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दुनिया

यूरोपीय संघ-ब्रिटेन की ब्रेक्सिट डील ऐतिहासिक तौर पर महत्वपूर्ण: मर्केल

मर्केल ने गुरुवार को एक बयान में कहा, "मुझे खुशी है कि यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के वार्ताकार एक समझौते पर पहुंच गए हैं और यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के बीच भविष्य के संबंधों को स्पष्ट रूप से रेग्युलेट किया गया है।

जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ।(Wikimedia Commons )

जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) और ब्रिटेन के बीच हुई डील ऐतिहासिक महत्व की है। साथ ही उन्होंने कहा कि जर्मनी यह निर्णय करने के लिए जांच करेगा कि बर्लिन नतीजों का समर्थन करता है या नहीं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक मर्केल ने गुरुवार को एक बयान में कहा, “मुझे खुशी है कि यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के वार्ताकार एक समझौते पर पहुंच गए हैं और यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के बीच भविष्य के संबंधों को स्पष्ट रूप से रेग्युलेट किया गया है। इसके साथ ही हम अपने रिश्ते के एक नए अध्याय के लिए आधार बना रहे हैं। जर्मनी और यूरोपीय संघ के लिए हमेशा ब्रिटेन एक अहम पार्टनर बना रहेगा।”


यूरोपीय संघ का झंडा । (Wikimedia Commons )

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मर्केल ने कहा कि जर्मनी की संघीय सरकार अब एग्रीमेंट की गहराई से जांच करेगी ताकि यह जान सके कि वह इस समझौते का समर्थन कर सकता है या नहीं। समझौता तब तक लागू नहीं हो सकता जब तक कि यूरोपीय संसद इसे मंजूरी नहीं देती। वहीं जर्मनी के विदेश मंत्री हेइको मास ने कहा, “हमने आखिरकार बातचीत को तय होते देखा है, लेकिन समझौते को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।”

उन्होंने कहा, “डील को यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देशों और बाद में यूरोपीय संसद से मंजूरी मिलनी चाहिए। काउंसिल के प्रेसिडेंस के तौर पर इस एग्रीमेंट को 1 जनवरी 2021 से पहले लागू कराने को सुनिश्चित करने के लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे। मुझे भरोसा है कि इसमें सफलता मिलेगी।” (आईएएनएस)

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प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन (wikimedia commons)

हमारे देश में लव जिहाद के जब मामले आते है , तब इस मुद्दे पर चर्चा जोर पकड़ती है और देश कई नेता और जनता अपनी-अपनी राय को वयक्त करते है । एसे में एक प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन ने सोमवार को एक बयान दिया जिसमें उन्होनें कहा कि यह मुस्लिम समुदाय नहीं बल्कि ईसाई हैं जो देश में धर्मांतरण और लव जिहाद में सबसे आगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनडीए के सहयोगी और भारत धर्म जन सेना के संरक्षक वेल्लापल्ली नतेसन नें एक कैथोलिक पादरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी , जिसमे कहा गया था हिंदू पुरुषों द्वारा ईसाई धर्म महिलाओं को लालच दिया जा रहा है। नतेसन नें पाला बिशप जोसेफ कल्लारंगट की एक टिप्पणी जो कि विवादास्पद "लव जिहाद" और "मादक जिहाद" की भी जमकर आलोचना की और यह कहा कि इस मुद्दे पर "मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है"।

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महंत नरेंद्र गिरि (Wikimedia Commons)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को बाघंबरी मठ स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को जांच के बाद सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा ''यह एक दुखद घटना है और इसी लिए अपने संत समाज की तरफ से, प्रदेश सरकार की ओर से उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए में स्वयं यहाँ उपस्थित हुआ हूँ। अखाड़ा परिषद और संत समाज की उन्होंने सेवा की है। नरेंद्र गिरि प्रयागराज के विकास को लेकर तत्पर रहते थे। साधु समाज, मठ-मंदिर की समस्याओं को लेकर उनका सहयोग प्राप्त होता था। उनके संकल्पों को पूरा करने की शक्ति उनके अनुयायियों को मिले''

योगी आदित्यनाथ ने कहा '' कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था। एक-एक घटना के पर्दाफाश होगा और दोषी अवश्य सजा पाएगा। मेरी अपील है सभी लोगों से की इस समय अनावश्यक बयानबाजी से बचे। जांच एजेंसी को निष्पक्ष रूप से कार्यक्रम को आगे बढ़ाने दे। और जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा उसको कानून की तहत कड़ी से कड़ी सजा भी दिलवाई जाएगी।

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By: कम्मी ठाकुर, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तम्भकार, हरियाणा

केजरीवाल सरकार की झूठ, फरेब, धूर्तता और भ्रष्टाचार की पोल खोलता 'बोल रे दिल्ली बोल' गीतरुपी शब्दभेदी बाण एकदम सटीक निशाने पर लगा है। सुभाष, आजाद, भगतसिंह जैसे आजादी के अमर शहीद क्रांतिकारियों के नाम व चेहरों को सामने रखकर जनता को बेवकूफ बना सुशासन ईमानदारी और पारदर्शिता का सब्जबाग दिखाकर सत्ता पर काबिज हुए अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार आज पूरी तरह से मुस्लिम तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार, कुशासन एवं कुव्यवस्था के दल-दल में धंस चुकी है। आज केजरीवाल का चाल, चरित्र और चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। दिल्ली में कोविड-19 के दौरान डॉक्टरों सहित सैकड़ों विभिन्न धर्म-संप्रदाय के मेडिकल स्टाफ के लोगों ने बतौर कोरोना योद्धा अपनी जाने गंवाई थी। लेकिन उन सब में केजरीवाल के चश्मे में केवल मुस्लिम डॉक्टर ही नजर आया, जिसके परिजनों को 'आप सरकार' ने एक करोड़ की धनराशि का चेक भेंट किया। किंतु बाकी किसी को नहीं बतौर मुख्यमंत्री यह मुस्लिम तुष्टिकरण, असंगति, पक्षपात आखिर क्यों ?

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