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देश

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आतंक पर चीन और पाकिस्तान पर निशाना साधा

By : अरुल लुईस आतंकवाद को समर्थन देने और आतंकवादियों को पनाह देने के लिए भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान और चीन पर निशाना साधा है। उन्होंने आतंकवाद जैसे वैश्विक संकट से निपटने के लिए आठ सूत्रीय योजना लॉन्च की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंत्रिस्तरीय बैठक में मंगलवार को अपने

By : अरुल लुईस

आतंकवाद को समर्थन देने और आतंकवादियों को पनाह देने के लिए भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान और चीन पर निशाना साधा है। उन्होंने आतंकवाद जैसे वैश्विक संकट से निपटने के लिए आठ सूत्रीय योजना लॉन्च की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंत्रिस्तरीय बैठक में मंगलवार को अपने भाषण से पहले, ट्यूनीशिया के विदेश मंत्री ओथमैन जेरांडी ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए एक सर्वसम्मति बयान जारी किया जिसमें सभी राष्ट्रों के दायित्व को ‘आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने और दबाने के लिए’ और आतंवाद के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई को मजबूत करने की आवश्यकता की पुष्टि की गई।” बैठक का आयोजन ट्यूनीशिया ने किया था।


उन्होंने वीडियो लिंक के जरिए बोलते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को सामूहिक रूप से उन देशों को जिम्मेदार ठहराना चाहिए और उन पर लगाम कसनी चाहिए जो आतंकवाद का समर्थन और आतंकवादियों को वित्तीय मदद, सुरक्षित पनाह देने के दोषी हैं। जयशंकर ने पाकिस्तान या चीन का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने अपनी बातों के संदर्भ में स्पष्ट रूप से इन देशों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ” हमने भारत में 1993 के मुंबई बम धमाकों के लिए अपराध सिंडिकेट को न केवल संरक्षण मिलते देखा बल्कि 5 स्टार आवभगत का आनंद लेते देखा।” उन्होंने इस संदर्भ में दाऊद इब्राहिम की मेजबानी करने वाले पाकिस्तान की ओर इशारा किया जिसके द्वारा अंजाम दिए गए हमले में 257 लोग मारे गए थे।”

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8 सूत्रीय योजना लॉन्च हुई

अपनी आठ-सूत्री योजना में, उन्होंने पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों द्वारा समर्थित दोहरे मानदंडों की आलोचना की और कहा, “आतंकवादी आतंकवादी होते हैं, कोई भी अच्छा और बुरा नहीं होता है। इस भेद का प्रचार करने वालों का एक एजेंडा होता है। और जो लोग उन्हें कवर करते हैं, वे बस दोषी हैं।”

चीन पर उन्होंने कहा कि चीन ने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को परिषद की प्रतिबंध समिति द्वारा एक अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी के रूप में घोषित करने के प्रस्ताव को एक दशक से अवरुद्ध कर रखा है। वह भारत पर कई आतंकवादी हमलों के पीछे जिम्मेदार है। चीन के समर्थन के साथ पाकिस्तान ने अल-कायदा और संबद्ध समूहों के प्रतिबंधों की सूची में शामिल होने के लिए चार भारतीयों, अजय मिस्त्री, गोबिंदा पटनायक, अप्पाजी और वेणुमाधव डोंगरा के नाम जारी किए लेकिन अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने पाक के नापाक इरादों पर पानी फेर दिया था।

जयशंकर की आठ सूत्री योजना आतंकवाद से निपटने के लिए सभी देशों द्वारा बिना शर्त प्रतिबद्धता के आह्वान के साथ शुरू होती है। जयशंकर ने सुझाव दिया कि संयुक्त राष्ट्र को वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के साथ सहयोग बढ़ाते हुए धन-शोधन और आतंकवाद-रोधी वित्तपोषण तंत्र की कमजोरियों को पहचानना और ठीक करना जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “संयुक्त राष्ट्र और देशों को बहिष्कारवादी सोच के खिलाफ काम करना चाहिए जो दुनिया को विभाजित करता है और हमारे सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाता है जो सांप्रदायिक घृणा को बढ़ावा देता है और कट्टरता की ओर ले जाता है।” (आईएएनएस)

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स्टेशन पर चाय बेचने वाले का बेटा चौथी बार संयुक्त राष्ट्र को संबोधित कर रहा है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (IANS)

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली में 76 सत्र मे संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए एक सकारात्मक और प्रेरक भाषण दिया।

यूएनजीए में भाषणों के सप्ताहांत चरण की शुरुआत के कुछ ही क्षणों के भीतर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "लोकतंत्र उद्धार कर सकता है, लोकतंत्र ने करके दिखाया है"। अपनी बात को आगे कहते हुए उन्होंने गहरी संवेदना से भरी, खुद के बारे में व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा, "स्टेशन पर चाय बेचने वाले का बेटा चौथी बार संयुक्त राष्ट्र को संबोधित कर रहा है।

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मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "जब भारत बढ़ता है, तो दुनिया बढ़ती है। (IANS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के समक्ष 22 मिनट के अपने संबोधन में 'अद्वितीय' पैमाने पर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और समस्या-समाधान क्षमता के संदर्भ में भारत की शक्ति के विचार को सामने रखा। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि जब भारतीयों की प्रगति होती है तो विश्व के विकास को भी गति मिलती है। मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "जब भारत बढ़ता है, तो दुनिया बढ़ती है। जब भारत में सुधार होता है, तो दुनिया बदल जाती है। भारत में हो रहे विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार दुनिया में एक बड़ा योगदान दे सकते हैं। हमारे तकनीकी समाधानों की मापनीयता और उनकी लागत-प्रभावशीलता दोनों अद्वितीय हैं।"

पेश हैं मोदी के भाषण की 10 खास बातें:

आकांक्षा: "ये भारत के लोकतंत्र की ताकत है कि एक छोटा बच्चा जो कभी एक रेलवे स्टेशन के टी-स्टॉल पर अपने पिता की मदद करता था, वो आज चौथी बार, भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर यूएनजीए को संबोधित कर रहा है।

लोकतंत्र: सबसे लंबे समय तक गुजरात का मुख्यमंत्री और फिर पिछले 7 साल से भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे हेड ऑफ गवर्मेट की भूमिका में देशवासियों की सेवा करते हुए 20 साल हो रहे हैं। मैं अपने अनुभव से कह रहा हूं। हां, लोकतंत्र उद्धार कर सकता है। हां. लोकतंत्र ने उद्धार किया है।"

बैंकिंग: "बीते सात वर्षों में भारत में 43 करोड़ से ज्यादा लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है, जो अब तक इससे वंचित थे। आज 36 करोड़ से अधिक ऐसे लोगों को भी बीमा सुरक्षा कवच मिला है, जो पहले इस बारे में सोच भी नहीं सकते थे।"

स्वास्थ्य देखभाल: "50 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा देकर, भारत ने उन्हें क्वालिटी हेल्थ सर्विस से जोड़ा है। भारत ने 3 करोड़ पक्के घर बनाकर, बेघर परिवारों को घर का मालिक बनाया है।"

जलापूर्ति: "प्रदूषित पानी, भारत ही नहीं पूरे विश्व और खासकर गरीब और विकासशील देशों की बहुत बड़ी समस्या है। भारत में इस चुनौती से निपटने के लिए हम 17 करोड़ से अधिक घरों तक, पाइप से साफ पानी पहुंचाने का बहुत बड़ा अभियान चला रहे हैं।"

भारत और भारतीय: "दुनिया का हर छठा व्यक्ति भारतीय है। जब भारतीय प्रगति करते हैं, तो दुनिया के विकास को भी गति मिलती है। जब भारत बढ़ता है, तो दुनिया बढ़ती है। जब भारत सुधार करता है, तो दुनिया बदल जाती है।"

विज्ञान और तकनीक: "भारत में हो रहे विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार दुनिया में एक बड़ा योगदान दे सकते हैं। हमारे तकनीकी समाधानों का स्केल और उनकी कम लागत, दोनों अतुलनीय है। भारत में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए हर महीने 3.5 अरब से ज्यादा ट्रांजेक्शन हो रहे हैं।"

यह भी पढ़ें :- खान को भारत का जवाब : पाकिस्तान 'आतंकवादियों का समर्थक, अल्पसंख्यकों का दमन करने वाला'

वैक्सीन : "मैं यूएनजीए को ये जानकारी देना चाहता हूं कि भारत ने दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन विकसित कर ली है, जिसे 12 साल की आयु से ज्यादा के सभी लोगों को लगाया जा सकता है। एक और एमआरएनए टीका विकास के अंतिम चरण में है।" निवेश का अवसर: "मैं दुनिया भर के वैक्सीन निमार्ताओं को भी निमंत्रण देता हूं। आओ, भारत में वैक्सीन बनाएं।"

आतंकवाद: "प्रतिगामी सोच वाले देश आतंकवाद को एक राजनीतिक उपकरण के रूप में उपयोग कर रहे हैं। इन देशों को यह समझना चाहिए कि आतंकवाद उनके लिए भी उतना ही बड़ा खतरा है। साथ ही, यह सुनिश्चित करना नितांत आवश्यक है कि अफगानिस्तान के क्षेत्र का उपयोग आतंकवाद फैलाने या आतंकवादी हमलों के लिए न हो।"

आतंकवाद से निपटने पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा, "हमें इस बात के लिए भी सतर्क रहना होगा कि वहां की नाजुक स्थितियों का कोई देश, अपने स्वार्थ के लिए, एक टूल की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश ना करे। इस समय अफगानिस्तान की जनता को, वहां की महिलाओं और बच्चों को, वहां के अल्पसंख्यकों को मदद की जरूरत है और इसमें हमें उन्हें सहायता प्रदान करके अपना दायित्व निभाना ही होगा।" (आईएएनएस-SM)


पूर्वोत्तर सीमा क्षेत्र बहुत संवेदनशील हैं और उनके लिए तोड़फोड़ के ऐसे प्रयासों के बारे में जानना नितांत आवश्यक है। (Unsplash)

भारत चीन सीमा पर बसे हुए गांव चिंता का विषय हैं। हैग्लोबल काउंटर टेररिज्म काउंसिल के सलाहकार बोर्ड ने एक बड़ी सूचना देते हुए बड़ा खुलासा किया है कि चीन ने भारत के साथ अपनी सीमा पर 680 'जियाओकांग' (समृद्ध या संपन्न गांव) बनाए हैं। ये गांव भारतीय ग्रामीणों को बेहतरीन चीनी जीवन की और प्रभावित करने के लिए हैं।

कृष्ण वर्मा, ग्लोबल काउंटर टेररिज्म काउंसिल के सलाहकार बोर्ड के एक सदस्य ने आईएएनएस को बताया, " ये उनकी ओर से खुफिया मुहिम और सुरक्षा अभियान है। वे लोगों को भारत विरोधी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए हम अपने पुलिस कर्मियों को इन प्रयासों के बारे में अभ्यास दे रहे हैं और उन्हें उनकी हरकतों का मुकाबले का सामना करने के लिए सक्षम बना रहे हैं। चीनी सरकार के द्वारा लगभग 680 संपन्न गांव का निर्माण किया जा चुका है। जो चीन और भूटान की सीमाओं पर हैं। इस गांव में चीन के स्थानीय नागरिक भारतीयों को प्रभावित करते है कि चीनी सरकार बहुत अच्छी है। शुक्रवार को भारत सरकार के पूर्व विशेष सचिव वर्मा गुजरात के गांधीनगर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) में 16 परिवीक्षाधीन उप अधीक्षकों (डीवाईएसपी) के लिए 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के अवसर पर एक कार्यक्रम में थे।

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