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दुनिया

गूगल ने सभी अमेरिकी कर्मचारियों को मुफ्त साप्ताहिक कोविड टेस्ट सुविधा दी

रिपोर्ट के अनुसार, इसके लिए गूगल अपने पार्टनर बायोआईक्यू को प्रति टेस्ट 50 डॉलर का भुगतान कर रहा है।यदि 90,000 कर्मचारियों के मद्देनजर देखा जाए तो यह लागत प्रति सप्ताह 45 लाख डॉलर आएगा।

गूगल का मुख्य कार्यालय । ( Wikimedia commons )

गूगल ने अमेरिका में 90,000 कर्मचारियों को मुफ्त साप्ताहिक कोविड-19 टेस्ट की सुविधा प्रदान की है। वाल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, गूगल (और उसकी सहायक कंपनियां, जिनमें यूट्यूब भी शामिल है) में प्रत्येक अमेरिकी कर्मचारी घर पर निशुल्क टेस्ट के लिए साइन अप करने के लिए पात्र होगा।

रिपोर्ट के अनुसार, इसके लिए गूगल अपने पार्टनर बायोआईक्यू को प्रति टेस्ट 50 डॉलर का भुगतान कर रहा है।यदि 90,000 कर्मचारियों के मद्देनजर देखा जाए तो यह लागत प्रति सप्ताह 45 लाख डॉलर(यदि सभी कर्मचारी इसका प्रयोग करते हैं तो) तक आएगा।


कंपनी के एक प्रवक्ता ने द वर्ज को बताया कि इंटर्न भी कार्यक्रम के लिए पात्र होंगे, और वह 2021 में अंतर्राष्ट्रीय कर्मचारियों के लिए इसका विस्तार करेंगे। एमेजॉन वर्तमान में उन कर्मचारियों को कोविड टेस्ट सुविधा प्रदान करता है, जिन्हें खुदरा स्थान या गोदाम की तरह भौतिक स्थान पर काम करना पड़ता है।

यह भी पढ़ें : दूरसंचार क्षेत्र के लिए ‘विश्वसनीय’ स्रोतों की सूची जारी करेगी सरकार

सितंबर 2021 तक होगा वर्क फ्रॉम होम

सर्च-इंजन की दिग्गज कंपनी गूगल ने अपने वर्क फ्रॉम होम नीति को सितंबर 2021 तक बढ़ाने की घोषणा की है। गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कर्मचारियों को एक ईमेल भेजा, जिसमें उन्होंने बताया कि कंपनी पूरी तरह से हाइब्रिड वर्कफोर्स मॉडल का उपयोग कर रही है।

गूगल के अनुसार, जब ऑफिसर फिर से खुलेंगे तो उसके कर्मचारी सप्ताह में तीन दिन के लिए कार्यस्थल पर आ सकते हैं और बाकी के दिनों में घर से काम कर सकते हैं। गूगल द्वारा वर्क फ्रॉम होम नीति का विस्तार करने की हालिया घोषणा विश्व स्तर पर उसके सभी 200,000 कर्मचारियों पर लागू होगी।

गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई । ( Twitter )

गूगल ने यह भी कहा कि वह अपने कर्मचारियों को 2021 के मध्य से कोविड -19 वैक्सीन उपलब्ध कराने में मदद करने के लिए अवसरों की तलाश कर रहा है, लेकिन तब जब वैश्विक स्तर पर अधिक जोखिम वाले और अधिक प्राथमिकता वाले लोगों को वैक्सीन मिल जाएगी, उसके बाद। (आईएएनएस)

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रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है। (Pixabay)

एप्पल (Apple) कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस, एक आईफोन, एयरपोड्स और वॉच को पावर दे सकता है।

मैकरियूमर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 'पावर ऑन' न्यूजलेटर के लेटेस्ट एडीशन में मार्क गुरमन ने कंपनी की भविष्य की वायरलेस चाजिर्ंग तकनीक के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी का खुलासा किया।

उन्होंने लिखा, "मेरा यह भी मानना है कि एप्पल (Apple) छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है और यह एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहां एप्पल के सभी प्रमुख उपकरण एक-दूसरे को चार्ज कर सकते हैं। कल्पना कीजिए कि एक आईपैड एक आईफोन चार्ज कर रहा है और फिर वह आईफोन एयरपोड्स या एक एप्पल घड़ी चार्ज कर रहा है।"

apple , wireless charger, Iphone, iPod Chargers एप्पल कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस को पावर दे सकता है। [Wikimedia Commons]

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झारखंड के नोआमुंडी में खदान की कमान महिलाओं के हाथ में सौंपेगी टाटा स्टील कंपनी। [Wikimedia Commons]

टाटा स्टील (Tata Steel) कंपनी झारखंड में लौह अयस्क की एक खदान की कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथ में होगी। फावड़ा से लेकर ड्रिलिंग तक और डंपर चलाने से लेकर डोजर-शॉवेल जैसी हेवी मशीनों का संचालन कुशल महिला कामगारों के द्वारा किया जाएगा। नये साल यानी 2022 में पश्चिम सिंहभूम जिले की नोआमुंडी आयरन ओर माइन्स को पूरी तरह महिलाओं के हाथ में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। ऐसा प्रयोग देश में पहली बार हो रहा है।

टाटा स्टील (Tata Steel) के आयरन ओर एंड क्वेरीज डिविजन के महाप्रबंधक ए. के. भटनागर ने पत्रकारों को बताया कि नोआमुंडी स्थित कंपनी की आयरन ओर माइन्स में सभी शिफ्टों के लिए 30 सदस्यों वाली महिलाओं की टीम की तैनाती की जा रही है। खदान को स्वतंत्र रूप से महिलाओं के हाथों संचालित करने का यह टास्क कंपनी ने महिला सशक्तीकरण की परियोजना तेजस्विनी-2.0 के तहत लिया था और अब इसे सफलतापूर्वक लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

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इस साल देश में हिरासत में कुल 151 मौतें हुई हैं। (सांकेतिक चित्र, File Photo )

इस साल देश में हिरासत(police custody)में कुल 151 मौतें हुई हैं। केंद्र ने लोकसभा(Loksabha) में मंगलवार को यह जानकारी दी। बीजेपी सांसद वरुण गांधी के सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय(Nityanand Rai)ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के मुताबिक 15 नवंबर तक पुलिस हिरासत में मौत के 151 मामले दर्ज किए गए हैं।

महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत(police custody) में सबसे अधिक (26) मौतें हुईं हैं, उसके बाद गुजरात (21) और बिहार (18) का स्थान रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में 11-11 लोगों की मौत की खबर है।

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