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टेक्नोलॉजी

सितम्बर के अंत तक गूगल लॉन्च करेगा 2 स्मार्टफोन

ऐप्पल के एक अंदरूनी सूत्र और कई खुलासे करने वाले जॉन प्रॉसर के मुताबिक, पिक्सल 5जी को ब्लैक और ग्रीन जैसे रंगों में पेश किया जाएगा और पिक्सल 4ए 5जी को सिर्फ ब्लैक कलर में।

सितम्बर के अंत तक गूगल लॉन्च करेगा 2 नए फोन (Pixabay)

गूगल अपने अत्याधुनिक स्मार्टफोन पिक्सल 5 के साथ पिक्सल 4ए 5जी को 25 सितंबर को जर्मनी में लॉन्च कर सकता है। एंड्रॉयड ऑथरिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, वोडाफोन की जर्मन शाखा के एक आंतरिक दस्तावेज में बताया गया है कि जर्मनी में 25 सितंबर को गूगल पिक्सल 4ए 5जी और पिक्सल 5 को पेश किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो इन्हें अन्य जगहों पर भी जल्द ही लॉन्च किए जाने की उम्मीद है और शायद ऐसा इसी दिन ही होना है।

ऐप्पल के एक अंदरूनी सूत्र और कई खुलासे करने वाले जॉन प्रॉसर के मुताबिक, पिक्सल 5जी को ब्लैक और ग्रीन जैसे रंगों में पेश किया जाएगा और पिक्सल 4ए 5जी को सिर्फ ब्लैक कलर में ही उपलब्ध कराया जाएगा।


पिक्सल 4ए (Made By Google, Twitter)

गूगल पिक्सल 5 की लिस्टिंग हाल ही में एआई बेंचमार्क पर हुई है जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि यह एसडी765जी एसओसी से संचालित है।

एसडी765जी का डिवाइस में शामिल होना इस बात का खुलासा करता है कि यह 5जी के साथ आने वाला पहला पिक्सल फोन होगा। इसके साथ ही यह पहला ऐसा पिक्सल फोन होगा जिसमें 8जीबी रैम की सुविधा दी गई है। हालांकि एआई बेंचमार्क में इसके स्पेसिफिकेशंस की अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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आगामी पिक्सल 5 में 120 हर्ट्ज के ओएलईडी पैनल के साथ 6.67 इंच बड़ी डिस्प्ले दी जाएगी।

डिस्प्ले के विश्लेषक रॉस यंग ने महीने की शुरुआत में दावा किया था कि पिक्सल के डिवाइस को 6.67 इंच की डिस्प्ले के साथ उपलब्ध कराया जाएगा, जिसकी आपूर्ति सैमसंग और बोओई द्वारा कराई जाएगी और इसके स्क्रीन का रिफ्रेश रेट 120 हर्ट्ज होगा।(आईएएनएस)

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बांके बिहारी मंदिर में होली

कहा जाता है कि अगर किसी इंसान को सुकून चाहिए होता है तो उसे वृंदावन या मथुरा की गलियों में जाना चाहिए, क्योंकि इन्ही गलियों में खेलते हुए कृष्ण जी का बचपन बीता हैं। वृंदावन हो या मथुरा यहां हर दूसरा व्यक्ति कृष्ण भक्ति में लीन नज़र आता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता की वह हिंदुस्तानी है या कहीं और से आया है। हर कोई कृष्ण की महिमा में डूबा हुआ होता है। वैसे तो वृंदावन में कई मंदिर है जहां हर रोज हज़ारों की संख्या में भक्त आते हैं और अपनी हाजिरी लगवाते हैं, लेकिन बांके बिहारी मंदिर की बात अलग है। यहां भी भक्तों का मेला लगा रहता है, पर हर किसी को कुछ बातें मालूम नहीं है। ऐसे ही कुछ तथ्यों के बारे में इस आर्टिकल में बताया गया है।

1) बांके बिहारी मंदिर की स्थापना स्वामी श्री हरिदास जी ने की थी। वह श्री कृष्ण के भक्त थे और महान गायक तानसेन के गुरु थे। वह अपने गीत से श्री कृष्ण को प्रसन्न करने की कोशिश किया करते थे। ऐसा कहा जाता है कि श्री हरिदास जी की भक्ति से प्रसन्न हो श्री कृष्ण ने दर्शन दिए थे।

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(instagram , virat kohali)

भारतीय क्रिकेट टीमके कप्तान विराट कोहली और अनुष्का

भारतीय क्रिकेट टीमके कप्तान विराट कोहली और उनके फाउंडेशन ने यहां मड, मलाड में आवारा पशुओं के लिए एक ट्रॉमा और रिहेब सेंटर का उद्घाटन किया है। इसके पहले इस साल की शुरूआत में, भारतीय कप्तान कोहली ने कहा था कि वह मुंबई में दो पशु देखभाल सुविधाएं स्थापित कर रहे हैं।
कोहली ने अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा को शहर में आवारा जानवरों के सामने आने वाली कठिनाइयों को देखने का श्रेय दिया।

अभिनेत्री अनुष्का ने कई मौकों पर जानवरों के कल्याण और उनके अधिकारों के प्रति अपना समर्थन दिया है। अनुष्का के जानवरों के प्रति दीवानगी से प्रेरित होकर कोहली अपने फाउंडेशन के जरिए आवारा जानवरों की मदद करने के मौके तलाश रहे हैं।

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भीड़ में चलते लोग।

मौजूदा समय में विश्व की जनसंख्या 7 अरब से भी ज्यादा है। इस जनसंख्या को यहां तक पहुंचने में कई सदियां लग गई है। समस्त विश्व को 1 अरब से 2 अरब तक की आबादी होने में 100 सालों का समय लगा था। लेकिन 2 अरब से 3 अरब होने में मात्र 30 साल लगे, वहीं 3 से 4 अरब होने में 15 साल लगे थे। उसके बाद से यह अंतर और कम हो गया। औद्योगिक क्रांति के बाद अठारहवीं शताब्दी में विश्व जनसंख्या में विस्फोट हुआ था। तकनिकी प्रगति की वजह से मृत्यु दर में गिरावट आई जो कि जनसंख्या विस्फोट का एक बहुत बड़ा कारण बना। भारत में भी जनसंख्या विस्फोट देखा गया था।

1951 में भारत की जनसंख्या मात्र 36.1 करोड़ थी जो 2011 की जनगणना में 121.02 करोड़ हो गई। और अब यह लगभग 135 करोड़ के ऊपर है। अगर किसी क्षेत्र की जनसंख्या बढ़ती है तो उसका मतलब है कि वहाँ का मृत्यु दर कम है और जन्म दर ज्यादा। यह दर्शाता है कि उस जगह पर चिकित्सकीय सुविधाएं अच्छी है। लेकिन बढ़ती जनसंख्या देश के लिए मुसीबत का सबब भी बन सकती है, क्योंकि जनसंख्या में वृद्धि हुई है किन्तु साधनों में नहीं। भारत के साथ भी यही समस्या है। लगातार जनसंख्या बढ़ने से कई जगहों पर साधनों की कमी महसूस होने लगी है।

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