Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

अपनी हार से बहुत कुछ सीखा है : बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु

By : सुगंधा रावल मौजूदा विश्व चैम्पियन भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु पिछले साल टोक्यो ओलंपिक के एक साल तक के लिए स्थगित होने से बहुत निराश थी, लेकिन उस दौरान उन्होंने अपने खाली समय का उपयोग अपनी गलतियों को सुधारने में किया। ओलंपिक पदक विजेता सिंधु कोविड-19 के बाद पहली बार हाल में

By : सुगंधा रावल 

मौजूदा विश्व चैम्पियन भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु पिछले साल टोक्यो ओलंपिक के एक साल तक के लिए स्थगित होने से बहुत निराश थी, लेकिन उस दौरान उन्होंने अपने खाली समय का उपयोग अपनी गलतियों को सुधारने में किया।


ओलंपिक पदक विजेता सिंधु कोविड-19 के बाद पहली बार हाल में थाईलैंड ओपन में कोर्ट पर उतरी, जहां उन्हें पहले राउंड में ही हार का सामना करना पड़ा। सिंधु का कहना है कि हार उन्हें हमेशा अगली बार और मजबूती से वापसी करने की याद दिलाती है।

सिंधु ने आईएएएनएस से कहा, “मैंने पिछले साल से काफी कुछ सीखा है। पहली चीज मेरे अंदर संयम थी क्योंकि उस समय कई महीनों तक कोई टूर्नामेंटस नहीं थे। हम बाहर निकल कर बैडमिंटन नहीं खेल सकते थे और इसलिए हमें धैर्य रखने की जरूरत थी।”

भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु । ( Twitter )

यह भी पढ़ें : सिडनी एससीजी में सुरक्षाकर्मी ने भारतीय दर्शक पर की थी नस्लीय टिप्पणी

उन्होंने कहा, “मैंने काफी समय अपने परिवार के साथ बिताया क्योंकि बाकी समय तो टूर्नामेंटों के लिए दौरा करने में ही गुजर जाता था। यह पहली बार था जब मैंने अपने परिवार के साथ इतना समय बिताया है। मैं घर पर ही ट्रेनिंग कर रही थी और मैंने धैर्य रखना सीखा।”

सिंधु कोरोना के बाद से पहली बार पिछले सप्ताह कोर्ट पर लौटी थी, जहां उन्हें थाईलैंड ओपन के पहले ही दौर में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो जाना पड़ा। सिंधु का पिछले साल मार्च में आल इंग्लैंड ओपन के बाद से यह पहला टूर्नामेंट था।

महिला बैडमिंटन खिलाड़ी ने कहा, “मैं कोर्ट पर वापसी करने को लेकर उत्साहित हूं। इस समय मैं सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दे रही हूं।”25 वर्षीय सिंधु ने आगे कहा कि करियर में हार भी उतनी ही अहम है, जितनी जीत है।
विश्व चैम्पियन ने कहा, “मैंने अपनी हार से बहुत कुछ सीखा है। हार आपको अगली बार मजबूती से वापसी करने की याद दिलाती है।” (आईएएनएस)

Popular

प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन (wikimedia commons)

हमारे देश में लव जिहाद के जब मामले आते है , तब इस मुद्दे पर चर्चा जोर पकड़ती है और देश कई नेता और जनता अपनी-अपनी राय को वयक्त करते है । एसे में एक प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन ने सोमवार को एक बयान दिया जिसमें उन्होनें कहा कि यह मुस्लिम समुदाय नहीं बल्कि ईसाई हैं जो देश में धर्मांतरण और लव जिहाद में सबसे आगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनडीए के सहयोगी और भारत धर्म जन सेना के संरक्षक वेल्लापल्ली नतेसन नें एक कैथोलिक पादरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी , जिसमे कहा गया था हिंदू पुरुषों द्वारा ईसाई धर्म महिलाओं को लालच दिया जा रहा है। नतेसन नें पाला बिशप जोसेफ कल्लारंगट की एक टिप्पणी जो कि विवादास्पद "लव जिहाद" और "मादक जिहाद" की भी जमकर आलोचना की और यह कहा कि इस मुद्दे पर "मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है"।

Keep Reading Show less

महंत नरेंद्र गिरि (Wikimedia Commons)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को बाघंबरी मठ स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को जांच के बाद सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा ''यह एक दुखद घटना है और इसी लिए अपने संत समाज की तरफ से, प्रदेश सरकार की ओर से उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए में स्वयं यहाँ उपस्थित हुआ हूँ। अखाड़ा परिषद और संत समाज की उन्होंने सेवा की है। नरेंद्र गिरि प्रयागराज के विकास को लेकर तत्पर रहते थे। साधु समाज, मठ-मंदिर की समस्याओं को लेकर उनका सहयोग प्राप्त होता था। उनके संकल्पों को पूरा करने की शक्ति उनके अनुयायियों को मिले''

योगी आदित्यनाथ ने कहा '' कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था। एक-एक घटना के पर्दाफाश होगा और दोषी अवश्य सजा पाएगा। मेरी अपील है सभी लोगों से की इस समय अनावश्यक बयानबाजी से बचे। जांच एजेंसी को निष्पक्ष रूप से कार्यक्रम को आगे बढ़ाने दे। और जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा उसको कानून की तहत कड़ी से कड़ी सजा भी दिलवाई जाएगी।

Keep Reading Show less

By: कम्मी ठाकुर, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तम्भकार, हरियाणा

केजरीवाल सरकार की झूठ, फरेब, धूर्तता और भ्रष्टाचार की पोल खोलता 'बोल रे दिल्ली बोल' गीतरुपी शब्दभेदी बाण एकदम सटीक निशाने पर लगा है। सुभाष, आजाद, भगतसिंह जैसे आजादी के अमर शहीद क्रांतिकारियों के नाम व चेहरों को सामने रखकर जनता को बेवकूफ बना सुशासन ईमानदारी और पारदर्शिता का सब्जबाग दिखाकर सत्ता पर काबिज हुए अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार आज पूरी तरह से मुस्लिम तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार, कुशासन एवं कुव्यवस्था के दल-दल में धंस चुकी है। आज केजरीवाल का चाल, चरित्र और चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। दिल्ली में कोविड-19 के दौरान डॉक्टरों सहित सैकड़ों विभिन्न धर्म-संप्रदाय के मेडिकल स्टाफ के लोगों ने बतौर कोरोना योद्धा अपनी जाने गंवाई थी। लेकिन उन सब में केजरीवाल के चश्मे में केवल मुस्लिम डॉक्टर ही नजर आया, जिसके परिजनों को 'आप सरकार' ने एक करोड़ की धनराशि का चेक भेंट किया। किंतु बाकी किसी को नहीं बतौर मुख्यमंत्री यह मुस्लिम तुष्टिकरण, असंगति, पक्षपात आखिर क्यों ?

Keep reading... Show less