Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
संस्कृति

Hanuman Jayanti 2021: हनुमान जयंती पर जानते हैं कि भक्ति का क्या महत्व है?

"हनुमान बिन राम सूने", इस हनुमान जयंती पर भगवान हनुमान के भक्ति भाव को जानेंगे और कोशिश करेंगे। साथ ही जानते हैं भक्ति का क्या है महत्व?

NewsGram Hindi

हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को ‘हनुमान जयंती’ मनाई जाती है। पवन-पुत्र हनुमान को कई नामों से जाना जाता है। कोई उन्हें मारुति कहता है, कोई बजरंगबली के नाम से पुकारता है, तो कई अंजनीपुत्र के नाम से भी सम्बोधित करते हैं। भगवान हनुमान के कई नाम और रूप दिखाई देते हैं। कभी संत के रूप में, एक ब्रह्मचारी के रूप में, कभी मित्र के रूप में, तो कभी पुत्र के रूप में, किन्तु जिस रूप में और नाम से वह विश्वभर में जाने जाते हैं वह है रामभक्त के रूप में।

भक्ति और पूजा दोनों ही अलग प्रकार के आराधना के रूप हैं। यदि भक्त किसी को अपना आराध्य मान ले तब वह अंतिम स्वांस तक उस नाम को जपता रहेगा। केसरी-नंदन को श्री राम के प्रति ऐसा ही भक्ति प्रेम है। आज भी उन्हें हनुमान के बाद रामभक्त ही पुकारा जाता है।


NewsGram Hindi

यदि राम नहीं तो हनुमान नहीं ऐसा कई पौराणिक कथाओं में सुना और देखा गया है। भगवान हनुमान को बल का ज्ञान तभी हुआ था जब वह माता जानकी को खोजने निकले थे। रामदूत हनुमान की वजह से माता जानकी किस हाल में हैं और कहाँ इस बात का ज्ञान हुआ था। लंकापति रावण के अहंकार को चूर करने के लिए ही चिरंजीवी ने अशोक वाटिका को नष्ट किया और साथ ही लंका में आग लगाकर रावण पर गहरा चोट किया था। भगवान हनुमान वह भक्त हैं जिन्हे अपने स्वामी की पल-पल चिंता रहती है।

यह भी पढ़ें: क्या भगवान हनुमान जी का जन्म तिरूमला के पर्वतों में हुआ था?

संत तुलसीदास द्वारा लिखित हनुमान चालीसा को भक्तों द्वारा पवनपुत्र को प्रसन्न करने के लिए पढ़ा जाता है। उनमे भी भगवान हनुमान को श्री राम का दूत, लक्ष्मण के प्राण-दाता, श्री राम-जानकी के अनंत भक्त के रूप में दर्शाया गया है। हनुमान जैसा भक्त आज के कलयुग में ढूंढने पर भी नहीं मिलेगा। स्वयं के पास असीम शक्ति और पराक्रम होते हुए कई भक्त उन्हें संत भी कहते हैं। क्योंकि “जो राम जपे कण-कण में, हनुमान मिले हैं संग में।।”

Popular

नवजात के लिए माँ के दूध से कोविड संक्रमण का नही है कोई खतरा ( Pixabay )

Keep Reading Show less

5 राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीख़ की घोषणा के बाद कार्यकर्तओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला सवांद कार्यक्रम (Wikimedia Commons)


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संसदीय क्षेत्र वारणशी के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से बातचीत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा कार्यकर्ताओं से बात करते हुए कहा कि "उन्हें किसानों को रसायन मुक्त उर्वरकों के उपयोग के बारे में जागरूक करना चाहिए।"

नमो ऐप के जरिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान बताया कि नमो ऐप में 'कमल पुष्प" नाम से एक बहुत ही उपयोगी एवं दिलचस्प सेक्शन है जो आपको प्रेरक पार्टी कार्यकर्ताओं के बारे में जानने और अपने विचारों को साझा करने का अवसर देता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नमो ऐप के सेक्शन 'कमल पुष्प' में लोगों को योगदान देने के लिए आग्रह किया। उन्होंने बताया की इसकी कुछ विशेषतायें पार्टी सदस्यों को प्रेरित करती है।

Keep Reading Show less

हुदा मुथाना वर्ष 2014 में आतंकवादी समूह आईएस में शामिल हुई थी। घर वापसी की उसकी अपील पर यूएस कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया (Wikimedia Commons )

2014 में अमेरिका के अपने घर से भाग कर सीरिया के अतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) में शामिल होने वाली 27 वर्षीय हुदा मुथाना वापस अपने घर लौटने की जद्दोजहद में लगी है। हुदा मुथाना वर्ष 2014 में आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट के साथ शामिल हुई साथ ही आईएस के साथ मिल कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आतंकवादी हमलों की सराहना की और अन्य अमेरिकियों को आईएस में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया था। हुदा मुथाना को अपने किये पर गहरा अफसोस है।

वर्ष 2019 में हुदा मुथाना के पिता ने संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) के सुप्रीम कोर्ट में अमेरिका वापस लौटने के मामले पर तत्कालीन ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुक़द्दमा दायर किया था। संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिना किसी टिप्पणी के हुदा मुथाना के इस मामले पर सुनवाई से इनकार कर दिया।

Keep reading... Show less