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आंखों पर असर कर रहा है मोबाइल

मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल से लोगों को शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Wikimedia Commons

मोबइल के कारण गर्दन में दर्द।

कोरोना की वजह से पिछले कुछ समय में लोगों की जीवन शैली में बहुत बदलाव आया है। बहुत से लोगों पर घर में रहने की वजह से सीधा प्रभाव पड़ा है खास तौर से बच्चों पर। कोविड-19 की वजह से ऑफलाइन से लगभग सब कुछ ऑनलाइन होता जा रहा है। वैसे ही बच्चों की पढ़ाई भी अब ऑनलाइन होने लगी है। जिसके कारण बच्चे देर तक मोबाइल में लगे रहते है। कोरोना की वजह से उतपन्न हुई मज़बूरी अब सभी के लिए मुसीबत बनती जा रही है। सिर्फ बच्चों को ही नहीं बल्कि बड़ों को भी काम के सिलसिले में कई घंटों तक लैपटॉप या मोबाइल के सामने बैठे रहना पड़ता है। लगातार मोबाइल का उपयोग करने से यह एक एडिक्शन बनता जा रहा है।

किसी भी चीज़ को अगर हम ज्यादा मात्रा में करने लग जाते हैं तो उस चीज़ की हमें लत लग जाती है। और लत किसी भी तरह की हो वह बुरी ही होती है। मोबाइल की लत भी बुरी है और साथ ही साथ खतरनाक भी। इस तरह की लत आज कल युवाओं में बहुत ज्यादा देखी जा सकती है। वह बिना खाना खाए तो रह सकते हैं लेकिन अपने मोबाइल के बग़ैर नहीं।


यह बात मानने में कोई बुराई नहीं है कि आज के समय में मोबाइल हमारी जरूरत बन चुका है। लेकिन अपनी जरूरत को नियंत्रण में रखना हमें आना चाहिए। लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठ कर मोबाइल या लैपटॉप देखने से हमारे स्वस्थ्य को नुकसान पहुँचता है। जिसके परिणाम हमें भुगतने पड़ सकते हैं।
स्मार्टफोन का ज्यादा प्रयोग करने से कई तरह की शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं।

weak eyes, smartphones, health मोबाइल से आंखों पर असरWikimedia Commons


यह भी पढ़ेंः कहां से शुरू हुई तालिबान की कहानी?

मोबाइल का ज्यादा समय तक इस्तेमाल करने से स्लीपिंग डिसऑर्डर हो सकता है। सोने से पहले मोबाइल की तेज रोशनी नींद की गुणवत्ता को कम कर सकती है। मोबाइल का उपयोग सोने में लगने वाले समय को भी बढ़ा सकता है। ऐसे बहुत सारे मामलें सामने आए है जहां आवश्यकता से ज्यादा इसका उपयोग करने से लोगों की गर्दन में दर्द होने लगा। इसके साथ ही तेज आवाज में गाने सुनने की वजह से कानों को क्षति पहुँचती हैं। आज कल के बच्चों में तनाव बढ़ रहा और आँखे कमज़ोर हो रही है इसका भी कारण निरंतर मोबाइल पर लगे रहना ही है।

मोबाइल की लत को दूर करने के लिए खुद पर नियंत्रण रखना बहुत आवश्यक है। बिना संकल्प के कोई भी अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकता। ऐसी चीजों को मोबाइल से हटाने की जरूरत है जो बार-बार फोन उठाने के लिए मजबूर कर रही है। सभी को सोने से 1 घंटे पहले ही मोबाइल से दुरी बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए और मोबाइल तभी उठाए जब अति आवश्यक हो। मोबाइल उपयोग के समय को कम करने का प्रयास करें।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संसदीय क्षेत्र वारणशी के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से बातचीत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा कार्यकर्ताओं से बात करते हुए कहा कि "उन्हें किसानों को रसायन मुक्त उर्वरकों के उपयोग के बारे में जागरूक करना चाहिए।"

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2014 में अमेरिका के अपने घर से भाग कर सीरिया के अतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) में शामिल होने वाली 27 वर्षीय हुदा मुथाना वापस अपने घर लौटने की जद्दोजहद में लगी है। हुदा मुथाना वर्ष 2014 में आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट के साथ शामिल हुई साथ ही आईएस के साथ मिल कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आतंकवादी हमलों की सराहना की और अन्य अमेरिकियों को आईएस में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया था। हुदा मुथाना को अपने किये पर गहरा अफसोस है।

वर्ष 2019 में हुदा मुथाना के पिता ने संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) के सुप्रीम कोर्ट में अमेरिका वापस लौटने के मामले पर तत्कालीन ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुक़द्दमा दायर किया था। संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिना किसी टिप्पणी के हुदा मुथाना के इस मामले पर सुनवाई से इनकार कर दिया।

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