Saturday, May 15, 2021
Home देश बर्फबारी से टूटा होगा ग्लेशियर, अन्य कारकों से इनकार नहीं : कलाचंद...

बर्फबारी से टूटा होगा ग्लेशियर, अन्य कारकों से इनकार नहीं : कलाचंद साईं

हिमालय में ग्लेशियर टूटने से पिछले सप्ताह आई आफत को लेकर यही अनुमान लगाया जा रहा है कि पहाड़ में हुई बर्फबारी से ग्लेशियर के नीचे का रॉकमास उसके भार को संभाल नहीं पाया होगा और वह गिर गया होगा।


By : प्रमोद कुमार झा

हिमालय में ग्लेशियर टूटने से पिछले सप्ताह आई आफत को लेकर यही अनुमान लगाया जा रहा है कि पहाड़ में हुई बर्फबारी से ग्लेशियर के नीचे का रॉकमास उसके भार को संभाल नहीं पाया होगा और वह गिर गया होगा। हालांकि ग्लैशियर यानी हिमनद के टूटकर गिरने की अन्य वजहों से भी वैज्ञानिक इनकार नहीं कर रहे हैं।

वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी (डब्ल्यूआईएचजी) के डायरेक्टर कलांचद साई ने आईएएनएस को बताया कि प्रभावित क्षेत्र के सर्वेक्षण के दौरान वैज्ञानिकों द्वारा संग्रहित सैंपल का अभी अध्ययन चल रहा है जिससे इस संबंध में कुछ और जानकारी मिल सकती है।

भूभौतिकी के विशेषज्ञ कलाचंद साईं ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान कहा कि ग्लैशियर जहां टूटा है, वहां की तस्वीर के साथ साथ चट्टान, गाद, पानी, बर्फ के सैंपल लेकर वैज्ञानिक आए हैं, जिनमें परस्पर संबंध का अध्ययन कर रहे हैं, क्योंकि ग्लेशियर के आइस यानी हिम और घाटी में पड़ने वाले स्नो में अंतर होता है।

उन्होंने बताया कि ग्लेश्यिर का आइस चट्टान की तरह कठोर होता है और सैंपल में जो आइस का टुकड़ा लाया गया है, वह ऊपर से लुढ़ककर तपोवन तक आया है, जिसके चलते उसका आकार गोल हो गया है।

उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में भी वैज्ञानिक घटनास्थल का दौरा करेंगे और उनके अध्ययन का सिलसिला अभी जारी रहेगा।

डब्ल्यूआईएचजी के डायरेक्टर ने बताया कि रौंथी ग्लेशियर बैंक का जो कैचमेंट था वहां से एक बहुत बड़ा ग्लेशियर का टुकड़ा नीचे गिरा। उसके नीचे का रॉक मास काफी कमजोर हो गया था और उसके ऊपर जो ग्लेशियर था, उसके भार को वह संभाल नहीं पाया, इसलिए वह टूटकर गिर गया।

उन्होंने कहा कि ग्लेशियर के उपर शायद कुछ बर्फबारी भी हुई होगी क्योंकि उससे दो तीन दिन पहले बर्फबारी हुई थी। इसके कारण वह क्रिटिकल जोन में पहुंच गया था। उन्होंने कहा, ”हमारा अनुमान है कि बर्फबारी की वजह से उसके भार से नीचे का रॉकमास गिर गया और उसके बाद उपर का हैंगिंग ग्लेशियर टूट गया।” 
 

india batting
हिमालय के पर्वत । ( Wikimedia Commons ) 

ग्लेशियर और उसका मलबा नीचे रौंथी गदेरे पर गिरा और गदेरे के दोनों छोर के पहाड़ पर जीम बर्फ खिसकने लगी और बर्फ के साथ चट्टान और आसपास में जीम ऋषिगंगा नदी की तरफ बढ़ने लगी।

उन्होंने बताया कि ऋषि गंगा के ऊपरी इलाके में एक झील बन गई है और उसकी भी तस्वीर लेकर वैज्ञानिक आए हैं।

उत्तराखंड के चमोली जिला स्थित नीति घाटी के रैणी क्षेत्र में बीते रविवार को आई इस भयावह प्राकृतिक आपदा के बाद शुक्रवार को उत्तर भारत के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए।

ग्लेशियर फटने के पीछे भूकंप जैसी वजह के बारे में  पूछे जाने पर कलाचंद साईं ने कहा, ”भूमि के कंपन से भूस्खलन होता है, लेकिन हालिया घटना को भूकंप से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है कि हालांकि हम इसके सभी कारकों का अध्ययन कर रहे हैं, लेकिन इसके पीछे बहरहाल अत्यधिक बर्फबारी, नीचे रॉकमास का कमजोर होना और हैंगिंग ग्लेशियर जैसे एक साथ कई कारकों को देखा जा रहा है।”
 
यह भी पढ़ें: माँ मुंडेश्वरी मंदिर में होते हैं कुछ अनोखे चमत्कार जिसे जानकर आप रह जाएंगे दंग 

पहाड़ में आपदा के पीछे मानव की दखल और विभिन्न विकास परियोजनाओं के कारण बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विकास की जब कोई परियोजना शुरू की जाती है तो उसके पहले उसक प्रभावों का अध्ययन किया जाता है।

हिमालय स्थित अन्य ग्लेशियरों में इस तरह के खतरे को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में फिलहाल कोई डाटा नहीं है, लेकिन निरंतर अध्ययन की जरूरत है। हालांकि उन्होंने कहा कि हिमालय में 10,000 से अधिक ग्लेशियर हैं और उत्तराखंड में 1,000 से अधिक ग्लेशियर हैं और हिमालय में होने वाली ऐसी प्राकृतिक घटनाओं का अलग-अलग कारण होता है। मसलन, 2013 में केदारनाथ की त्रासदी और हालिया ऋषिगंगा की घटना में अंतर है।

उन्होंने बताया कि 2013 में क्लाउडबस्र्ट यानी बादल फटा था, जबकि हालिया घटना में ग्लेशियर टूटा है। (आईएएनएस )

POST AUTHOR

न्यूज़ग्राम डेस्क
संवाददाता, न्यूज़ग्राम हिन्दी

जुड़े रहें

7,635FansLike
0FollowersFollow
177FollowersFollow

सबसे लोकप्रिय

धर्म निरपेक्षता के नाम पर हिन्दुओ को सालों से बेवकूफ़ बनाया गया है: मारिया वर्थ

यह आर्टिक्ल मारिया वर्थ के ब्लॉग पर छपे अंग्रेज़ी लेख के मुख्य अंशों का हिन्दी अनुवाद है।

विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसे बहा रही केजरीवाल सरकार, कपिल मिश्रा ने लगाया आरोप

पिछले 3 महीनों से भारत, कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। इन बीते तीन महीनों में, हम लगातार राज्य सरकारों की...

भारत का इमरान को करारा जवाब, दिखाया आईना

भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण पर आईना दिखाते हुए करारा जवाब दिया...

जब इन्दिरा गांधी ने प्रोटोकॉल तोड़ मुग़ल आक्रमणकारी बाबर को दी थी श्रद्धांजलि

ये बात तब की है जब इन्दिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री हुआ करती थी। वर्ष 1969 में इन्दिरा गांधी काबुल, अफ़ग़ानिस्तान के...

दिल्ली की कोशिश पूरे 40 ओवर शानदार खेल खेलने की : कैरी

 दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने कहा है कि टीम के लिए यह समय है टूर्नामेंट में दोबारा शुरुआत करने का।...

गाय के चमड़े को रक्षाबंधन से जोड़ने कि कोशिश में था PETA इंडिया, विरोध होने पर साँप से की लेखक शेफाली वैद्य कि तुलना

आज ट्वीटर पर मचे एक बवाल में PETA इंडिया का हिन्दू घृणा खुल कर सबके सामने आ गया है। ये बात...

दिल्ली दंगा करवाने में ‘आप’ पार्षद ताहिर हुसैन ने खर्च किए 1.3 करोड़ रूपए: चार्जशीट

इस साल फरवरी में हुए हिन्दू विरोधी दिल्ली दंगों को लेकर आज दिल्ली पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल किया।...

क्या अमनातुल्लाह खान द्वारा लिया गया ‘दान’, दंगों में खर्च हुए पैसों की रिकवरी थी? बड़ा सवाल!

फरवरी महीने में हुए दिल दहला देने वाले हिन्दू विरोधी दंगों को लेकर दिल्ली पुलिस आक्रमक रूप से लगातार कार्यवाही कर रही...

हाल की टिप्पणी