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टेक्नोलॉजी

फेसबुक ने किया हज़ारों जाली अकॉउंटस का सफाया

फेसबुक ने कहा, "हम दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रगति कर रहे हैं, लेकिन जैसा कि हमने पहले कहा है, यह एक निरंतर प्रयास है।"

फेसबुक ने सोशल मीडिया के हो रहे दुरुपयोग को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। (Unsplash)

फेसबुक ने 1,196 अकाउंट, इंस्टाग्राम से 994 दुर्भावनापूर्ण अकाउंट को हटा दिया है, साथ ही इसने फर्जी 7,947 पेज और 110 ग्रुप्स भी हटा दिए हैं। अक्टूबर में, फेसबुक ने अकाउंट, पेज और ग्रुप्स के 14 नेटवर्क हटा दिए। उनमें से आठ – जॉर्जिया, म्यांमार, यूक्रेन और अजरबैजान से थे जिन्होंने अपने देशों में घरेलू ऑडियंस को टारगेट किया और छह नेटवर्क – ईरान, मिस्र, अमेरिका और मेक्सिको से हटाए जो अपने देशों के बाहर के लोगों पर फोकस्ड थे।

म्यांमार में, इसने 36 फेसबुक अकाउंट, छह पेज, दो ग्रुप और एक इंस्टाग्राम अकाउंट को हटाया जो एक पीआर एजेंसी ओपनमाइंड से लिंक है।


फेसबुक ने एक बयान में कहा, “हमने इस नेटवर्क को म्यांमार में नवंबर चुनाव से पहले इस क्षेत्र में संदिग्ध समन्वित इनऑथेन्टिक बिहेवियर की हमारी सक्रिय जांच के हिस्से के रूप में पाया।”

यह भी पढ़ें – भारतीय समाज के लिए सोशल मीडिया एक खतरा !

सोशल नेटवर्क ने म्यांमार में लोगों द्वारा संचालित 10 फेसबुक अकाउंट, 8 पेज, 2 ग्रुप और 2 इंस्टाग्राम अकाउंट को भी हटा दिया। ये घरेलू ऑडियंस पर केंद्रित थे।

अमेरिका में, फेसबुक ने 202 फेसबुक अकाउंट, 54 पेज और 76 इंस्टाग्राम अकाउंट को हटाया, जो एक अमेरिकी मार्केटिंग फर्म, रैली फोर्ज से जुड़े हुए थे और टर्निग पॉइंट यूएसए और इनक्लूसिव कंजर्वेशन ग्रुप की ओर से काम कर रहा है।

फेसबुक ने कहा, “हम दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रगति कर रहे हैं, लेकिन जैसा कि हमने पहले कहा है, यह एक निरंतर प्रयास है। हम लगातार आगे रहने के लिए सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” (आईएएनएस)

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शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
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कंपनी ने जुलाई में घोषणा की थी कि उसके इलेक्ट्रिक स्कूटर को पहले 24 घंटों के भीतर 100,000 बुकिंग प्राप्त हुए हैं, जो कि एक बहुत बड़ी सफलता है। 24 घंटे में इतनी ज्यादा बुकिंग मिलना चमत्कार से कम नहीं है। इसकी डिलीवरी अक्टूबर 2021 से शुरू होगी और खरीदारों को खरीद के 72 घंटों के भीतर अनुमानित डिलीवरी की तारीखों के बारे में सूचित किया जाएगा।

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केबीसी यानि कोन बनेगा करोड़पति भारतीय टेलिविज़न का एक लोकप्रिय धारावाहिक है । यहा पर अक्सर ही कई सेलिब्रिटीज आते रहते है । इसी बीच केबीसी के मंच पर भारत की हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश पहुंचे । केबीसी 13' पर मेजबान अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीतने को लेकर बात की। श्रीजेश ने साझा किया कि "हम इस पदक के लिए 41 साल से इंतजार कर रहे थे। साथ उन्होंने ये भी कहा की वो व्यक्तिगत रूप से, मैं 21 साल से हॉकी खेल रहे है। आगे श्रीजेश बोले मैंने साल 2000 में हॉकी खेलना शुरू किया था और तब से, मैं यह सुनकर बड़ा हुआ हूं कि हॉकी में बड़ा मुकाम हासिल किया, हॉकी में 8 गोल्ड मेडल मिले। इसलिए, हमने खेल के पीछे के इतिहास के कारण खेलना शुरू किया था। उसके बाद हॉकी एस्ट्रो टर्फ पर खेली गई, खेल बदल दिया गया और फिर हमारा पतन शुरू हो गया।"

जब अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ के बारे में अधिक पूछा, तो उन्होंने खुल के बताया।"इस पर अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ पर खेलते समय कठिनाई के स्तर को समझने की कोशिश की। इसे समझाते हुए श्रीजेश कहते हैं कि "हां, बहुत कुछ, क्योंकि एस्ट्रो टर्फ एक कृत्रिम घास है जिसमें हम पानी डालते हैं और खेलते हैं। प्राकृतिक घास पर खेलना खेल शैली से बिल्कुल अलग है। "

इस घास के बारे में आगे कहते हुए श्रीजेश ने यह भी कहा कि "पहले सभी खिलाड़ी केवल घास के मैदान पर खेलते थे, उस पर प्रशिक्षण लेते थे और यहां तक कि घास के मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेलते थे। आजकल यह हो गया है कि बच्चे घास के मैदान पर खेलना शुरू करते हैं और बाद में एस्ट्रो टर्फ पर हॉकी खेलनी पड़ती है। जिसके कारण बहुत समय लगता है। यहा पर एस्ट्रो टर्फ पर खेलने के लिए एक अलग तरह का प्रशिक्षण होता है, साथ ही इस्तेमाल की जाने वाली हॉकी स्टिक भी अलग होती है।" सब कुछ बदल जाता है ।

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