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 सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ( SAMSUNG ) ने सोमवार को कहा कि उनका गैलेक्सी बड्स प्रो (Galaxy buds pro ) वायरलेस ईयरबड्स उन लोगों के लिए भी कारगर है, जिन्हें सुनने में दिक्कत आती है। सैमसंग ( SAMSUNG ) के मुताबिक, कान, नाक और गले से संबंधित शोध के प्रति समर्पित एक जाने-माने साइंटिफिक जर्नल क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल ओटोरिनोलैरिंगोलॉजी (सीईओ) में पिछले हफ्ते प्रकाशित एक शोध में सुझाया गया कि गैलेक्सी बड्स प्रो में शामिल एंबीयेंट साउंड फीचर उन लोगों के लिए मददगार है, जिनमें हल्के से मध्यम सुनने की कमी है।

इसका एंबीयेंट साउंड फीचर 20 डेसिबल तक आसपास की ध्वनि को एम्प्लीफाई करने की क्षमता रखता है। इनमें चार लेवल दिए गए हैं, जिनका चुनाव कर यूजर्स अपने आसपास की ध्वनि को अपने हिसाब से एडजस्ट कर सकता है।


कंपनी ने कहा कि सोल में सैमसंग मेडिकल सेंटर के साथ मिलकर इस शोध को अंजाम दिया गया।

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी पिछले दस सालों से सुनने की क्षमता पर मोबाइल डिवाइसों के प्रभाव का पता लगाने और यूजर्स के लिए साउंड एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।

सैमसंग  ( SAMSUNG )  ने कहा, “शोध में सुनाई देने में सहायक संबंधी मशीन, एक पर्सनल साउंड एम्प्लीफिकेशन प्रोडक्ट और गैलेक्सी बड्स प्रो के प्रभाव का आकलन किया गया।”

शोध में पहले हल्के से मध्यम सुनने की कमी से ग्रस्त लोगों में ट्र वायरलेस ईयरबड्स के संभावित रूप से फायदेमंद होने का परीक्षण किया गया और इसके माध्यम से इस समस्या से परेशान दुनिया भर के 150 करोड़ लोगों की जिंदगी को संभावित रूप से सुधारने के बारे में सोचा गया।

गैलेक्सी बड्स प्रो (Galaxy buds pro ), पर्सनल साउंड एम्प्लीफिकेशन प्रोडक्ट और हियरिंग ऐड को तीन परीक्षणों में से होकर गुजरना पड़ा – इलेक्ट्रोएकॉस्टिक एसेस्मेंट, साउंड एम्प्लीफिकेशन इवैल्यूएशन और एक क्लिनिकल परफॉर्मेस इवैल्यूएशन।

कंपनी के मुताबिक, इलेक्ट्रोएकॉस्टिक एसेस्मेंट में गैलेक्सी बड्स प्रो साउंड प्रेशर लेवल, फ्रीक्वेंसी रेंज, इक्वीवैलेंट इनपुट नॉइज और टोटल हार्मोनिक डिस्टॉर्शन इन चारों परफॉर्मेस क्राइटीरिया पर खरा उतरा।
 

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बात जब साउंड एम्प्लीफिकेशन इवैल्यूएशन की आई, तो इसमें सात अलग-अलग फ्रीक्वेंसी का परीक्षण किया गया। इसमें सभी डिवाइसों में समान उचित स्तर का एम्प्लीफिकेशन दिखा।

इसी तरह से क्लिनिकल परफॉर्मेस इवैल्यूएशन में डिवाइस के साथ और इसके बिना लोगों के सुनने के स्तर के बारे में शोध किया गया और साथ ही साथ शब्दों और वाक्यों को पहचानने की इनकी क्षमता भी परखी गई। ये आंकड़े 1,000 हर्ट्ज, 2,000 हर्ट्ज और 6,000 हर्ट्ज के बीच रहे।

शोध में शामिल हुए लोगों की उम्र 63 साल की उम्र के आसापास रही। ( AK आईएएनएस )
  

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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