Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

किसान आंदोलन : उत्तर भारत में टूटी सप्लाई चेन, उद्योग-धंधे प्रभावित

संपूर्ण उत्तर भारत में सप्लाई चेन टूट चुकी है जिससे उद्योग धंधे काफी प्रभावित हो गए हैं। फैक्ट्रियों में कहीं कच्चे माल की कमी है तो कहीं तैयार माल की सप्लाई नहीं होने से गोदामों में रखने की जगह नहीं बची है।

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ किसान नेताओ की बैठक हुई, इसमें किसानो ने मांग रखी कि दिल्ली के उपराज्यपाल से मिलने का समय आप हमें लेकर दें। (Twitter)

By : प्रमोद कुमार झा

किसान आंदोलन के चलते देश की राजधानी दिल्ली को हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग, जीटी रोड समेत अन्य प्रमुख मार्ग बंद होने से संपूर्ण उत्तर भारत में सप्लाई चेन टूट चुकी है जिससे उद्योग धंधे काफी प्रभावित हो गए हैं। फैक्ट्रियों में कहीं कच्चे माल की कमी है तो कहीं तैयार माल की सप्लाई नहीं होने से गोदामों में रखने की जगह नहीं बची है। पंजाब की उद्योग नगरी लुधियाना का हौजरी उद्योग किसान आंदोलन से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।


निटवेअर एंड अपेरल मन्युफैक्च र्स एसोसिएशन ऑफ लुधियाना के प्रेसीडेंट सुदर्शन जैन ने आईएएनएस को बताया कि कपड़ा उद्योग पर पहले कोरोना महामारी की मार पड़ी और अब किसान आंदोलन से उद्योग बुरी तरह प्रभावित है। उन्होंने कहा, दिल्ली में किसानों का आंदोलन शुरू होने से पहले पंजाब में पहले से ही किसानों का प्रदर्शन चल रहा है जिससे रेल-रोड यातायात प्रभावित रहा है। ऐसे में उनका तैयार माल देश-विदेश के बाजारों में नहीं पहुंच पा रहा है।

जैन ने कहा कि गरमी के सीजन की बिक्री कोरोना महामारी की भेंट चढ़ गई और अब सर्दी के सीजन की बिक्री किसान आंदोलन से ठप पड़ गई है। उन्होंने कहा कि देश के पंजाब से बिहार, ओडिशा समेत देश के अन्य प्रांतों में माल भेजने के लिए परिवहन और कुरियर सेवा के लिए दिल्ली पर निर्भर करना पड़ता है जबकि जीटी रोड, जो उत्तर-भारत में सड़क परिवहन की जीवन-रेखा है, वह तीन सप्ताह से बंद है।

यह भी पढ़ें : मुंबई की मीठी नदी को लेकर केंद्र की लापरवाही का आर.टी.आई ने किया बड़ा खुलासा

किसानों के आंदोलन से बंद है दिल्ली बॉर्डर

दिल्ली की सीमा पर जीटी रोड स्थित सिंघु बॉर्डर किसानों के आंदोलन का मुख्य-स्थल है जो 26 नवंबर से बंद है। इसके अलावा, दिल्ली टिकरी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर समेत राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने वाले कुछ अन्य मुख्य मार्गों को भी प्रदर्शकारी किसानों ने बंद कर रखा है जिससे ट्रकों का आवागमन बंद है। इससे फैक्ट्रियों से न तो तैयार माल बाजार तक पहुंच पा रहा है और न ही कच्चे माल की आपूर्ति हो पा रही है। दिल्ली के कारोबारियों ने बताया कि किसान आंदोलन के चलते कच्चे माल की किल्लत हो गई है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली स्थित मायापुरी इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी नीरज सहगल ने आईएएनएस को बताया कि दिल्ली-एनसीआर में कच्चे माल की सप्लाई चेन टूट चुकी है, जिससे फैक्ट्रियों का काम-काज प्रभावित है। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी थोड़ी-बहुत आपूर्ति हो भी रही है, वह काफी महंगे भाव पर हो रही है। उन्होंने बताया कि कच्चा माल महंगा होने से कोरोना काल में आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे उद्योग पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। सहगल ने कहा, ”उद्योग बंद नहीं हुआ है लेकिन रफ्तार थम गई है। बड़े ट्रक नहीं आ पा रहे हैं जिससे कच्चा माल महंगा हो गया है।” उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद किसान आंदोलन के कारण दिल्ली में उद्योगों पर दोहरी मार पड़ी है।

अंग्रेजी में पढ़ने के लिए : The farmer question: 6 main problems of Indian agriculture and 9 solutions to fix them

कच्चे माल की आपूर्ति का संकट

कुछ अन्य कारोबारियों ने बताया कि अगर कोई रास्ता खुला भी है तो लोग अपना तैयार माल भेजना नहीं चाहते हैं क्योंकि डर है कि आंदोलन के कारण वह माल गंतव्य तक सुरक्षित पहुंच पाएगा या नहीं है। ओखला चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के चेयरमैन अरुण पोपली ने कहा,” दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत पूरे उत्तर भारत में कच्चे माल की आपूर्ति का संकट खड़ा हो गया है और तैयार माल भी बाजारों तक नहीं पहुंच पा रहा है।” उन्होंने कहा कि अगर यह स्थिति कुछ और दिनों तक रही तो फैक्टरियां बंदी के कगार पर पहुंच जाएंगी जिससे बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।उद्योग संगठनों का अनुमान है कि किसान आंदोलन के चलते रोजाना करीब 3,500 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। ( आईएएनएस )

Popular

मोहम्मद खालिद (IANS)

मिलिए झारखंड(Jharkhand) के हजारीबाग निवासी मृतकों के अज्ञात मित्र मोहम्मद खालिद(Mohammad Khalid) से। करीब 20 साल पहले उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई, जब उन्होंने सड़क किनारे एक मृत महिला को देखा। लोग गुजरते रहे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

हजारीबाग में पैथोलॉजी सेंटर चलाने वाले खालिद लाश को क्षत-विक्षत देखकर बेचैन हो गए। उन्होंने एक गाड़ी का प्रबंधन किया, एक कफन खरीदा, मृत शरीर को उठाया और एक श्मशान में ले गए, बिल्कुल अकेले, और उसे एक सम्मानजनक अंतिम संस्कार(Last Rites) दिया। इस घटना ने उन्हें लावारिस शवों का एक अच्छा सामरी बना दिया, और तब से उन्होंने लावारिस शवों को निपटाने के लिए इसे अपने जीवन का एक मिशन बना लिया है।

Keep Reading Show less

भारत आज स्टार्टअप की दुनिया में सबसे अग्रणी- मोदी। (Wikimedia Commons)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) ने आज अपने "मन की बात"("Mann Ki Baat") कार्यक्रम में देशवासियों से बात करते हुए स्टार्टअप के महत्व पर ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा की जो युवा कभी नौकरी की तलाश में रहते थे वे आज नौकरी देने वाले बन गए हैं क्योंकि स्टार्टअप(Startup) भारत के विकास की कहानी में महत्वपूर्ण मोड़ बन गया है। उन्होंने आगे कहा की स्टार्ट के क्षेत्र में भारत अग्रणी है क्योंकि तक़रीबन 70 कंपनियों ने भारत में "यूनिकॉर्न" का दर्जा हासिल किया है। इससे वैश्विक स्तर पर भारत का कद और मज़बूत होगा।

उन्होंने आगे कहा की वर्ष 2015 में देश में मुश्किल से 9 या 10 यूनिकॉर्न हुआ करते थे लेकिन आज भारत यूनिकॉर्न(Unicorn) की दुनिया में भारत सबसे ऊँची उड़ान भर रहा है।

Keep Reading Show less