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World Water Day: जलवायु परिवर्तन से जल संबंधी आपदाएँ आने की आशंकाएं तेज़

World Water Day पर हमे कुछ ऐसी बातें जननी चाहिए जिनपर हमारा भविष्य निर्भर है। अन्यथा बहुत देर हो जाएगी।

By: Lisa Schlein


विश्व मौसम संगठन(World Meteorological Organization) ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन(Climate Change), पानी से संबंधित आपदाओं को तेज कर रहा है, जिससे दुनिया भर में अरबों लोगों के जीवन और आजीविका को खतरा है। जलवायु से संबंधित खतरों में बाढ़ और लंबे समय तक रहने वाले सूखा शामिल हैं। जलवायु परिवर्तन बारिश के पैटर्न को भी बदल रहा है, पानी की उपलब्धता को प्रभावित कर रहा है और जिसके कारन दुनिया भर में बाढ़ और सूखे का खतरा बढ़ रहा है। डब्लूएमओ का कहना है कि पानी के बिंदुओं और स्वच्छता सुविधाओं को नष्ट करने और जल स्रोतों को दूषित करने से बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। परिणामस्वरूप, WMO के प्रवक्ता क्लेर नूलिस(Clare Nullis) का कहना है कि अरबों लोगों के पास स्वच्छ पानी और स्वच्छता आभाव है।

“इसलिए, वैश्विक आबादी के 39 प्रतिशत लोगों को स्वच्छ पीने के पानी तक उपलब्ध नहीं है। यह समस्या के मुख्य रूप से सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों, जनसंख्या वृद्धि के कारण, पानी के स्रोतों में परिवर्तन जैसे ग्लेशियरों का उम्मीद से ज़्यादा पिघलना, जैसे कारणों से पैदा हुई है। डब्लूएमओ ग्लेशियरों को दुनिया के पानी के टावर कहता है। यह बर्फ के आवरण के पिघलने की चेतावनी देता है और यही ग्लेशियर अधिक खतरों की ओर ले जा रहे हैं और सैकड़ों करोड़ लोगों की लम्बे-समय की जल सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।

ग्लेशियर का तेज़ी पिघलना पानी की समस्या को न्यौता दे रहा है।(Pixabay)

नलिस ने कहा कि यह सबसे नाटकीय उदाहरणों में से एक है कि, “ताजिकिस्तान में देखा जा सकता है, एक ऐसा देश जहां 20 वीं शताब्दी में 14,500 से अधिक ग्लेशियर थे।आज, इनमें से एक हजार से अधिक पूरी तरह से पिघल गए हैं और इसकी कुल मात्रा में एक तिहाई की कमी आई है। यह बेहद कम समय में हिमस्खलन, कीचड़ के प्रवाह, बाढ़ जैसे अन्य अधिक खतरों की ओर जाता है – जिसे हम ‘ग्लेशियर आउटबर्स्ट’ कहते हैं।” 

यह भी पढ़ें: UN की रिपोर्ट में कहा गया की खाने की बर्बादी का सही डाटा ग़ायब है ? 

ग्लेशियर पानी का एक प्रमुख स्रोत हैं। लंबे समय के खतरों को ध्यान में रखते हुए, नुलिस ने चेतावनी दी कि ग्लेशियर पिघलने से कई लाखों लोगों के लिए पानी का तनाव बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में एक ही घटना दोहराई जा रही है। WMO का कहना है कि दुनिया भर के आधे से अधिक देशों में पानी के लिए कोई गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली नहीं है। एजेंसी दुनिया के घटते जल स्रोतों की सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन को कम करने पर अधिक ठोस कार्रवाई के लिए कह रही है।(VOA)

(हिंदी अनुवाद: शान्तनू मिश्रा)

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यूपी में आज होने वाली थी यूपी टीईटी की परीक्षा। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(Yogi Adityanath) ने रविवार को घोषणा की कि यूपी टीईटी-2021(UP TET-2021) पेपर-लीक में शामिल लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट(Gangster Act) और एनएसए लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, जो लोग इस अपराध में शामिल हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उनकी संपत्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम लागू करने के साथ ही जब्त कर लिया जाएगा।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को खराब करने वाले सभी लोगों को चेतावनी का एक नोट भेजते हुए, उन्होंने कहा, यदि कोई युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहा है, तो उसे परिणामों के बारे में पता होना चाहिए। चाहे वह नौकरी हो या कोई परीक्षा। अत्यधिक पारदर्शिता बनाए रखी जानी चाहिए।

आदित्यनाथ ने यह भी आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर परीक्षा फिर से पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। किसी भी परीक्षार्थी से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और सरकार यूपीएसआरटीसी की बसों के माध्यम से उनके मुक्त आवागमन की व्यवस्था करेगी।

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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस तीन दशक से सत्ता से बाहर है। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में कांग्रेस(Congress) को अरसा हो गया है सत्ता में आए हुए। लगभग 3 दशक हो गए हैं और अब तक कांग्रेस सत्ता से बाहर है। इसके कई कारण है पर सबसे बड़ा कारण है राज्य में कांग्रेस का गठबंधनों पर निर्भर रहना।

कांग्रेस का गठबंधन(Alliance) का खेल साल 1989 ने शुरू हुआ जब राज्य में वो महज़ 94 सीटें जीत पाई और उसने तुरंत मुलायम सिंह यादव(Mulayam Singh Yadav) के नेतृत्व वाली जनता दल सरकार को समर्थन दे दिया था।

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मोहम्मद खालिद (IANS)

मिलिए झारखंड(Jharkhand) के हजारीबाग निवासी मृतकों के अज्ञात मित्र मोहम्मद खालिद(Mohammad Khalid) से। करीब 20 साल पहले उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई, जब उन्होंने सड़क किनारे एक मृत महिला को देखा। लोग गुजरते रहे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

हजारीबाग में पैथोलॉजी सेंटर चलाने वाले खालिद लाश को क्षत-विक्षत देखकर बेचैन हो गए। उन्होंने एक गाड़ी का प्रबंधन किया, एक कफन खरीदा, मृत शरीर को उठाया और एक श्मशान में ले गए, बिल्कुल अकेले, और उसे एक सम्मानजनक अंतिम संस्कार(Last Rites) दिया। इस घटना ने उन्हें लावारिस शवों का एक अच्छा सामरी बना दिया, और तब से उन्होंने लावारिस शवों को निपटाने के लिए इसे अपने जीवन का एक मिशन बना लिया है।

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