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हाल के दिनों में टेस्ट क्रिकेट के महान प्रमोटर हैं शास्त्री , कोहली : टेलर

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान मार्क टेलर ने इस बात पर अपनी चिंता व्यक्त की ,कि भविष्य में टेस्ट क्रिकेट कब तक प्राथमिकता में रहेगा।

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली (instagram , virat kohali)

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री का लोहा इन दिनों हर जगह माना जा रहा है । इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान मार्क टेलर ने कहा है कि भारतीय कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री हाल के दिनों में टेस्ट क्रिकेट के महान समर्थक और प्रमोटर हैं। साथ ही उन्होंने कोहली की तारीफ भी की खेल को प्राथमिकता देते हुए वो वास्तव में टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं।"
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान मार्क टेलर ने इस बात पर अपनी चिंता व्यक्त की ,कि भविष्य में टेस्ट क्रिकेट कब तक प्राथमिकता में रहेगा। उन्होंने कहा, "चिंता यह है कि यह कब तक जारी रहेगा। उनका यह भी कहना है किइसमें कोई संदेह नहीं है कि जैसे-जैसे हम बड़े होते जाते हैं और नई पीढ़ी आती है, मेरे जैसे लोगों को जिस तरह टेस्ट क्रिकेट से प्यार है यह कम हो सकता है और यह हमारी पुरानी पीढ़ी के लिए चिंता का विषय है।"

\u0930\u0935\u093f \u0936\u093e\u0938\u094d\u0924\u094d\u0930\u0940 भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और वर्तमान कोच रवि शास्त्री (wikimedia commons)


आप को बता दे की 56 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी ने उम्मीद जताई कि मैनचेस्टर में इंग्लैंड और भारत के बीच पांचवें और अंतिम टेस्ट को जो रद्द करने का निर्णय लिया गया था वो , इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2021 संस्करण के दूसरे चरण को प्राथमिकता देने के लिए नहीं किया गया था।
साथ ही उनका यह भी कहना है कि, "मुझे नहीं लगता कि कोई भी खिलाड़ियों के खिलाफ किसी भी तरह की कोई शिकायत नहीं करेगा, जो खेल नहीं खेलना चाहते हैं, जब उन्हें कोरोना संक्रमण के बारे में असली चिंता हो। उन्होंने कहा मुझे लगता है कि अब हम कुछ निरंतरता देखना चाहते हैं। टेस्ट मैच से बाहर होना क्रिकेट के खेल के लिए बहुत बड़ी बात है।"

यह भी पढ़ें : कोहली : मैं जानवरों के कल्याण के प्रति अनुष्का के समर्पण की प्रशंसा करता हूं

मार्क टेलर ने यह भी कहा, "जब खिलाड़ी जब कोई खिलाडी इसके खिलाफ जाता है तो वह अपने स्वास्थ्य की भी चिंता करता है । लेकिन लोगों को खेल की सेहत का ध्यान रखना होता है। उनका कहना है की यह विशेष रूप से टेस्ट क्रिकेट के खेल पर दबाव डालता है और फिर आपके पास टी20 का खेल है, उसे भी खेलना है और साथ ही एक घरेलू सीरीज आ रही है जिसमें वे सभी खिलाड़ी खेलना चाहते हैं।"(आईएएनएस-PS)

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से चलाई जा रही है कृषि उड़ान 2.O योजना(Wikimedia commons)

नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया(Jyotiraditya Scindia) ने बुधवार को कृषि उड़ान 2.0' योजना का शुभारंभ करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि 'कृषि उड़ान 2जेड.0' आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं को दूर कर किसानों की आय दोगुनी करने में मदद करेगी। यह योजना हवाई परिवहन द्वारा कृषि-उत्पाद की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने और प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव करती है।

सिंधिया(Jyotiraditya Scindia) ने कहा, "यह योजना कृषि क्षेत्र के लिए विकास के नए रास्ते खोलेगी और आपूर्ति श्रृंखला, रसद और कृषि उपज के परिवहन में बाधाओं को दूर करके किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगी। क्षेत्रों (कृषि और विमानन) के बीच अभिसरण तीन प्राथमिक कारणों से संभव है - भविष्य में विमान के लिए जैव ईंधन का विकासवादी संभावित उपयोग, कृषि क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग और योजनाओं के माध्यम से कृषि उत्पादों का एकीकरण और मूल्य प्राप्ति।"

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चंदा बंद सत्याग्रह जिसे No List No Donation के नाम से भी जाना जाता है। (File Photo)

सत्याग्रह का सामन्य अर्थ होता है "सत्य का आग्रह।" सर्वप्रथम इसका प्रयोग महात्मा गांधी द्वारा किया गया था। उन्होंने भारत में कई आंदोलन चलाए, जिनमें चंपारण, बारदोली, खेड़ा सत्याग्रह आदि प्रमुख। हैं। सत्याग्रह स्वराज प्राप्त करने और सामाजिक संघर्षों को मिटाने का एक नैतिक और राजनीतिक अस्त्र है। आज हम ऐसे ही एक सत्याग्रह की बात करेंगे जिसे गांधी जी से प्रेणा लेकर शुरू किया गया था।

"चंदा बंद सत्याग्रह" जिसे No List No Donation के नाम से भी जाना जाता है। यह आम आदमी पार्टी के विरुद्ध एक अमरीकी डॉक्टर वह NRI सेल के सह-संयोजक डॉ. मुनीश रायजादा द्वारा साल 2016 में शुरू किया गया था। डॉ. मुनीश जब आम आदमी पार्टी से जुड़े थे, तब उन्हें पार्टी के NRI सेल का सह-संयोजक नियुक्त किया गया था।

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वन्य जीव अभयाण्य में अब हिरण, चीतल, तेंदुआ, लकड़बग्घा जैसे जानवरों का परिवार बढ़ गया है।(Pixabay)

कोरोना काल में जब सब कुछ बंद चल रहा था । झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व(Palamu Tiger Reserve) में कोरोना काल के दौरान सैलानियों और स्थानीय लोगों का प्रवेश रोका गया तो यहां जानवरों की आमद बढ़ गयी। इस वन्य जीव अभयाण्य में अब हिरण, चीतल, तेंदुआ, लकड़बग्घा जैसे जानवरों का परिवार बढ़ गया है। आप को बता दे कि लगभग एक दशक के बाद यहां हिरण की विलुप्तप्राय प्रजाति चौसिंगा की भी आमद हुई है। इसे लेकर परियोजना के पदाधिकारी उत्साहित हैं। पलामू टाइगर प्रोजेक्ट(Palamu Tiger Reserve) के फील्ड डायरेक्टर कुमार आशुतोष ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि लोगों का आवागमन कम होने जानवरों को ज्यादा सुरक्षित और अनुकूल स्पेस हासिल हुआ और इसी का नतीजा है कि अब इस परियोजना क्षेत्र में उनका परिवार पहले की तुलना में बड़ा हो गया है।

पिछले हफ्ते इस टाइगर रिजर्व(Palamu Tiger Reserve) के महुआडांड़ में हिरण की विलुप्तप्राय प्रजाति चौसिंगा के एक परिवार की आमद हुई है। फील्ड डायरेक्टर कुमार आशुतोष के मुताबिक एक जोड़ा नर-मादा चौसिंगा और उनका एक बच्चा ग्रामीण आबादी वाले इलाके में पहुंच गया था, जिसे हमारी टीम ने रेस्क्यू कर एक कैंप में रखा है। चार सिंगों वाला यह हिरण देश के सुरक्षित वन प्रक्षेत्रों में बहुत कम संख्या में है।

Palamu Tiger Reserve वन्य जीव अभयाण्य में अब हिरण, चीतल, तेंदुआ, लकड़बग्घा जैसे जानवरों का परिवार बढ़ गया है।(Unsplash)

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