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दुनिया

जलवायु परिवर्तन का साथ में मुकाबला करेंगे फ्रांस और भारत

भारत और फ्रांस ने शुक्रवार को भारत-फ्रांस रणनीतिक वार्ता के 35वें सत्र के अवसर पर भारत-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने का निर्णय लिया और अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा की।

रक्षा, अंतरिक्ष, असैन्य परमाणु ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्रों मे साथ मिलकर काम करेंगे फ्रांस और भारत (Wikimedia commons)

हाल ही में फ्रांसीसी दूतावास द्वारा जारी एक बयान में कहा हैं कि फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जीन-यवेस ले ड्रियन ने शुक्रवार को पेरिस में आयोजित भारत-फ्रांस रणनीतिक वार्ता के 35वें सत्र के अवसर पर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ चर्चा की। इसके साथ यह भी कहा गया है कि फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने स्थानीय मौसम परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में प्राथमिकताओं का जिक्र किया। उन्होंने डोभाल के साथ जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की।

जानकारी के मुताबिक फ्रांस की राजधानी की यात्रा के दौरान एनएसए डोभाल ने फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली और यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जीन-यवेस ले ड्रियन से मुलाकात की। बता दें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच रोम में जी-20 के मौके पर हुई पिछली बैठक के बाद यह एक अनुवर्ती बैठक थी। फ्रांसीसी मंत्री ने भारत-फ्रांसरणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और इसके विभिन्न पहलुओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। विशेष रूप से रक्षा, अंतरिक्ष, असैन्य परमाणु ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्रों को ध्यान में रखा गया।


इस पर भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुअल लेनिन ने ट्विटर पर कहा, "पेरिस में 35वें रणनीतिक संवाद के अवसर पर एनएसए अजीत डोभाल के साथ अपनी बैठक में, फ्रांसीसी विदेश मामलों के मंत्री जीन-यवेस ले ड्रियन ने भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को उसके सभी आयामों में मजबूत करने के लिए फ्रांस की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।"

यह भी पढ़े - भारत और इटली जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए मिलकर करेगी कोशिश

इसके अलावा फ्रांस के मंत्री ने अफगानिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित भारत-फ्रांस समन्वय को जारी रखने का आह्वान किया है। फ्रांस और भारत के बीच आपसी विश्वास के महत्व को समझते हुए, ले ड्रियन ने कहा कि भारत-फ्रांस साझेदारी बहुपक्षवाद को मजबूत करने और कानून के शासन के आधार पर एक स्वतंत्र और हिंद-प्रशांत की रक्षा करने के लिए काम कर रही है।

Input : आईएएनएस ; Edited by Lakshya Gupta

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