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केंद्र सरकार ने किया ‘मेरा राशन’ एप लांच !

केंद्र सरकार ने 'मेरा राशन' नाम से शुक्रवार को एक एप लांच किया जिसका मकसद देश में प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन मिलने में सहूलियत दिलाना है।

केंद्र सरकार (Central Government) ने ‘मेरा राशन’ (Mera ration) नाम से शुक्रवार को एक एप लांच किया जिसका मकसद देश में प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन मिलने में सहूलियत दिलाना है। हिंदी (Hindi) और अंग्रेजी (English) भाषाओं में लांच किया गया यह एप जल्द ही 14 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (One Nation One RAation card) के तहत राशन कार्डधारकों को देश में कहीं भी और पीडीएस के तहत संचालित किसी भी दुकान से प्राप्त करने में सहूलियत मिलेगी।


केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत आने वाले खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव सुधांशु पांडेय ने शुक्रवार को ‘मेरा राशन’ (Mera Ration) एप लांच किया। उन्होंने कहा कि इससे राशन वितरण में पारदर्शिता आएगी। नेशनल इन्फोर्मेटिक्स सेंटर (National Informatics Center) द्वारा विकसित इस एप के जरिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून ( एनएफएसए) के लाभार्थी खुद यह चेक कर सकेंगे कि उनको कितना अनाज मिलेगा। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत आने वाले खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव सुधांशु पांडेय ने ‘मेरा राशन’ (Mera ration) एप लांच किया। उन्होंने कहा कि इससे राशन वितरण में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने बताया कि बहरहाल यह एप हिंदी और अंग्रेजी में है लेकिन जल्द ही 14 भारतीय भाषाओं (Indian Languages) में उपलब्ध होगा।

उन्होंने बताया कि इन 14 भाषाओं के चयन में यह देखा गया कि किन प्रदेशों से और किन प्रदेशों को ज्यादा लोग काम की तलाश में जाते हैं। ऐसे दोनों प्रदेशों को शामिल किया गया है।

खाद्य सचिव ने बताया कि वन नेशन वन राशन कार्ड (One Nation One Ration card) योजना से देशभर के 32 राज्य व केंद्र शासित प्रदेश जुड़ चुके हैं और बाकी राज्यों में भी यह योजना जल्द लागू हो जाएगी। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना देशभर में लागू होने की समयसीमा 31 मार्च 2021 है, लेकिन दिल्ली (Delhi), पश्चिम बंगाल (West bengal), छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) और असम (Aasam) में अब तक यह योजना लागू नहीं हो पाई है।

देश में प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों को राशन मिलने में सहूलियत दिलाना है | (Pexel)

हालांकि खाद्य सचिव ने बताया कि दिल्ली (Delhi) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में तैयारी तकरीबन पूरी है और जल्द ही लागू हो जाएगी और बाकी दो राज्यों में भी काम चल रहा है।

एप लांच के मौके पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस एप से राशन कार्ड (Ration Card) धारक खुद चेक कर सकेंगे कि उनको कितना राशन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस एप का फायदा खासतौर वे प्रवासी लोग कर सकेंगे, क्योंकि वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत राशन कार्ड धारक देश में कहीं भी और किसी भी राशन की दुकान से अपने हिस्से का अनाज ले सकेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रवास पर जाने वाले लाभार्थियों को इस एप के जरिए यह मालूम करना आसान हो जाएगा कि उनके आसपास सार्वजनिक वितरण प्रणाली ( पीडीएस) के तहत संचालित राशन की कितनी दुकानें हैं और कौन सी दुकान उनके सबसे ज्यादा करीब है।

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उन्होंने बताया कि राशन कार्ड धारक प्रवास पर जाने से पहले मेरा राशन (Mera ration) एप पर खुद रजिस्टर करके यह जानकारी दे सकता है वह किस जगह से आता है और किस जगह को जा रहा है। ऐसे में प्रवासी लाभार्थियों को उनके गंतव्य स्थान पर नजदीकी राशन की दुकान से उनके हिस्से का राशन मिलना आसान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस एप के जरिए लाभार्थी अपने सुझाव भी दे सकते हैं। (आईएएनएस-SM)
 

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