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मनोरंजन

बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं मैंने अपने करियर में : सूर्या

दक्षिण के स्टार सूर्या अपनी आगामी कोर्ट रूम ड्रामा 'जय भीम' की रिलीज के लिए तैयार है

दक्षिणभारत सिनेमा के स्टार सूर्या (wikimedia commons)

दक्षिण के स्टार सूर्या(Suriya) अपनी आगामी कोर्ट रूम ड्रामा 'जय भीम' की रिलीज के लिए तैयार है। अभिनेता मनोरंजन उद्योग में लगभग 24 वर्षों से काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपने कैरियर में बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं। अभिनेता(Suriya) अपने प्रशंसकों और दर्शकों को उनके साथ खड़े होने और उन पर भरोसा करने का श्रेय देते हैं।


सूर्या ने कहा कि 'जय भीम' उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण फिल्मों में से एक है। फिल्म के बारे में बात करते हुए अभिनेता ने कहा कि मुझे(Suriya) इंडस्ट्री में काम करते हुए करीब 24 साल हो गए हैं। हमने बहुत सारे उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन मेरे प्रशंसक और फिल्म प्रेमी हमेशा मेरे साथ खड़े रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि फैंस ने वास्तव में मुझ पर बहुत भरोसा किया है। उन्होंने मुझ पर जो विश्वास किया है, उसने मेरे और उनके बीच एक सुंदर रिश्ता बनाया है। मैं अच्छी फिल्में करके केवल इसे वापस देना चाहता हूं।


Suriya 'जय भीम' 2 नवंबर को प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी।(wikimedia commons)



'जय भीम' में काम करने के अनुभव और एडवोकेट चंद्रू के रूप में अपनी भूमिका को लेकर सूर्या ने कहा कि यह फिल्म मेरे कम्फर्ट जोन की नहीं है। पूरा पैटर्न, कहानी सुनाना, या इसमें शामिल कलाकार, इसमें भावनाएं थोड़ी तीव्र है। यह केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह निश्चित रूप से आपको प्रभावित करेगी और तथ्यों के बारे में सोचने पर मजबूर करेगी।

'जय भीम' 1990 के दशक में तमिलनाडु में घटी सच्ची घटनाओं पर आधारित कहानी है।'जय भीम' का निर्माण ज्योतिका और सूर्या ने 2डी एंटरटेनमेंट के बैनर तले किया है।

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राजसेकर कर्पूरसुंदरपांडियन द्वारा सह-निर्मित, इसमें शॉन रोल्डन का संगीत है।

'जय भीम' 2 नवंबर को प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी।(आईएएनएस-PS)

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गामी पांच राज्यों में होने वाले चुनाव का बिगुल बज गया है और अब भाजपा जीत के लिए वापस से उनके मोदी नामक "ट्रम्प कार्ड" का इस्तेमाल करेगी। (Wikimedia Commons)

अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले चुनावों का बिगुल बज चूका है। पाँचों राज्यों में चुनाव जीतने के लिए राजनितिक पार्टियां रणनीति बनाने में लगी। इन पांचों राज्यों में सबसे बड़ी नज़र भाजपा(Bhajpa) पर होगी क्योंकि पांच राज्यों में से तीन राज्यों में उसकी सत्ता है। पांच राज्यों में से उत्तराखंड(Uttarakhand) में भी चुनाव होने हैं जहां भाजपा ने इस साल 3 मुख्यमंत्री बदल दिए हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी(Pushkar Dhami) हैं जिन्हे आए हुए कुछ ही महीने हुए हैं ऐसे में भाजपा के लिए उत्तराखंड का पूरा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आ गया है।

सैन्य बाहुल्य राज्य उत्तराखंड में पिछले पांच सालों में नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) की ऐसी छवि बन चुकी जिसे विपक्ष के लिए फिलहाल तोडना ना मुमकिन है। पिछले चुनाव में कांग्रेस में हुई बगावत और मोदी का जादू ही वो वजह था जिसने राज्य की 70 सीटों में से 57 सीटें भाजपा की झोली में दाल दी थी।

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देश में अब तक ओमीक्रोन से संक्रमित दो मरीज मिल चुके हैं। [pixabay]

दुनिया में तेजी से फैल रहे कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन ने अब भारत में भी दस्तक दे दी है। मामले की गंभीरता आप इस बात से समझ सकते हैं कि देश के टॉप साइंटिस्ट ने शुक्रवार को यह चेतावनी तक दे दी है कि यह वेरिएंट देश में तीसरी लहर ला सकता है। बता दें कि देश में अब तक ओमीक्रोन से संक्रमित दो मरीज मिल चुके हैं। ये दोनों मरीज कर्नाटक से हैं। इनमे से एक शख्स 66 साल का विदेशी है जो 20 नवंबर को बैंगलुरु आया था। कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद इसे प्राइवेट होटल में आइसोलेट कर दिया गया, जिसके बाद 27 नवंबर को ये शख्स दुबई लौट गया। वहीं 46 साल का जो दूसरा शख्स ओमिक्रॉन वेरिएंट से प्रभावित है, वो स्थानीय है और 22 नवंबर को ये पॉजिटिव पाया गया था। फिलहाल इनके संपर्क में आए लोगों के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) के लिए भेजे गए हैं। अब आइये जानते हैं कि क्या होती है जीनोम सिक्वेंसिंग।

जीनोम सिक्वेंसिंग क्या है ?

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हेल्थ स्टार्टअप्स ने भारत के सेकेंडरी केयर सर्जरी मार्केट का लाभ उठाया। [IANS]

हेल्थकेयर स्टार्टअप्स (Healthcare Startups) ने भारत में स्वास्थ्य देखभाल की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ देश में सेकेंडरी केयर सर्जरी बाजार में तेजी ला दी है। सर्जरी स्वास्थ्य देखभाल खर्च और सेकेंडरी केयर सर्जरी के साथ बढ़ते बाजार का सबसे बड़ा हिस्सा है।

प्रिस्टिन केयर, प्रैक्टो और मिरास्केयर जैसे हेल्थकेयर स्टार्टअप्स ने ऐसे तकनीकी प्लेटफॉर्म तैयार किए हैं, जो सस्ते दामों पर डॉक्टरों, ग्राहकों और अस्पतालों को जोड़ते हैं।

ये स्टार्टअप (Healthcare Startups) ऑनलाइन चिकित्सा सलाह प्रदान करते हैं और उसके बाद यदि आवश्यक हो तो देशभर के छोटे अस्पतालों में हर्निया, बवासीर, पित्त पथरी आदि जैसी बीमारियों के लिए गैर-महत्वपूर्ण न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी की जरूरत होती है, जो महानगरों के बड़े अस्पतालों की तुलना में कम क्षमता पर चलते हैं।

प्रिस्टिन केयर (Pristyn Care), जो जनवरी 2021 से लगभग पांच गुना बढ़ चुका है, इस क्षेत्र में अग्रणी है। इसमें 80 से अधिक क्लीनिकों, 400 से अधिक साझेदार अस्पतालों और 140 से अधिक इन-हाउस सुपर स्पेशियलिटी सर्जनों का एक पारिस्थितिकी तंत्र है। यह देशभर के 22 से अधिक शहरों में काम करता है।

हाल ही में आए मिरास्केयर क्लीनिक एंड सेंटर भी उन्नत सामान्य, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी और प्रोक्टोलॉजी में उपचार की एक सीरीज प्रदान करता है।

Memorial Hospital Central, hopitals in india, online health facilities पूरे भारत में 2,000 बड़े आकार के अस्पतालों में पहले से ही ऐसी सुविधाएं हैं। [Wikimedia Commons]

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