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दुनिया

पोलैंड के ‘चर्च’ में किया जा रहा था यौन शोषण जैसा घिनौना अपराध, कनाडा में मिला आदिवासी बच्चों से कब्र

पोलैंड में एक ऐसे चर्च का पता चला है जिसके 292 पादरियों ने 1958 से लेकर 2020 कई बच्चों का यौन शोषण किया था। लेकिन यह पहला मामला नहीं है।

(NewsGram Hindi)

हालही में मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पोलैंड में एक ऐसे चर्च(Catholic Church) का पता चला है जिसके 292 पादरियों ने 1958 से लेकर 2020 कई बच्चों का यौन शोषण किया था। TOI द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में यह भी सामने आया था कि जुलाई 2018 से पिछले साल के अंत तक ऐसे 368 लड़कों और लड़कियों के खिलाफ दुर्व्यवहार की शिकायतें मिली थी। इस मामले पर वॉरसॉ में पोलैंड के कैथोलिक चर्च(Catholic Church) के मुखिया आर्कबिशप वोजसिक पोलाक ने पीड़ितों से माफ़ी माँगते हुए कहा कि आशा है कि वो पादरियों को क्षमा कर देंगे।

अब सवाल यह है कि क्या ऐसा केवल एक ही चर्च(Catholic Church) है जिसपर बच्चों के यौन शोषण का आरोप लगा है, तो इसका उत्तर नहीं! विश्व भर में ऐसे कई चर्च और पादरी हैं जिनपर बच्चों के यौन शोषण का आरोप लगा है। विकीपीडिया या अन्य साइटों पर ऐसे मामलों की भरमार है। इससे पहले चर्च की पहली रिपोर्ट में 1990-2018 के मामलों के विषय में बताया गया था। इस रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया था कि करीब 382 पादरियों द्वारा 625 नाबालिग बच्चों का यौन शोषण किया गया। इनमें से 42 पादरी ऐसे हैं, जिनका नाम पहली रिपोर्ट में भी दर्ज था और दूसरी रिपोर्ट में भी दर्ज है।


कनाडा के चर्च में चल स्कूल में आदिवासी बच्चों के बड़ी संख्या में अवशेष मिले।

कनाडा के चर्च में कई आदिवासी बच्चों के शव मिले थे।(Pexels)

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में एक अन्य पूर्व घरेलू आवासीय स्कूल के आसपास अचिह्न्ति कब्रों में 182 लोगों के अवशेष पाए गए हैं। लोअर कूट बैंड ने बुधवार को एक बयान में कहा कि क्रैनब्रुक शहर के पास स्थित कुटुनाक्सा राष्ट्र के अकुम समुदाय के एक सदस्य ने पूर्व सेंट यूजीन मिशन स्कूल के पास अवशेषों को खोजने के लिए जमीन के भीतर खोजने वाले रडार का इस्तेमाल किया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, स्वदेशी स्कूल 1912 से 1970 के दशक की शुरूआत तक कैथोलिक चर्च(Catholic Church) द्वारा संचालित किया गया था। इमारत को एक निकटवर्ती गोल्फ कोर्स के साथ एक रिसॉर्ट और कैसीनो में परिवर्तित कर दिया गया है। बैंड ने बयान में कहा, “ऐसा माना जाता है कि इन 182 शवों के अवशेष कतुनक्सा राष्ट्र के सदस्य बैंड, और अकुम समुदाय से संबंध रखते हैं।”

यह भी पढ़ें: पंजाब में एक भी नया मंदिर नहीं, लेकिन सैंकड़ों चर्च बने, आरएसएस के खिलाफ एसजीपीसी का दावा झूठा : बीजेपी

बैंड ने कहा कि उसके 100 सदस्यों को स्कूल में जाने के लिए मजबूर किया गया था। ब्रिटिश कोलंबिया में कमलूप्स इंडियन रेजिडेंशियल स्कूल की साइट पर 215 लोगों के अनुमानित अवशेषों और सास्काचेवान में मैरीवल इंडियन रेजिडेंशियल स्कूल की एक साइट के पास अनुमानित 751अचिन्हित कब्रों की खोज के बाद ये खोज की गई। समुदाय के नेतृत्व ने खोज की घोषणा करने से पहले समुदाय में आवासीय स्कूल के बचे लोगों से मुलाकात की। बैंड ने कहा कि यह रिपोर्ट के निष्कर्षों के शुरूआती चरण में है और अधिक अपडेट प्रदान करेगा। यह स्कूल भीड़भाड़, खराब स्वच्छता, अस्वास्थ्यकर भोजन और छोटे श्रम के लिए जाने जाते थे। अपनी मूल भाषा बोलने वाले या पारंपरिक समारोहों में भाग लेने वाले इनके छात्रों को कठोर दंड दिया जाता था।

स्रोत: ऑप इंडिया, आईएएनएस

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