Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
दुनिया

पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी बच्चों की पढ़ाई पर डाल रहा है असर

स्कूल के सभी 697 विद्यार्थी अपने जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं। किन्तु सीमा पार से होती गोलीबारी उनके भविष्य पर भी दुष्प्रभाव डाल रहा है।

सीमा पार से गोलीबारी बन रही है बच्चों की पढाई में बाधा। (सांकेतिक चित्र, Pixabay)

By: सुमित कुमार सिंह

जम्मू एवं कश्मीर की लोलाब घाटी के चंडीगाम में आर्मी गुडविल स्कूल में पढ़ने वाले 11वीं कक्षा के छात्र मुबाशिर का कहना है, “मैं एक डॉक्टर बनना चाहता हूं और मुझे यकीन है कि मैं प्रवेश परीक्षा में सफल हो जाउंगा।” मुबाशिर जहां रहता है, वो जगह नियंत्रण रेखा (एलओसी) से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।


मुबाशिर और उनके सहपाठियों की पढ़ाई के बीच में सीमा पार से होने वाली निरंतर गोलाबारी एकमात्र बाधा है। यह बच्चे पाकिस्तान की ओर से लगातार गोलीबारी के बीच ही रहते हैं, खेलते हैं और अध्ययन करते हैं।

एक साल पहले जब भारत ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्या का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को निरस्त किया था और कश्मीर एक केंद्र शासित क्षेत्र में बदल दिया गया, तभी से सीमा पार से गोलीबारी दोगुनी हो गई है, जिससे सामान्य जीवन और भी मुश्किल हो गया है।

ये छात्र पढ़ाई में काफी अच्छे हैं और उन्हें विभिन्न पाइथागोरस प्रमेय (थ्योरम) के बारे में बेहतर जानकारी है।

स्कूल के सभी 697 विद्यार्थी, जिनमें 472 छात्र और 225 छात्राएं शामिल हैं, वे अपने जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं। कक्षा नौवीं के छात्र साहिल भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में जाने के इच्छुक हैं। साहिल ने कहा, “मैं आईएएस की परीक्षा को पास करना चाहता हूं।”

स्कूल की प्रधानाचार्य जाहिदा मकबूल शाह ने कहा कि स्कूल की स्थापना 2000 में सेना के सद्भावना कार्यक्रम के तहत की गई थी, जिसे बाद में कक्षा 12वीं तक अपग्रेड किया गया और 2015-16 में इसे जम्मू एवं कश्मीर बोर्ड ऑफ एजुकेशन द्वारा मान्यता प्राप्त हुई।

यह अपनी अच्छी तरह से संरचित पाठ्यक्रम, शिक्षण विधियों और बुनियादी ढांचे के लिए बहुत लोकप्रिय है, जिसमें एक कंप्यूटर प्रयोगशाला और एक विज्ञान प्रयोगशाला भी है। इसमें लोलाब घाटी के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हिंदी कक्षाएं भी शामिल हैं।

शाह ने कहा, “हमारे स्कूल में छात्र दूर-दूर के क्षेत्रों से आते हैं। कुछ तो स्कूल आने के लिए हर दिन 20 किलोमीटर तक की यात्रा भी करते हैं।”

उन्होंने कहा कि यहां छात्र सोगम, वौरा, क्रुसन, खुमरियाल और कुपवाड़ा जैसे क्षेत्रों से आते हैं और स्कूल की ओर से दूर के स्थानों से छात्रों को लाने-ले जाने की सुविधा के लिए बसें भी चलाई जा रही हैं।

यह भी पढ़ें: पाक पर मंडरा रहा खतरा, इमरान की घबराहट बढ़ी

छात्रों से ली जाने वाली फीस उन्हें प्रदान की जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता के संबंध में नाममात्र ही है। उन्होंने कहा, “जैसा कि स्कूल चलाने के पीछे मकसद अवाम की तरक्की (लोगों का विकास) है, इसलिए शुल्क उचित है।”

प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि उनके स्कूल के छात्र अच्छा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारे स्कूल के इंद्रेश अहमद बॉलीवुड में काम कर रहे हैं। इसी तरह, साकिब फारूक लोन आईआईटी खड़गपुर से फिलॉसफी की पढ़ाई कर रहे हैं।”

स्कूल घाटी में सेना द्वारा स्थापित 28 आर्मी गुडविल स्कूलों में से एक है।

वर्तमान में, घाटी में सेना के स्कूलों में 6,025 लड़के और 3,501 लड़कियां पढ़ रही हैं और उन्हें इलाके में पिछले तीन दशकों से चले आ रहे आतंकवाद का सामना भी करना पड़ रहा है।(आईएएनएस)

Popular

प्रशांत किशोर (Twitter, Prashant Kishor)

मशहूर चुनावी रणनीतिकार और कैंपेन मैनेजर प्रशांत किशोर(Prashant Kishor) ने एक बार फिर से सुर्खियों में है। वैसे भी पिछले कुछ समय से प्रशांत किशोर लगातार कांग्रेस पार्टी(Congress party) पर, एक के बाद एक विरोधी बयानबाजी कर रहे हैं। गुरुवार को एक बार फिर प्रशांत किशोर ने कहा कि जो पार्टी पिछले 10 सालों में 90 फीसदी चुनाव हार चुकी है वह विपक्ष का नेतृत्व कैसे कर सकती है, क्या पार्टी में किसी एक व्यक्ति (राहुल गांधी) का कोई दैवीय अधिकार है?

प्रशांत किशोर(Prashant Kishor)ने ट्वीट कर कहा, ''कांग्रेस जिस विचार और स्थान (विशेष वर्ग) का प्रतिनिधित्व करती है, वो एक मजबूत विपक्ष के लिए बेहद अहम है। लेकिन इसके लिये कांग्रेस नेतृत्व को व्यक्तिगत तौर पर कोई दैवीय अधिकार नहीं है, वो भी तब जब पार्टी पिछले 10 सालों में 90 फीसदी चुनावों में हार चुकी है। विपक्ष के नेतृत्व का फैसला लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए..''

Keep Reading Show less

मनरेगा योजना (Wikimedia Commons)

राज्यसभा(Rajyasabha) में विपक्ष(Opposition) के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे(Mallikarjun Khadge) ने गुरुवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार(Central Government) सत्ता में आने के बाद से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के बजट को कम कर रही है।'

खड़गे ने आरोप लगाया, “2020-21 में मनरेगा(MNREGA) के तहत बजट 1,10,000 करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 73,000 करोड़ रुपये हो गया है।”"मोदी सरकार सत्ता में आने के बाद से नरेगा बजट में कटौती कर रही है। उनका इरादा यह देखना है कि गरीब अपने पैरों पर खड़े न हों और स्वाभिमान के साथ न रहें। उनका 1,10,000 करोड़ रुपये का बजट है।

Keep Reading Show less

विक्की कौशल और कैटरीना कैफ की शादी में शामिल होने वाले मेहमानों को गुप्त कोड दिए जाएंगे। (IANS)

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्थित सिक्स सेंस फोर्ट बरवाड़ा में 9 दिसंबर को बॉलीवुड सितारों विक्की कौशल (Vicky Kaushal) और कैटरीना कैफ (Katrina Kaif) के बीच बहुप्रतीक्षित शादी में शामिल होने वाले मेहमानों को शादी समारोह को पूरी तरह से गोपनीय रखने के लिए गुप्त कोड दिए जाएंगे। सूत्रों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी है। मेहमानों को प्रदान किए गए गुप्त कोड के आधार पर विवाह स्थल में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

शादी (Katrina Kaif and Vicky Kaushal’s wedding) में शामिल होने वाले विशिष्ट अतिथियों की पहचान गुप्त रखी जाएगी, इसलिए होटल ने सभी मेहमानों को नाम के बजाय कोड आवंटित किए हैं। इन कोडों के आधार पर मेहमानों को विभिन्न सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जैसे रूम सर्विस, सुरक्षा आदि।

सूत्रों के अनुसार, भव्य विवाह समारोह के लिए निर्धारित एसओपी में शादी की उपस्थिति का खुलासा न करना, फोटोग्राफी नहीं करना, सोशल मीडिया पर तस्वीरें और स्थान साझा नहीं करना आदि शामिल हैं। साथ ही, मेहमानों का बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं होना चाहिए, जब तक वे कार्यक्रम स्थल से बाहर नहीं निकल जाते।

Keep reading... Show less