Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
थोड़ा हट के

एटा के घुंघरू की झंकार सुनेगी पूरी दुनिया

उत्तर प्रदेश के एटा जिले के घुंघरू की झंकार पूरी दुनिया सुनेगी। अब यहां के घुंघरुओं की अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मांग बढ़ गई है। विदेशों से बड़ी संख्या में आ रहे हैं आर्डर।

एटा के घुंघरुओं की अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मांग बढ़ गई है। (सांकेतिक चित्र, Pixabay)

उत्तर प्रदेश के एटा जिले के घुंघरू की झंकार पूरी दुनिया सुनेगी। अब यहां के घुंघरुओं की अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मांग बढ़ गई है। यह दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण पूर्व एशिया और मध्य पूर्व के देशों में भारतीय कलाकारों के हुनर और मेहनत की कहानी कहेंगे। दो साल पहले तक गुमनामी और बेजारी से जूझ रहे एटा जिले के घुंघरू उद्योग में उत्तर प्रदेश योगी सरकार ने नई जान फूंक दी है। एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल एटा के घुंघरू देश ही नहीं दुनिया को भी अपनी छम-छम से आकर्षित कर रहे हैं। राज्य सरकार भी एटा के कलाकारों के हुनर और मेहनत को अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पूरी मजबूती के साथ पेश करने में जुट गई है।

सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि दक्षिण अफ्रीकी देशों के साथ सिंगापुर, मलेशिया, कंबोडिया, साउदी अरब, जार्डन, यूएई और ईराक जैसे देशों में कलाकारों के बीच एटा के घुंघरू की मांग ने सरकार की योजना को पंख लगा दिए हैं। दुनिया के मंच पर मिल रहे इस मौके को हाथों हाथ लेते हुए योगी सरकार ने भारत सरकार के माध्यम से इन देशों को सप्लाई शुरू कर दी है। देश और दुनिया में मिल रहे बाजार और मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने घुंघरू उत्पादन बढ़ाने के प्रयास भी तेज कर दिए हैं।


एमएसएमई विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में ही एटा के घुंघरू और घंटी व्यापार 15 से 20 फीसदी बढ़ा है। ओडीओपी के तहत नए कलाकारों को प्रशिक्षण देकर इंडस्ट्री का विस्तार किया जा रहा है, ताकि देश और विदेश में बढ़ती मांग को पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा किया जा सके।

यह भी पढ़ें: एक शायर जिसने मीराबाई के पदों का उर्दू में किया अनुवाद

देश में कोलकाता, आगरा, मथुरा, वाराणसी, मुरादाबाद, कानपुर और दिल्ली के साथ दक्षिण भारत में भी एटा के घुंघरू अपना जलवा खूब विखेर रहे हैं। देश और विदेश में घुंघरुओं की सालाना औसत व्यापार 100 करोड़ को पार कर गया है। मौजूदा दौर में 10 हजार से ज्यादा लोग घुंघरू और घंटी उद्योग से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। ओडीओपी योजना के तहत राज्य सरकार ने उद्योग को बढ़ाने के लिए कलाकारों को 350 करोड़ रुपये के लोन के साथ ही मुफ्त प्रशिक्षण और जरूरी साजो-सामान उपलब्ध करा रही है। ओडीओपी योजना के तहत अब तक करीब 1000 नए युवाओं को प्रशिक्षित कर उद्योग से जोड़ा जा चुका है। हालांकि कुछ परेशानियां भी हैं जो इस उद्योग को और रफ्तार पकड़ने में बाधक बन रही हैं।

कलाकारों का कहना है कि कोरोना और लॉकडाउन के कारण इंडस्ट्री पर काफी असर पड़ा है। मतीन अंसारी कहते हैं कि अब संभालने की कोशिश हो रही है। सप्लाई के आर्डर जरूर मिल रहे हैं, लेकिन उत्पादन बढ़ाने के लिए आर्थिक तौर पर और सुविधाएं चाहिए। ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) के दायरे में आने के कारण भी घुंघरू इंडस्ट्री थोड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है ।(आईएएनएस)

Popular

चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्री आरटीपीसीआर टेस्ट के ज़्यादा दाम से परेशान दिखे। (Pixabay)

भारत सरकार की कंपनी, 'हिंडलैब्स'(Hindlabs) जो एक 'मिनी रत्न'(Mini Ratna) है, प्रति यात्री 3,400 रुपये चार्ज कर रही है और रिपोर्ट देने में लंबा समय ले रही है।

चेन्नई के एक ट्रैवल एजेंट और दुबई के लिए लगातार उड़ान भरने वाले सुरजीत शिवानंदन ने एक समाचार एजेंसी को बताया, "मेरे जैसे लोगों के लिए जो काम के उद्देश्य से दुबई की यात्रा करते हैं, यह इतना मुश्किल नहीं है और खर्च कर सकता है, लेकिन मैंने कई सामान्य मजदूरों को देखा है जो पैसे की व्यवस्था के लिए स्तंभ से पोस्ट तक चलने वाले वेतन के रूप में एक छोटा सा पैसा।"

Keep Reading Show less

यह वे लोग हैं जिन्होंने ने उत्कृष्टता का एक नया उदाहरण पेश कर खड़ा लिया एक विशिष्ट संसथान। (IANS)

जब द्वितीय विश्व युद्ध(World War-2) समाप्त हो रहा था, तब लोगों के एक समूह ने भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी सॉफ्ट पावर - आईआईटी(IIT) प्रणाली की स्थायी इमारत की नींव रखी।

इसमें तीन व्यक्ति शामिल थे जिन्होंने वायसराय की कार्यकारी परिषद के सदस्य के रूप में कार्य किया। इनमें जो लोग शामिल थे उनमें नलिनी रंजन सरकार, देशबंधु चित्तरंजन दास की अनुचर और 1933 फिक्की(FICCI) की अध्यक्ष, आईसीएस अधिकारी से टाटा स्टील के कार्यकारी अधिकारी बने अर्देशिर दलाल, जो भारत के विभाजन के अपने कट्टर विरोध के लिए बेहतर जाने जाते हैं, और सर जोगेंद्र सिंह, एक संपादक, लेखक और पटियाला के पूर्व प्रधान मंत्री, जिन्होंने पंजाब में मशीनीकृत खेती की शुरूआत की।

बॉम्बे प्लान के लेखक, भारत के आर्थिक विकास के लिए विजन दस्तावेज उद्योगपति जे.आर.डी. टाटा(JRD Tata), जीडी बिड़ला(GD Birla) और सर पुरुषोत्तमदास ठाकुरदास(Sir Purushottamdas Thakurdas), सर अर्देशिर(Sir Ardeshir), वायसराय की कार्यकारी परिषद के योजना और विकास के सदस्य के रूप में, अमेरिकी सरकार को भारतीय वैज्ञानिकों को डॉक्टरेट फेलोशिप की पेशकश करने के लिए राजी किया ताकि वे नए स्थापित वैज्ञानिक परिषद और औद्योगिक अनुसंधान (सीएसआईआर) का नेतृत्व करने के लिए पर्याप्त योग्यता प्राप्त कर सकें।

हालांकि, सर अर्देशिर ने जल्द ही महसूस किया कि अमेरिकी सरकार के साथ यह व्यवस्था केवल एक अल्पकालिक समाधान हो सकती है और उभरते हुए नए भारत को ऐसे संस्थानों की आवश्यकता है जो योग्य वैज्ञानिक और तकनीकी जनशक्ति के लिए नर्सरी बन सकें।

Keep Reading Show less

टि्वटर ने सस्पेंड किए कई अकाउंट। (Wikimedia Commons)

नए नियमों की घोषणा भारतीय मूल के पराग अग्रवाल(Parag Aggarwal) द्वारा सह-संस्थापक जैक डोर्सी(jack dorsey) से ट्विटर के सीईओ(CEO) के रूप में पदभार संभालने के ठीक एक दिन बाद की गई थी। लेकिन चरमपंथी समूहों ने नई निजी मीडिया नीति का फायदा उठाना शुरू कर दिया था। जिसकी वजह से ट्विटर(Twitter) ने चरमपंथी विरोधी शोधकर्ताओं के कई खातों को निलंबित कर दिया है। इसकी जानकारी मीडिया रिपोर्ट ने दी।


Keep reading... Show less