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फ़ेसबूक(Image: Pixabay)

फेसबुक अपनी विषयसामग्रियों के अनुशोधन के लिए तकनीकि के तीन पहलुओं पर आश्रित रहता है ताकि अपने बाकी के सभी ऐप्स में अपनी समीक्षा की प्रक्रिया को लागू कर सके। सबसे पहले जिस पहलू की बात करेंगे उसका नाम ‘प्रोएक्टिव डिटेक्शन’ है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) द्वारा किसी कंटेंट को लेकर यूजर्स के रिपोर्ट किए बिना ही विभिन्न क्षेत्रों में उल्लंघनों का पता लगाया जा सकता है और इसके परिणाम भी यूजर्स के रिपोर्ट्स के मुकाबले कहीं सटीक होते हैं।

कंपनी ने अपने एक बयान में कहा, इससे हमें हानिकारक विषयसामग्रियों का पता लगाने में मदद मिलती है और सैकड़ों व हजारों की तादात में लोगों द्वारा इसे देखे जाने पर रोक लगाई जाती है।


‘ऑटोमेशन’ वह दूसरा पहलू है जहां कुछ निश्चित क्षेत्रों के लिए एआई के स्वचालित निर्णय होते हैं, जहां कंटेंट या विषयसामग्री के उल्लंघन होने की संभावना बहुत अधिक रहता है।

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फेसबुक में इंटेग्रिटी के प्रोडक्ट मैनेजमेंट के निदेशक जेफ किंग ने कहा, “ऑटोमेशन या स्वचालन से पहले से रिपोर्ट किए गए किसी विषयसामग्री पर कार्रवाई करने का काम भी काफी आसान हो जाता है, इससे हमारी टीम को एक ही चीज की समीक्षा बार-बार नहीं करनी पड़ती है जिससे समय भी बचता है। कोविड-19 महामारी के वक्त तो ये सिस्टम और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए है जब विषयसामग्रियों की समीक्षा करने वाली हमारी टीम अपने-अपने घरों में बैठकर काम कर रहे हैं।”

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तीसरा पहलू ‘प्राथमिकता’ है।

रिपोर्ट किए गए विषयसामग्रियों को सिर्फ क्रमबद्ध तरीके से देखने के बजाय एआई उस विषयसामग्री की समीक्षा को प्राथमिकता देता है जो कि महत्वपूर्ण है, चाहें इसे फेसबुक में रिपोर्ट किया गया हो या फिर अपने ही प्रोटेक्टिव सिस्टम द्वारा इसका पता लगाया गया हो।(आईएएनएस)

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यूपी में आज होने वाली थी यूपी टीईटी की परीक्षा। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(Yogi Adityanath) ने रविवार को घोषणा की कि यूपी टीईटी-2021(UP TET-2021) पेपर-लीक में शामिल लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट(Gangster Act) और एनएसए लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, जो लोग इस अपराध में शामिल हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उनकी संपत्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम लागू करने के साथ ही जब्त कर लिया जाएगा।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को खराब करने वाले सभी लोगों को चेतावनी का एक नोट भेजते हुए, उन्होंने कहा, यदि कोई युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहा है, तो उसे परिणामों के बारे में पता होना चाहिए। चाहे वह नौकरी हो या कोई परीक्षा। अत्यधिक पारदर्शिता बनाए रखी जानी चाहिए।

आदित्यनाथ ने यह भी आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर परीक्षा फिर से पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। किसी भी परीक्षार्थी से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और सरकार यूपीएसआरटीसी की बसों के माध्यम से उनके मुक्त आवागमन की व्यवस्था करेगी।

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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस तीन दशक से सत्ता से बाहर है। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में कांग्रेस(Congress) को अरसा हो गया है सत्ता में आए हुए। लगभग 3 दशक हो गए हैं और अब तक कांग्रेस सत्ता से बाहर है। इसके कई कारण है पर सबसे बड़ा कारण है राज्य में कांग्रेस का गठबंधनों पर निर्भर रहना।

कांग्रेस का गठबंधन(Alliance) का खेल साल 1989 ने शुरू हुआ जब राज्य में वो महज़ 94 सीटें जीत पाई और उसने तुरंत मुलायम सिंह यादव(Mulayam Singh Yadav) के नेतृत्व वाली जनता दल सरकार को समर्थन दे दिया था।

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मोहम्मद खालिद (IANS)

मिलिए झारखंड(Jharkhand) के हजारीबाग निवासी मृतकों के अज्ञात मित्र मोहम्मद खालिद(Mohammad Khalid) से। करीब 20 साल पहले उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई, जब उन्होंने सड़क किनारे एक मृत महिला को देखा। लोग गुजरते रहे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

हजारीबाग में पैथोलॉजी सेंटर चलाने वाले खालिद लाश को क्षत-विक्षत देखकर बेचैन हो गए। उन्होंने एक गाड़ी का प्रबंधन किया, एक कफन खरीदा, मृत शरीर को उठाया और एक श्मशान में ले गए, बिल्कुल अकेले, और उसे एक सम्मानजनक अंतिम संस्कार(Last Rites) दिया। इस घटना ने उन्हें लावारिस शवों का एक अच्छा सामरी बना दिया, और तब से उन्होंने लावारिस शवों को निपटाने के लिए इसे अपने जीवन का एक मिशन बना लिया है।

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