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देश

महामारी के बीच छत्तीसगढ़ में आया सबसे ज्यादा निजी निवेश

वैश्विक महामारी और आर्थिक मंदी के दौर में छत्तीसगढ़ देश में 10 सर्वाधिक निजी निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में शीर्ष पर पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में छत्तीसगढ़ को विनिर्माण के लिए 10228 करोड़ के निजी निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में

वैश्विक महामारी और आर्थिक मंदी के दौर में छत्तीसगढ़ देश में 10 सर्वाधिक निजी निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में शीर्ष पर पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में छत्तीसगढ़ को विनिर्माण के लिए 10228 करोड़ के निजी निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा है, “राज्य ने अक्टूबर और दिसंबर 2020 के बीच 10,228 करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाएं प्राप्त की हैं। यह दर्शाता है कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीतियां निवेशक के अनुकूल हैं।”

पिछले दो वर्षो में छत्तीसगढ़ सरकार ने 42,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित पूंजी निवेश के साथ राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए कुल 104 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये उद्योग छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए 64,000 से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, “हमारी सरकार ने उद्योगों के लिए नए रास्ते खोले और नई औद्योगिक नीति तैयार की, जिसके तहत खनिज आधारित उद्योगों को सभी तरह के प्रोत्साहन दिए गए हैं।”


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राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान छत्तीसगढ़ में उद्योग देश में सबसे पहले अप्रैल 2020 में फिर से शुरू हो गए थे। उद्योगों को होने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा कई रियायतें और सुविधाएं दी गईं। कई महत्वपूर्ण सेक्टर्स के उद्योगों को बिजली के बिलों में भी सब्सिडी दी गई।

सरकार ने कहा, “कच्चे माल की आपूर्ति और बाजार तक पहुंचने के लिए तैयार माल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों से कच्चे माल की आसान आपूर्ति के लिए भी दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।” (आईएएनएस)

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भारत, अमेरिका के विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर चर्चा की ( Pixabay )

भारत(india) और अमेरिका(America) के विशेषज्ञों ने शनिवार को कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (सीसीयूएस) के माध्यम से जलवायु परिवर्तन (Environment change) से निपटने के लिए विभिन्न तकनीकों पर चर्चा करते हुए कहा कि वे 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में से पांच - जलवायु कार्रवाई, स्वच्छ ताकत, उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा, खपत और उत्पादन जैसे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए साझेदारी की है। विज्ञान विभाग के सचिव एस.चंद्रशेखर ने कहा, "सख्त जलवायु व्यवस्था के तहत हम उत्सर्जन कटौती प्रौद्योगिकियों के पोर्टफोलियो के सही संतुलन की पहचान और अपनाने का एहसास कर सकते हैं। ग्लासगो में हाल ही में संपन्न सीओपी-26 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के उल्लेखनीय प्रदर्शन के साथ-साथ महत्वाकांक्षाओं को सामने लाया। दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने के बावजूद हम जलवायु लक्ष्यों को पूरा करेंगे।"

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के कार्बन कैप्चर पर पहली कार्यशाला में अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा, "पीएम ने हम सभी को 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन राष्ट्र बनने को कहा है।" उन्होंने सीसीयूएस के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के नेतृत्व वाले आरडी एंड डी की दिशा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की हालिया पहलों के बारे में भी जानकारी दी।

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वेल्लोर के इस 10 वर्षीय छात्र ने अपनी लगन से वकीलों के लिए ई-अटॉर्नी नामक एक ऐप बना डाला ( Pixabay)

कोरोना के इस दौर में ऐप टेक्नॉलॉजी (App Technology) की पढ़ाई कई समस्याओं का समाधान कर रही है। ऐसा ही एक समाधान 10 वर्षीय छात्र कनिष्कर आर ने कर दिखाया है। कनिष्कर ने पेशे से वकील अपने पिता की मदद एक ऐप (App) बनाकर की। दस्तावेज संभालने में मददगार यह ऐप वकीलों और अधिवक्ताओं को अपने क्लाईंट एवं काम से संबंधित दस्तावेज संभालने में मदद करता है। 10 वर्षीय कनिष्कर का यह ऐप अब उसके पिता ही नहीं बल्कि देश के कई अन्य वकील भी इस्तेमाल कर रहे हैं और यह एक उद्यम की शक्ल ले रहा है।

कनिष्कर अपने पिता को फाईलें संभालते देखता था, जो दिन पर दिन बढ़ती चली जा रही थीं। जल्द ही वह समझ गया कि उसके पिता की तरह ही अन्य वकील भी थे, जो इसी समस्या से पीड़ित थे। इसलिए जब कनिष्कर को पाठ्यक्रम अपने कोडिंग के प्रोजेक्ट के लिए विषय चुनने का समय आया, तो उसने कुछ ऐसा बनाने का निर्णय लिया, जो उसके पिता की मदद कर सके। वेल्लोर (Vellore) के इस 10 वर्षीय छात्र ने अपनी लगन से वकीलों के लिए ई-अटॉर्नी नामक एक ऐप बना डाला। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य वकीलों और अधिवक्ताओं को अपने क्लाईंट के एवं काम से संबंधित दस्तावेज संभालने में मदद करना है। इस ऐप द्वारा यूजर्स साईन इन करके अपने काम को नियोजित कर सकते हैं और क्लाईंट से संबंधित दस्तावेज एवं केस की अन्य जानकारी स्टोर करके रख सकते हैं। इस ऐप के माध्यम से यूजर्स सीधे क्लाईंट्स से संपर्क भी कर सकते हैं। जिन क्लाईंट्स को उनके वकील द्वारा इस ऐप की एक्सेस दी जाती है, वो भी ऐप में स्टोर किए गए अपने केस के दस्तावेज देख सकते हैं।

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डॉ. मुनीश रायजादा ने इस वेब सीरीज़ के माध्यम से आम आदमी पार्टी में हुए भ्रस्टाचार को सामने लाने का प्रयास किया है

आम आदमी पार्टी(AAP) पंजाब के लोकसभा चुनाव में अपनी बड़ी जीत की उम्मीद कर रही है वहीं पार्टी के एक पूर्व सदस्य ने राजनैतिक शैली में वेब सीरीज़ के रूप में 'इनसाइडर अकाउंट" निकला है जिसमे दावा किया गया है कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। 'ट्रांसपेरेंसी : पारदर्शिता का निर्माण शिकागो में कार्यरत चंडीगढ़ के चिकित्सक डॉ.मुनीश रायज़ादा द्वारा किया गया है। यूट्यूब(Youtube) पर उपलब्ध यह वेब सीरीज़ यह दर्शाती है कि कैसे एक पार्टी पारदर्शी होने के साथ साथ व्यवस्था परिवर्तन लाने के बजाय गैर-पारदर्शी औऱ राजनीतिक आदत का हिस्सा बन गई। यह वेब सीरीज अक्टूबर 2020 में पूरी होने के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म एमएक्स प्लयेर पर रिलीज हुई। डॉ.मुनीश रायज़ादा के अनुसार इस वेब सीरीज़ को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।

डॉ.मुनीश रायजादा ने फोन पर आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि, " मंच इस वेब सीरीज का प्रचार यह कहकर नहीं कर रहा था कि यह एक राजनीतिक वेब सीरीज है, और मैंने सोचा कि मैं इस वेब सीरीज को बड़े पैमाने में दर्शकों तक कैसे ले जा सकता हूँ फिर मैंने यूट्यूब के बारे में सोचा।" यह वेब सीरीज यूट्यूब पर 17 जनवरी को रिलीज़ किया गया।

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