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कर्नाटक विधानसभा ने मंदिर को ढहाने से रोकने के लिए विधेयक किया पास

इन सब पर राज्य के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े बताते हुए कहा कि, 2010 से 2019 तक मैसूर में 161 मंदिरों, मस्जिदों और दरगाहों को तोड़ा गया है।

कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। (wikimedia commons)

हिंदू संगठनों की ओर से आलोचना झेल रही कर्नाटक की भाजपा सरकार नें कर्नाटक में मंदिर विध्वंस के मुद्दे पर फिलहाल राज्य विधानसभा में एक कानून पारित कर पुरे कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। सत्ताधारी पार्टी भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस इन दोनों के बीच मंगलवार को तीखी बहस के बीच प्रस्तावित कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक 2021 को पारित कर दिया गया।

यह प्रस्तावित अधिनियम जिसका नाम 'कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक-2021' है, इसका मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य में धार्मिक संरचनाओं के विध्वंस को रोकना है।

यह अधिनियम में कहा गया है कि 'कर्नाटक धार्मिक संरचना संरक्षण अधिनियम -2021' के लागू होने की तारीख से, कानूनों के कानूनी प्रावधान और अदालतों, न्यायशास्त्र और अधिकारियों के आदेशों या दिशानिदेशरें के बावजूद, सरकार धार्मिक केंद्रों की रक्षा करेगी।

सार्वजनिक संपत्तियों पर बने धार्मिक केंद्रों को खाली करने, स्थानांतरित करने और ध्वस्त करने की प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा। इस अधिनियम के लागू होने और विधान परिषद में पारित होने के बाद से ही ।

इसी बीच विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने कर्नाटक सरकार पर आरोप लगाया कि हिंदू जागरण वेदिक और हिंदू महासभा की आलोचना का सामना करने के बाद भाजपा यह कानून लाई है। मैसूर में मंदिर तोड़े जाने के बाद बीजेपी पुनर्निर्माण के लिए नया कानून ला रही है, यह भी आरोप लगायें हैं उन्होंने भाजपा पार्टी के खिलाफ । इसके बाद कांग्रेस के एक और विधायक और पूर्व मंत्री औरयू.टी. खादर ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि छात्र पाठ्यपुस्तकों में पढ़ने जा रहे हैं कि भाजपा ने भारत में आक्रमणकारियों की तरह मंदिरों को ध्वस्त कर दिया।

\u0915\u0930\u094d\u0928\u093e\u091f\u0915 \u0930\u093e\u091c\u094d\u092f कर्नाटक राज्य का नक्शा सांकेतिक इमेज (wikimedia commons)




इन सब पर राज्य के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े बताते हुए कहा कि, 2010 से 2019 तक मैसूर में 161 मंदिरों, मस्जिदों और दरगाहों को तोड़ा गया है। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया, "यदि आप मैसूर में एक मंदिर के विध्वंस के लिए सत्तारूढ़ भाजपा पर जिम्मेदारी तय करते हैं, तो आप इन विध्वंस के लिए किसे जिम्मेदार ठहराएंगे।"

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने यह भी कहा कि , "शब्द खतरनाक होते हैं, हमें संवेदनशील मुद्दों पर उनका सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए।"

गलतियां हर समय हुई हैं और भविष्य में धार्मिक संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानून लाया जा रहा है यह कानून और संसदीय कार्य मंत्री जेसी मधुस्वामी ने कहा ।

यह भी पढ़ें : मायावती ने कांग्रेस पर कसा शिकंजा


नए विधेयक का उद्देश्य राज्य में अनधिकृत पूजा स्थलों की रक्षा करना और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पृष्ठभूमि में विध्वंस के खतरे का सामना करना है।
यह बिल बिना अनुमति के सार्वजनिक संपत्ति पर बने मंदिरों, चचरें, मस्जिदों और अन्य प्रमुख धार्मिक निमार्णों सहित सभी धार्मिक केंद्रों को सुरक्षा का भरोसा देता है।

--(आईएएनएस-PS)

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