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संस्कृति

जगन्नाथ मंदिर के रहस्य

वैसे तो जगन्नाथ मंदिर विश्व प्रसिद्ध है, लेकिन इसकी कुछ बातें ऐसी हैं जो कम लोगों को मालूम है।

Wikimedia Commons

जगन्नाथ मंदिर की तस्वीर

By- Tushar sethi

हिन्दू धर्म में मंदिरों का बहुत ज्यादा महत्व है क्योंकि यह हमारे लिए आस्था का केंद्र होते हैं। और बात जब चार धाम की हो तो महत्त्व और आस्था ज्यादा बढ़ जाती है। हिन्दू धर्म के चार धामों में से एक है जगन्नाथ मंदिर। ओड़िशा की राजधानी भुवनेश्वर से थोड़ी ही दूर पुरी शहर में स्थित है श्री जगन्नाथ मंदिर। यह मंदिर हिंदुओं का बहुत ही पवित्र तीर्थ स्थल माना जाता है। यहाँ हर कोई श्रद्धा भाव से भगवान की आराधना करता है। जगन्नाथ मंदिर श्री कृष्ण, बलराम और सुभद्रा को समर्पित है। यह मंदिर अपने रहस्यों के लिए भी प्रसिद्ध है। कुछ ऐसे ही अद्भुत रहस्यों के बारे में आप यहां पढ़ेंगे।



1) जगन्नाथ मंदिर के ऊपर स्थापित ध्वज सदैव हवा के विपरीत दिशा में लहराता है। ऐसा क्यों और किस कारण से होता है इसका पता आज तक कोई नहीं लगा पाया है। जगन्नाथ मंदिर के इस रहस्य की वजह से यह विभिन्न लोगों को आकर्षित करता है। इस ध्वज को हर रोज बदला जाता है और ऐसा माना जाता है कि अगर एक दिन भी ध्वज को बदला नहीं गया तो मंदिर 18 सालों के लिए बंद हो जाएगा।


2) जगन्नाथ मंदिर के ऊपर एक चक्र लगा हुआ है। भारत में लगभग हर मंदिर के ऊपर चक्र लगा हुआ होता है लेकिन इस चक्र की बात कुछ और है। जगन्नाथ मंदिर पर लगे उस चक्र को आप पुरी में कहीं से भी देखेंगे तो आपको सीधा ही दिखेगा। इस चक्र की बनावट ही कुछ इस तरीके से की गई है जिससे आपको ऐसा लगेगा कि यह बिल्कुल आपके सामने ही है।


3) किसी भी इमारत या धार्मिक भवन के ऊपर पक्षी बैठे हुए या उड़ते हुए दिखाई देते हैं। लेकिन जगन्नाथ मंदिर में ऐसा नहीं होता है। जगन्नाथ मंदिर पर किसी भी पक्षी को उड़ते नहीं देखा गया है। और न ही मंदिर परिसर में पक्षी को बैठे देखा गया है। यह बात भी अविश्वसनीय है।


4) जगन्नाथ मंदिर की रसोई में बहुत सारे रसोइया प्रसाद बनाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि रोजाना यहाँ हज़ारों लोग दर्शन के लिए आते हैं। सभी भक्तों को पर्याप्त प्रसाद दिया जाता है और रात होते-होते सारा प्रसाद समाप्त हो जाता है। लेकिन कभी भी प्रसाद व्यर्थ नहीं हुआ। और ऐसा भी नहीं हुआ कि किसी को प्रसाद न मिला हो।

jagannath puri temple, \u091c\u0917\u0928\u094d\u0928\u093e\u0925 \u092a\u0942\u0930\u0940 \u092e\u0902\u0926\u093f\u0930 वर्ष 1890 में भगवान जगन्नाथ का मंदिर।(Wikimedia Commons)

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5) इस मंदिर में प्रसाद लकड़ी के बर्तनों में बनाया जाता है। बर्तनों को एक के ऊपर एक रख दिया जाता है। इस कायदे से सबसे पहले जो बर्तन आग के सबसे करीब है यानि की सबसे नीचे वाले बर्तन में पहले प्रसाद बन कर तैयार होना चाहिए लेकिन ऐसा होता नहीं है। यहाँ पर सबसे ऊपर वाले बर्तन का प्रसाद पहले बन कर तैयार हो जाता है।


6) यह मंदिर समुद्र के किनारे होने के कारण यहाँ पानी की लहरों की आवाज आती रहती है, लेकिन जैसे ही मंदिर के द्वार के अंदर कोई प्रवेश करता है तो उसे लहरों की अवाजे आनी बंद हो जाती है।


7) जगन्नाथ मंदिर की ऊंचाई लगभग 214 फ़ीट है। मंदिर के पास खड़े हो कर गुंबद को देखना असंभव है। दिन के किसी भी समय मुख्य गुंबद की छाया अदृश्य रहती है। यह होश उड़ा देने वाला सत्य है।


8) मंदिर के आस पास भी रहस्य छिपा हुआ है। अक्सर हवा समुद्र से ज़मीन की तरफ आती है लेकिन यहाँ ज़मीन से हवा समुद्र की तरफ जाती है। यह भी अद्भुत बात है।

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