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राजनीति

बिहार भाजपा अध्यक्ष ने किया कटाक्ष, कहा, ‘घरों से उतना ही बाहर निकलें जितना राहुल गांधी मंदिर जाते हैं’

बिहार भाजपा के अध्यक्ष ने कोरोना को लेकर अभी भी एहतियात बरतने के बहाने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर कटाक्ष किया है।

कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी एवं उनकी बहन प्रियंका गाँधी।(Wikimedia Commons)

बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने शनिवार को कोरोना को लेकर अभी भी एहतियात बरतने के बहाने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर कटाक्ष किया है, वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की है।

जायसवाल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि लॉकडाउन के बाद बिहार सरकार ने काफी छूट दी है, लेकिन अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि यह एक चरण है।


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उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, “आप घरों से उतना ही बाहर निकलें, जितना राहुल गांधी मंदिर जाते हैं, उतना ही मास्क पहनें जितना योगी आदित्यनाथ भगवा पहनते हैं और सबसे बड़ी बात डॉक्टर इस कोरोना बीमारी को उतना ही जानते हैं जितना सोनिया गांधी हिंदी जानती हैं।”

उन्होंने कहा कि वैक्सीन जरूर लगाएं और बचाव जरूर करें।

उल्लेखनीय है कि बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन की बाद सरकार ने ढील की घोषणा की है। राज्य में शुक्रवार को 566 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई थी, जिससे राज्य में सक्रिय मरीजों की संख्या 6,348 पहुंच गई है।(आईएएनएस-SHM)

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भारत, अमेरिका के विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर चर्चा की ( Pixabay )

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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के कार्बन कैप्चर पर पहली कार्यशाला में अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा, "पीएम ने हम सभी को 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन राष्ट्र बनने को कहा है।" उन्होंने सीसीयूएस के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के नेतृत्व वाले आरडी एंड डी की दिशा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की हालिया पहलों के बारे में भी जानकारी दी।

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वेल्लोर के इस 10 वर्षीय छात्र ने अपनी लगन से वकीलों के लिए ई-अटॉर्नी नामक एक ऐप बना डाला ( Pixabay)

कोरोना के इस दौर में ऐप टेक्नॉलॉजी (App Technology) की पढ़ाई कई समस्याओं का समाधान कर रही है। ऐसा ही एक समाधान 10 वर्षीय छात्र कनिष्कर आर ने कर दिखाया है। कनिष्कर ने पेशे से वकील अपने पिता की मदद एक ऐप (App) बनाकर की। दस्तावेज संभालने में मददगार यह ऐप वकीलों और अधिवक्ताओं को अपने क्लाईंट एवं काम से संबंधित दस्तावेज संभालने में मदद करता है। 10 वर्षीय कनिष्कर का यह ऐप अब उसके पिता ही नहीं बल्कि देश के कई अन्य वकील भी इस्तेमाल कर रहे हैं और यह एक उद्यम की शक्ल ले रहा है।

कनिष्कर अपने पिता को फाईलें संभालते देखता था, जो दिन पर दिन बढ़ती चली जा रही थीं। जल्द ही वह समझ गया कि उसके पिता की तरह ही अन्य वकील भी थे, जो इसी समस्या से पीड़ित थे। इसलिए जब कनिष्कर को पाठ्यक्रम अपने कोडिंग के प्रोजेक्ट के लिए विषय चुनने का समय आया, तो उसने कुछ ऐसा बनाने का निर्णय लिया, जो उसके पिता की मदद कर सके। वेल्लोर (Vellore) के इस 10 वर्षीय छात्र ने अपनी लगन से वकीलों के लिए ई-अटॉर्नी नामक एक ऐप बना डाला। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य वकीलों और अधिवक्ताओं को अपने क्लाईंट के एवं काम से संबंधित दस्तावेज संभालने में मदद करना है। इस ऐप द्वारा यूजर्स साईन इन करके अपने काम को नियोजित कर सकते हैं और क्लाईंट से संबंधित दस्तावेज एवं केस की अन्य जानकारी स्टोर करके रख सकते हैं। इस ऐप के माध्यम से यूजर्स सीधे क्लाईंट्स से संपर्क भी कर सकते हैं। जिन क्लाईंट्स को उनके वकील द्वारा इस ऐप की एक्सेस दी जाती है, वो भी ऐप में स्टोर किए गए अपने केस के दस्तावेज देख सकते हैं।

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डॉ. मुनीश रायजादा ने इस वेब सीरीज़ के माध्यम से आम आदमी पार्टी में हुए भ्रस्टाचार को सामने लाने का प्रयास किया है

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डॉ.मुनीश रायजादा ने फोन पर आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि, " मंच इस वेब सीरीज का प्रचार यह कहकर नहीं कर रहा था कि यह एक राजनीतिक वेब सीरीज है, और मैंने सोचा कि मैं इस वेब सीरीज को बड़े पैमाने में दर्शकों तक कैसे ले जा सकता हूँ फिर मैंने यूट्यूब के बारे में सोचा।" यह वेब सीरीज यूट्यूब पर 17 जनवरी को रिलीज़ किया गया।

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