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व्यवसाय

HP , NSDC ने मुफ्त सामग्री, बाल कौशल बढ़ाने के लिए साझेदारी की

एचपी इंडिया ने गुरुवार को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के साथ भागीदारी की घोषणा की, ताकि भारत भर में छात्रों के लिए घर पर सीखने (होम लर्निग) और बचपन के शुरुआती कौशल विकास के लिए वैज्ञानिक रूप से डिजाइन की गई वर्कशीट और सामग्री (कंटेंट) प्रदान की जा सके।

एचपी इंडिया ने गुरुवार को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के साथ भागीदारी की घोषणा की, ताकि भारत भर में छात्रों के लिए घर पर सीखने (होम लर्निग) और बचपन के शुरुआती कौशल विकास के लिए वैज्ञानिक रूप से डिजाइन की गई वर्कशीट और सामग्री (कंटेंट) प्रदान की जा सके। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस साझेदारी के एक हिस्से के रूप में, एनएसडीसी एचपी के प्रिंट लर्न सेंटर की सामग्री को अपने डिजिटल स्किलिंग प्लेटफॉर्म ई-स्किल इंडिया पर होस्ट करेगा और इसे लाखों संभावित उपयोगकर्ताओं के लिए मुफ्त में उपलब्ध कराएगा।

ई-स्किल इंडिया एक डिजिटल स्किलिंग पहल है, जो विभिन्न भारतीय और वैश्विक नॉलेज पार्टनर के माध्यम से ई-लर्निग संसाधनों को एकत्रित करती है। एचपी इंडिया मार्केट के प्रबंध निदेशक केतन पटेल ने अपने एक बयान में कहा, द प्रिंट लर्न सेंटर एचपी की ओर से इस अंतर को दूर करने में मदद करने का एक प्रयास है। एनएसडीसी के साथ हमारे सहयोग के माध्यम से हम भारत भर में लाखों छात्रों और शिक्षकों को यह सामग्री प्रदान करने की उम्मीद करते हैं और हमारे देश की भावी पीढ़ियों के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में एक भूमिका निभा रहे हैं।


ई-स्किल इंडिया एक डिजिटल स्किलिंग पहल है । ( Unsplash ) 

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प्रिंट लर्न सेंटर (एचपी-पीएलसी), एचपी की ओर से शुरू की गई एक पहल है, जो कि मुद्रण योग्य शिक्षण (प्रिंटेबल लर्निग) मॉड्यूल प्रदान करती है, जो शिक्षा एवं कौशल विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई है। इसे सार्वभौमिक शिक्षा (यूनिवर्सल लर्निग) को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है और यह नियमित स्कूल पाठ्यक्रम के लिए उपयोगी साबित होगा।

प्रिंट लर्न सेंटर सामग्री अंग्रेजी और सात भारतीय भाषाओं (कन्नड़, तमिल, तेलुगू, बांग्ला, हिंदी, गुजराती और मराठी) में उपलब्ध कराई जाएगी, जो युवाओं में समस्या निवारण, विश्लेषणात्मक क्षमता, कंप्यूटिंग और नेतृत्व क्षमताओं जैसे आधुनिक कौशल के विकास को सक्षम बनाएगी। कंपनी ने कहा कि इस सहयोग के माध्यम से एचपी और एनएसडीसी का लक्ष्य कम उम्र से ही बच्चों के लिए समग्र कौशल विकास सुनिश्चित करना है। (आईएएनएस )

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रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है। (Pixabay)

एप्पल (Apple) कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस, एक आईफोन, एयरपोड्स और वॉच को पावर दे सकता है।

मैकरियूमर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 'पावर ऑन' न्यूजलेटर के लेटेस्ट एडीशन में मार्क गुरमन ने कंपनी की भविष्य की वायरलेस चाजिर्ंग तकनीक के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी का खुलासा किया।

उन्होंने लिखा, "मेरा यह भी मानना है कि एप्पल (Apple) छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है और यह एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहां एप्पल के सभी प्रमुख उपकरण एक-दूसरे को चार्ज कर सकते हैं। कल्पना कीजिए कि एक आईपैड एक आईफोन चार्ज कर रहा है और फिर वह आईफोन एयरपोड्स या एक एप्पल घड़ी चार्ज कर रहा है।"

apple , wireless charger, Iphone, iPod Chargers एप्पल कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस को पावर दे सकता है। [Wikimedia Commons]

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झारखंड के नोआमुंडी में खदान की कमान महिलाओं के हाथ में सौंपेगी टाटा स्टील कंपनी। [Wikimedia Commons]

टाटा स्टील (Tata Steel) कंपनी झारखंड में लौह अयस्क की एक खदान की कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथ में होगी। फावड़ा से लेकर ड्रिलिंग तक और डंपर चलाने से लेकर डोजर-शॉवेल जैसी हेवी मशीनों का संचालन कुशल महिला कामगारों के द्वारा किया जाएगा। नये साल यानी 2022 में पश्चिम सिंहभूम जिले की नोआमुंडी आयरन ओर माइन्स को पूरी तरह महिलाओं के हाथ में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। ऐसा प्रयोग देश में पहली बार हो रहा है।

टाटा स्टील (Tata Steel) के आयरन ओर एंड क्वेरीज डिविजन के महाप्रबंधक ए. के. भटनागर ने पत्रकारों को बताया कि नोआमुंडी स्थित कंपनी की आयरन ओर माइन्स में सभी शिफ्टों के लिए 30 सदस्यों वाली महिलाओं की टीम की तैनाती की जा रही है। खदान को स्वतंत्र रूप से महिलाओं के हाथों संचालित करने का यह टास्क कंपनी ने महिला सशक्तीकरण की परियोजना तेजस्विनी-2.0 के तहत लिया था और अब इसे सफलतापूर्वक लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

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इस साल देश में हिरासत में कुल 151 मौतें हुई हैं। (सांकेतिक चित्र, File Photo )

इस साल देश में हिरासत(police custody)में कुल 151 मौतें हुई हैं। केंद्र ने लोकसभा(Loksabha) में मंगलवार को यह जानकारी दी। बीजेपी सांसद वरुण गांधी के सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय(Nityanand Rai)ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के मुताबिक 15 नवंबर तक पुलिस हिरासत में मौत के 151 मामले दर्ज किए गए हैं।

महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत(police custody) में सबसे अधिक (26) मौतें हुईं हैं, उसके बाद गुजरात (21) और बिहार (18) का स्थान रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में 11-11 लोगों की मौत की खबर है।

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