से दिखाया गया है। इसमें बताया गया है कि कैसे संगठन ने शिक्षा के क्षेत्र में अनेक प्रयास किए, कैसे उन्होंने गांवों में समाज को जोड़ने की कोशिश की, और किस तरह स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य और जनसेवा से जुड़े काम किए।
डॉक्यूमेंट्री का हर एपिसोड एक अलग समय, घटना या थीम पर आधारित है, जिससे दर्शकों को संगठन के विकास को अलग-अलग नजरियों से समझने में आसानी होगी।
जी-5 ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सीरीज़ की एक झलक भी साझा की, जिसमें नितीश भारद्वाज शो की गंभीर और लंबी यात्रा को दर्शकों के सामने पेश करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा, "सदी भर की परंपरा, त्याग और निर्माण! आरएसएस की यह कहानी अब पूरा देश देखेगा।"
इस झलक में पुराने आर्काइव फुटेज, दुर्लभ तस्वीरें और संगठन से जुड़ी कई ऐतिहासिक जानकारियां देखने को मिलती हैं।
[AK]