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संस्कृति

आखिर क्या है मंदिरों की खराब हालत का कारण?

मंदिरों की देख-रेख करने का अधिकार पुजारी को होना चाहिए, सरकार को नहीं।

Unsplash

एक प्रसिद्ध मंदिर की सुंदर वास्तुकला

ऐसा कहा जाता है कि जब भगवान हर जगह है तो मंदिर की क्या जरूरत है। इस प्रश्न का एक सरल सा जवाब यह है कि पानी भी हर जगह मौजूद है लेकिन जब प्यास लगती है तो हम नल या कुएं के पास ही जाते हैं और पढ़ तो हम कहीं भी सकते हैं लेकिन शांति के लिए हम पुस्तकालय का रुख करते है। इसी लिए मंदिर होना जरूरी है। हिंदुओं के लिए मंदिर एक पवित्र स्थल है। जिसकी वजह से इनकी एक अलग अहमियत है। भारत में बहुत से प्राचीन मंदिर है जहां आज भी पूजा की जाती है। लेकिन ऐसे बहुत से मंदिर है जो वीरान है। उन मंदिरों की कोई देख-रेख करने वाला नहीं है। जिसकी वजह से मंदिरों की हालत खराब है।


मंदिरों पर आक्रमण होना और सेकूलरी ज्ञान की वजह से इनकी यह दुर्दशा हुई है। इसी कारण बहुत से मंदिर विलुप्त होने की कगार पर भी है, और कई विलुप्त हो भी गए। यह हम सभी की जिम्मेदारी बनती है कि हम इन्हें खत्म होने से बचाए। वरना वह दिन दूर नहीं जब आने वाली पीढ़ी को इन मंदिरों के बारे में पता भी नहीं होगा। यह बहुत शर्म की बात है कि भारत में हज़ारों ऐसे मंदिर है जहां हर रोज 1 बार भी पूजा नहीं हो पाती है। कई मंदिरों में पूजा, संरक्षण, सुरक्षा के लिए मात्र एक ही व्यक्ति मौजूद है। इसलिए सरकारों को मंदिरों में दखल नहीं देना चाहिए और मंदिरों का प्रबंधन भक्तों द्वारा किया जाना चाहिए।



मंदिर हमारे अस्तित्व और वजूद की पहचान है, लेकिन आज वह खुद अपने वजूद के लिए लड़ाई कर रहे हैं। आखिर कब तक मंदिर संघर्ष करते रहेंगे। दक्षिण भारत में ऐसे बहुत से मंदिर है जिनका अस्तित्व ही समाप्त हो चुका है। लेकिन अगर हम बाकी धार्मिक स्थलों की बात करें तो उनके साथ ऐसा नहीं है। जब हमारा देश सेकुलर है तो सरकार की मंदिरों में क्या भूमिका है। आखिर लोग यह सवाल क्यों नहीं उठाते की मंदिरों का नियंत्रण सरकारी हाथों में क्यों है? सभी धार्मिक स्थलों के लिए एक ही नियम क्यों नहीं है?


free temples, idols, tamil nadu मंदिर का सौंदर्यpixabay


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खतरा सिर्फ मंदिरों पर ही नहीं है बल्कि मंदिरों की मूर्तियों को भी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 25 सालों में 1200 से भी अधिक मूर्तियां चोरी हो चुकी है। जब इतना सब कुछ मंदिरों के खिलाफ हो रहा है तो फिर भी सरकार मंदिरों पर अपना नियंत्रण समाप्त क्यों नहीं करती है। मंदिर पर सरकार नहीं पुजारी का नियंत्रण होना चाहिए। आज सरकारी नियंत्रण की वजह से मंदिरों की क्या हालत हैं इन सब से हम वाकिफ हैं।


मंदिरों को सरकारी हाथों से निकालना कोई एक या दो दिन का काम नहीं है। यह एक लंबी प्रक्रिया है जिसे हम सभी को साथ मिलकर शुरू करना होगा। लेकिन अभी जरूरत है जागरूकता की। भारत के लोगों में जागरूकता की कमी होने के कारण ही आज स्थिति इतनी खराब हो गई है। इसलिए हर एक व्यक्ति का कर्तव्य होना चाहिए की वह दूसरों को जागरूक करे। तभी हम इसमें सफलता हासिल कर सकेंगे।

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अल फैज़ान मुस्लिम फंड के मालिक मोहम्मद फैज़ी ने की खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी (wikimedia commons)

बिजनौर के नगीना शहर में मोहल्ला लुहारी सराय में स्थित 'अल फैजान मुस्लिम फंड लिमिटेड' का मालिक मोहम्मद फैज़ी खाताधारकों के साथ ठगी(Fraud) कर करोड़ो रुपए की नगदी के साथ सोने-चांदी जेवरात लेकर फरार हो गया है। पुलिस ने कई लोगों के शिकायत के बाद प्रबंधक मोहम्मद फ़ैज़ी और एक अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तमाम लोगों के शिकायत के आधार पर पुलिस ने 'अल फैजान म्युचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड' मोहल्ला लाल सराय नगीना के का संचालन के रहे मोहम्मद फैजी पुत्र अहमदुल्ला निवासी शाहजीर नगीना 420 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जाँच शुरू कर दी है। नगीना के मोहल्ला लाल सराय में स्थित 'अल फैज़ान मुस्लिम फंड लिमिटेड' का संचालन मोहम्मद फैज़ी बीते पांच साल से कर रहा था। खाताधारकों को बिना कोई सूचना दिए आरोपी मोहम्मद फैज़ी शाखा बन्द कर फरार हो गया।

Bijnor, bijnor police, Bank fraud अल फैज़ान मुस्लिम फंड लिमिटेड तले मोहम्मद फैज़ी ने खाताधारकों को लगाया चूना। करोड़ो ले कर फरार। ( Pixabay )

बता दें कि 'अल फैज़ान मुस्लिम फंड' की शाखा में लोग प्रतिदिन लाखों रुपये का लेनदेन करते थे। ख़बर है की अल फैजान की शाखा में नगीना व आसपास के लोग के करोड़ों रुपए की नकदी के साथ साथ सोने चांदी के जेवरात भी जमा करते थे। रोज की तरह जब लोग अल फैज़ान फंड लिमिटेड की शाखा में लेन देन के लिए पहुंचे तो उन्हें निर्धारित समय सीमा के बाद भी शाखा बंद मिली। इसके बाद खाताधारकों को शक हुआ तो पता चला कि अल फैजान मुस्लिम फंड शाखा का संचालक मोहम्मद फैज़ी करोड़ों रुपए की नकदी के साथ साथ खाताधारकों के शाखा में जमा सोने-चांदी के जेवरात भी लेकर फरार हो गया। पुलिस की माने तो अब तक 170 से भी अधिक तहरीर दर्ज की जा चुकी हैं और पुलिस खाताधारकों के हुए नुकसान की खोज बीन में जुट गई है ।

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