Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
मनोरंजन

‘मैं आसानी से ऊब जाता हूं, इसलिए अलग-अलग किरदार करना मुझे पसंद हैं’ – ताहिर राज भसीन

अभिनेता ताहिर राज भसीन का कहना है कि उन्होंने हमेशा किरदारों में विविधता लाने की कोशिश की है, लेकिन बॉलीवुड में एक ही तरह की भूमिकाएं मिलना बहुत सामान्य है।

ताहिर राज भसीन ने बताया अपना टैलेंट दिखाने का तरीका।(सोशल मीडिया)

अभिनेता ताहिर राज भसीन का कहना है कि उन्होंने हमेशा किरदारों में विविधता लाने की कोशिश की है, लेकिन बॉलीवुड में एक ही तरह की भूमिकाएं मिलना बहुत सामान्य है। उन्होंने आईएएनएस को बताया, “यह बहुत आम बात है कि जब कोई एक रोल काम कर जाता है (तो तुम्हें वापस वही पुराने किरदार मिलते हैं) जैसे कि ‘मर्दानी’ के चलने के बाद मुझे दुश्मनी के किरदार मिलने लगे। ‘छीछोरे’ के बाद, कॉलेज, हॉस्टल लाइफ के किरदार मिलने लगे। ऐसा नहीं है कि मैं ऐसे किरदार खराब स्क्रिप्ट के कारण मना कर देता हूं। बस वो चीज उस समय नहीं करना चाहता।”

अभिनेता का कहना है कि फिल्म निर्माता उन किरदारों में कास्टिंग कलाकारों को पसंद करते हैं जो पहले उनके लिए काम कर चुके हैं।


उन्होंने कहा, “यह हर अभिनेता के साथ होता है। एक फिल्म निर्माता के लिए ट्राई और टेस्ट जोन में जाना सामान्य है। मुझे जोखिम लेने और विभिन्न पहलुओं और अपनी खुद की अभिनय प्रतिभा की खोज करने में मजा आता है। यही मेरी दिलचस्पी है।”

उन्होंने आगे कहा, “यदि कोई एक पीरियड फिल्म देख रहा है, तो वे मंटो को देखेंगे, यदि यह एक कॉलेज फिल्म है, तो वे छीछोरे को देखेंगे। बहुत सारे नए अभिनेताओं के लिए पहली चीज दृश्य है। हालांकि, वह उनसे सोशल मीडिया पर अपनी अभिनय क्षमता दिखाने का आग्रह करते हैं।”

अभिनेता ताहिर राज भसीन।(सोशल मीडिया, Tahir Raj Bhasin)

उन्होंने आगे कहा, “आप इसे तोड़ सकते हैं, अपने कंफर्ट जोन से बाहर जा सकते हैं। उपकरण आपके हाथ में हैं। इंस्टाग्राम पर सेल्फी वीडियो बनाएं या अपने फोन पर एक छोटी सी फिल्म शूट करें और धारणा को तोड़ें। यह एक अभिनेता के रूप में आप पर निर्भर करता है।”

यह भी पढ़े : जब लोगों को लगा कि बिग बी की आंखों की रोशनी चली गई!.

साथ ही उन्होंने यह भी कहा, “मैं आसानी से ऊब जाता हूं, इसलिए मैं अलग-अलग किरदारों में काम करता हूं। यह कुछ ऐसा करने का सख्त फैसला है जो कुछ अलग करने के लिए है, ताकि मुझे यह महसूस न हो कि मैंने यह किया है।”

ताहिर अगले कुछ महीनों में ‘लूप लेपेटा’ और ’83’ फिल्मों के साथ-साथ वेब सीरीज ‘ये काली काली आंखें’ में नजर आएंगे।(आईएएनएस-PK)

Popular

महिला बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Wikimedia Commons)

जैसा कि राष्ट्र ने 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस(National Girl Child Day) मनाया, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री(Union Minister of Women and Child Development) श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी(Smriti Zubin Irani) ने देशवासियों से देश की बेटियों की सराहना करने और उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाकर उन्हें प्रोत्साहित करने और एक समावेशी निर्माण के लिए लिंग विभाजन को पाटने और समान समाज का संकल्प लेने का आह्वान किया।

"शिक्षित करें, प्रोत्साहित करें, सशक्त करें! आज का दिन हमारी लड़कियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने का दिन है। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर, जैसा कि हम अपनी बेटियों की उपलब्धियों का जश्न मनाते हैं, हम एक समावेशी और समान समाज के निर्माण के लिए लिंग भेद को पाटने का संकल्प लेते हैं”, ईरानी ने अपने ट्वीट संदेश में कहा।

Keep Reading Show less

नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

गणतंत्र दिवस समारोह(Republic Day Celebration) हमेशा संस्कृति का पर्याय होते हैं, क्योंकि इस दिन विभिन्न राज्यों की झांकियों को नई दिल्ली में राजपथ पर परेड के हिस्से के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। दर्शकों का स्वागत रंग-बिरंगे छींटों और देश की विविधता के प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व के साथ किया जाता है।

इस वर्ष, भारतीय गणराज्य के 73वें वर्ष के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) को दो अलग-अलग कपड़ों में देखा गया - जो देश के दो अलग-अलग राज्यों से संबंधित हैं - जिनका पारंपरिक महत्व है।

Keep Reading Show less

डॉ. मुनीश रायजादा ने इस वेब सीरीज़ के माध्यम से आम आदमी पार्टी में हुए भ्रस्टाचार को सामने लाने का प्रयास किया है।

पंजाब(Punjab) में जहां एक तरफ आगामी चुनाव में आम आदमी पार्टी(Aam Aadmi Party) एक बड़ी जीत की उम्मीद कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर इसी पार्टी के एक पूर्व सदस्य ने एक वेब सीरीज के ज़रिये इस पार्टी के भीतर छिपे काले सच को बाहर लाने की कोशिश की है। वेब सीरीज का नाम है ट्रांसपेरेंसी : पारदर्शिता(Transparency : Paardarshita) है, जोकि डॉ मुनीष रायजादा(Dr Munish Raizada द्वारा निर्देशित और निर्मित है। डॉ रायजादा शिकागो में एक डॉक्टर के तौर पर कार्यरत हैं और कुछ समय पहले तक आम आदमी पार्टी के लिए काम भी करते थे, पर जैसे ही उन्होंने यह देखा की आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतो से भटक रही है तो उन्होंने इसके खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई।

मीडिया एजेंसी IANS से फ़ोन पर बातचीत करते हुए डॉ रायजादा ने बताया, "पारदर्शिता एक राजनीतिक वेब सीरीज है, इसलिए हमने पहले इसके ज़्यादा प्रचार और प्रसार के बारे में नहीं सोचा, परंतु जब बात आई इसे समाज के हर तबके तक पहुंचाने की तो फिर हमें यूट्यूब का ख्याल आया।" पारदर्शिता वेब सीरीज का पहला एपिसोड 17 जनवरी को यूट्यूब पर रिलीज़ किया गया था।

Keep reading... Show less