Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
दुनिया

फ्रांस में महामारी को लेकर स्थिति चिंताजनक

फ्रांस के स्वास्थ्य महानिदेशक जेरोम सलोमन ने चेतावनी दी है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर का सबसे भयानक चरण आने वाला है।

कोरोना वायरस का पहला मामला वुहान चीन में आया था । (Wikimedia commons)

फ्रांस के स्वास्थ्य महानिदेशक जेरोम सलोमन ने चेतावनी दी है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर का सबसे भयानक चरण आने वाला है। भले ही शहरों में जहां कर्फ्यू लगाए गए हैं, वहां वायरस धीमी गति से फैल रहा है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में सलोमन के हवाले से बताया, महामारी का चरम आने वाला है। दूसरी लहर अभी भी आगे बढ़ रही है, हमें अपने प्रयास जारी रखने होंगे। हम एक महत्वपूर्ण समय में हैं। अभी प्रतिबंधों का सम्मान करने, संपर्कों को कम करने और बुर्जुगों की रक्षा करने का समय है।


यह भी पढ़े : चुनाव हारने के बाद ट्रम्प का पहला बड़ा कदम

30 अक्टूबर को सरकार ने दिसंबर की शुरूआत तक के लिए एक नया लॉकडाउन लगा दिया है। इसके साथ ही 6.7 करोड़ निवासियों को केवल काम करने, आवश्यक वस्तुओं को खरीदने या स्वास्थ्य आपातकाल के लिए बाहर जाने की अनुमति दी गई है। सभी गैर-जरूरी व्यवसाय, रेस्तरां, कैफे, बार, सिनेमा और जिम बंद कर दिए गए हैं। रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक के लिए सभी बड़े शहरों में आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं।उन्होंने कहा, जहां भी महामारी को नियंत्रित करने के लिए प्रतिबंध लगाए गए हैं, वहां संक्रमण का प्रसार धीमा हुआ है। यह उत्साहजनक है और यह हमें सामूहिक रूप से हमारे प्रयासों को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करता है। फ्रांस में कुल 18,07,479 मामले और 40,987 मौतें दर्ज हो चुकी हैं । (आईएएनएस)

Popular

प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन (wikimedia commons)

हमारे देश में लव जिहाद के जब मामले आते है , तब इस मुद्दे पर चर्चा जोर पकड़ती है और देश कई नेता और जनता अपनी-अपनी राय को वयक्त करते है । एसे में एक प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन ने सोमवार को एक बयान दिया जिसमें उन्होनें कहा कि यह मुस्लिम समुदाय नहीं बल्कि ईसाई हैं जो देश में धर्मांतरण और लव जिहाद में सबसे आगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनडीए के सहयोगी और भारत धर्म जन सेना के संरक्षक वेल्लापल्ली नतेसन नें एक कैथोलिक पादरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी , जिसमे कहा गया था हिंदू पुरुषों द्वारा ईसाई धर्म महिलाओं को लालच दिया जा रहा है। नतेसन नें पाला बिशप जोसेफ कल्लारंगट की एक टिप्पणी जो कि विवादास्पद "लव जिहाद" और "मादक जिहाद" की भी जमकर आलोचना की और यह कहा कि इस मुद्दे पर "मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है"।

Keep Reading Show less

महंत नरेंद्र गिरि (Wikimedia Commons)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को बाघंबरी मठ स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को जांच के बाद सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा ''यह एक दुखद घटना है और इसी लिए अपने संत समाज की तरफ से, प्रदेश सरकार की ओर से उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए में स्वयं यहाँ उपस्थित हुआ हूँ। अखाड़ा परिषद और संत समाज की उन्होंने सेवा की है। नरेंद्र गिरि प्रयागराज के विकास को लेकर तत्पर रहते थे। साधु समाज, मठ-मंदिर की समस्याओं को लेकर उनका सहयोग प्राप्त होता था। उनके संकल्पों को पूरा करने की शक्ति उनके अनुयायियों को मिले''

योगी आदित्यनाथ ने कहा '' कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था। एक-एक घटना के पर्दाफाश होगा और दोषी अवश्य सजा पाएगा। मेरी अपील है सभी लोगों से की इस समय अनावश्यक बयानबाजी से बचे। जांच एजेंसी को निष्पक्ष रूप से कार्यक्रम को आगे बढ़ाने दे। और जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा उसको कानून की तहत कड़ी से कड़ी सजा भी दिलवाई जाएगी।

Keep Reading Show less

By: कम्मी ठाकुर, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तम्भकार, हरियाणा

केजरीवाल सरकार की झूठ, फरेब, धूर्तता और भ्रष्टाचार की पोल खोलता 'बोल रे दिल्ली बोल' गीतरुपी शब्दभेदी बाण एकदम सटीक निशाने पर लगा है। सुभाष, आजाद, भगतसिंह जैसे आजादी के अमर शहीद क्रांतिकारियों के नाम व चेहरों को सामने रखकर जनता को बेवकूफ बना सुशासन ईमानदारी और पारदर्शिता का सब्जबाग दिखाकर सत्ता पर काबिज हुए अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार आज पूरी तरह से मुस्लिम तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार, कुशासन एवं कुव्यवस्था के दल-दल में धंस चुकी है। आज केजरीवाल का चाल, चरित्र और चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। दिल्ली में कोविड-19 के दौरान डॉक्टरों सहित सैकड़ों विभिन्न धर्म-संप्रदाय के मेडिकल स्टाफ के लोगों ने बतौर कोरोना योद्धा अपनी जाने गंवाई थी। लेकिन उन सब में केजरीवाल के चश्मे में केवल मुस्लिम डॉक्टर ही नजर आया, जिसके परिजनों को 'आप सरकार' ने एक करोड़ की धनराशि का चेक भेंट किया। किंतु बाकी किसी को नहीं बतौर मुख्यमंत्री यह मुस्लिम तुष्टिकरण, असंगति, पक्षपात आखिर क्यों ?

Keep reading... Show less