“हैंड ऑफ गॉड” डिएगो माराडोना के जीवन के कुछ अंश

डिएगो माराडोना का जन्म 30 अक्टूबर 1960 अर्जेंटीना में लानुस, ब्यूनस आयर्स मैं हुआ था । माराडोना ने अपने करियर की शुरुआत 16 साल की उम्र में अर्जेंटीना की जूनियर टीम के साथ की थी ।

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Diego Maradonaडिएगो माराडोना
डिएगो माराडोना । (Pinterest)

विश्व भर के फुटबॉल फैंस के लिए दुख का दौर! क्योंकि अर्जेंटीना को 1986 विश्व विजेता बनाने वाले महान फुटबॉल खिलाड़ी और सबके मनपसंद डिएगो माराडोना, 60 साल की उम्र में 25 नवंबर को दुनिया को अलविदा कह गए। दिल का दौरा पड़ने के कारण उनका निधन हुआ।

डिएगो माराडोना का सफर

डिएगो माराडोना का जन्म 30 अक्टूबर 1960 अर्जेंटीना में लानुस, ब्यूनस आयर्स मैं हुआ था । माराडोना ने अपने करियर की शुरुआत 16 साल की उम्र में अर्जेंटीना की जूनियर टीम के साथ की थी । लगातार मेहनत और लगन के साथ फुटबॉल खेलने के बाद वह दुनिया के सर्वकालिक महान फुटबॉलर भी बने ।

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1986 विश्व कप जीत और उसमें उनकी भूमिका

कप्तानी करते हुए डिएगो माराडोना ने अर्जेंटीना को 1986 में वर्ल्ड कप जिताने में सबसे अहम भूमिका निभाई थी और उनका करियर भी उस दौरान अपने सबसे शानदार दौर में था । इसके अतिरिक्त उन्होंने अपना सबसे फेमस “हैंड ऑफ गॉड” वाला गोल भी इंग्लैंड के खिलाफ मारा था । डिएगो माराडोना सबसे पहले चर्चा में तब आए, जब उन्होंने 1982 के विश्व कप में खेला था, तब वह मात्र 21 वर्ष के थे और वे स्टार खिलाड़ी के रूप में उभर आए ।

इसके बाद वह बार्सिलोना और नपोली फुटबॉल क्लब के लिए भी खेले थे । बता दें कि उन्होंने अर्जेंटीना के लिए कुल 34 गोल किए थे वह भी सिर्फ 91 मैचों में । उन्होंने चार बार अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप में रिप्रेजेंट भी करा है । माराडोना वही खिलाड़ी हैं जो अर्जेंटीना को 1990 के विश्वकप फाइनल में भी ले गए थे लेकिन वह टीम जर्मनी से हार गई थी ।

साल 1991 में उन्हें कोकेन और ड्रग्स के मामले में 15 महीने के लिए निलंबित भी किया गया था और वह ड्रग टेस्ट में पॉज़िटिव भी पाए गए थे। फिर एक समय वह भी आया, जब वो अर्जेंटीना के कोच भी बने और 2008 से लेकर 2010 तक अर्जेंटीना टीम के कोच बनकर खिलाड़ियों को नई-नई तकनीकों से अवगत कराया। 

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अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ियों ने दी श्रद्धांजलि

दुनिया के तमाम अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने डिएगो माराडोना को श्रद्धांजलि दी। सबसे पहले बात करते हैं महान खिलाड़ी ब्राजील के पेले की, उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि, कितनी दुखद खबर है, मैंने अपने अच्छे दोस्त को खो दिया! दुनिया ने एक महान खिलाड़ी को खो दिया। बहुत कुछ कहना है लेकिन अभी इतना ही कहूंगा ईश्वर उनके परिवार को शक्ति दे। उम्मीद करता हूं एक दिन हम स्वर्ग में साथ फुटबॉल खेलेंगे। 

मैसी , नेमार जूनियर ,रोनाल्डो और हरिकेन  जैसे मशहूर खिलाड़ियों ने भी उनकी मौत पर शोक जताया।

भारतीय फुटबाल टीम के मुख्य कोच इगोर स्टीमाक ने डिएगो माराडोना को याद करते हुए अपनी श्रद्धंजलि दी है। स्टीमाक ने कहा है कि माराडोना फुटबाल के राजा थे। कोई कैसे उन्हें एक शब्द या एक विशेषण में बयां कर सकता है? मैंने कई साल तक अपने देश का प्रतिनिधित्व किया, कई क्लबों के लिए खेला, मैं अभी भी इस महान खिलाड़ी की छाया से अभिभूत हूं।”

क्रिकेट खिलाड़ियों ने भी याद किया माराडोना को

यकीनन दुनिया ने एक खास खिलाड़ी को खोया है, जिसके चलते भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों एवं पूर्व खिलाड़ियों ने भी इस पर ट्वीट के माध्यम से शोक व्यक्त किया। सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और खेल मंत्री किरण रिजिजू ने भी ट्वीट किया।

सौरव गांगुली ने लिखा, ‘मेरा हीरो नहीं रहा। भगवान आपको शांति दे। मैं आपके लिए ही फुटबॉल देखता था।’ 

वहीं तेंडुलकर ने लिखा, ‘फुटबॉल और खेल की दुनिया ने एक महान खिलाड़ी को खो दिया है। आपकी आत्मा को भगवान शांति मिले डिएगो मराडोना। आप यादों में रहेंगे।’

किसी ने सही कहा है कि कोई भी महान आदमी या खिलाड़ी कभी मरता नहीं है । बल्कि उनकी यादें हमेशा हमारे दिल में और दिमाग में कैद होकर रह जाती हैं शायद ऐसे ही विश्व विजेता थे डिएगो माराडोना!

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