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दुनिया

भारतीय-अमेरिकियों के लिए हैरिस के निर्वाचन ने साबित किया अमेरिका है अवसरों का देश

कमला हैरिस पहली भारतीय हैं जो अमेरिका के उप-राष्ट्रपति का पदभार संभालेंगी और तो और वह पहली महिला भी बन गई हैं जो इतने बड़े मुकाम को हासिल करेंगी।

अमेरिका की आगामी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस। (VOA)

By: अरुल लुईस

भारतीय-अमेरिकी संगठन और नेता बतौर अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के निर्वाचन के बाद अमेरिका को सपने पूरा करने के अवसरों की भूमि के तौर पर देख रहे हैं और हैरिस और जो बाइडन के साथ काम करने को लेकर उत्सुक हैं।


एक एडवोकेसी और पॉलिटिकल एक्शन ग्रुप इंडियन-अमेरिकन इम्पैक्ट फंड के कार्यकारी निदेशक, नील मखीजा ने कहा, “भारतीय-अमेरिकियों की एक पीढ़ी ने इस देश को अपना घर बना लिया क्योंकि उन्हें पता था कि इसका मतलब है कि उनके बच्चों के लिए कुछ भी संभव है। आज, उन भारतीय-अमेरिकियों में से एक की बेटी ने उनके विश्वास को साबित किया है।”

उन्होंने कहा कि पेंसिल्वेनिया और एरिजोना जैसे प्रमुख राज्यों में वोट देकर भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने बाइडन-हैरिस के लिए जीत का मार्ग प्रशस्त किया।

इम्पैक्ट ने प्रमुख राज्यों में एशियाई और भारतीय अमेरिकी समुदाय के मतदाताओं के मतदान प्रयासों का समर्थन करने के लिए 1 करोड़ डॉलर जुटाए जिनमें पेंसिल्वेनिया और एरिजोना भी शामिल रहे।

उन्होंने कहा कि संगठन ने समुदाय को बढ़चढ़कर मतदान करने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से प्रत्येक प्रमुख राज्य पेंसिल्वेनिया, एरिजोना, नॉर्थ कैरोलाइना और टेक्सस में लगभग 20 लाख डॉलर खर्च किए।

एशियन अमेरिकन आइलैंडर विक्ट्री फंड के चेयरमैन शेखर नरसिम्हन ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि अपने जीवनकाल में एक भारतवंशी को उपराष्ट्रपति जैसे बड़े पद पर देखूंगा।”

अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस। (VOA)

उन्होंने कहा, “हमने एक बार फिर साबित किया है कि लोकतंत्र काम करता है और हम लोग चुनते हैं।”

भारतीय-अमेरिकी सक्रियता को बढ़ावा देने वाले इंडिस्पोरा के संस्थापक एम.आर. रंगास्वामी ने याद किया कि 2016 में जब बाइडन उपराष्ट्रपति थे, तो उनके संगठन ने बाइडन के आवास पर दिवाली समारोह आयोजित किया था।

उन्होंने कहा, “हम पेरिस जलवायु समझौते में फिर से शामिल होने के लिए बाइडन की प्रतिबद्धता की सराहना करते हैं क्योंकि पर्यावरण भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।”

यह भी पढ़ें: क्या 77 वर्षीय बाइडन व्हाइट हाउस पहुंचने पर चीन पर नरम पड़ेंगे?

धर्म और शिक्षा मामले पर सिख काउंसिल के चेयरमैन और इकोसिख के संस्थापक राजवंत सिंह ने कहा कि अमेरिका भर में सिखों ने बाइडन और हैरिस के निर्वाचित होने पर खुशी जाहिर की है।

नेशनल सिख कैम्पेन के सह-संस्थापक गुरविन सिंह आहूजा ने कहा कि सिख धर्म का मुख्य मूल्य महिला सशक्तिकरण है और हम अमेरिका में एक ऊंचे पद पर एक महिला को देखकर उत्साहित हैं।

उन्होंने कहा कि बाइडन ने सिख समुदाय के महत्वपूर्ण मुद्दों पर समर्थन किया है और हमें भरोसा है कि देश को मजबूत करने के लिए बाइडन व्हाइट हाउस में सिखों और अन्य समुदाय का स्वागत करेंगे।(आईएएनएस)

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इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

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Credit- Wikimedia Commons

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वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

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Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

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