Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

पानी किया बर्बाद तो लगेगा जुर्माना

दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने जल बोर्ड के प्रवर्तन अधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में, पानी की बर्बादी या दुरुपयोग को रोकने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया है।

दिल्ली जल बोर्ड ने समाज में पानी की हर बूँद का मोल बताने के लिए यह कदम उठाया है। (Pixabay)

दिल्ली जल बोर्ड ने राष्ट्रीय राजधानी में पानी की बर्बादी रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किया है और कहा है कि गलती करने पर रोजाना के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। जल बोर्ड का कहना है कि चौबीस घंटे पानी का ये मतलब नहीं है कि कोई भी व्यक्ति पानी का दुरुपयोग करे।

दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक, पानी की बर्बादी या दुरुपयोग के लिए पहली गलती पर स्पेशल मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा 2000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। गलती बार-बार की जाने पर 500 रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना लगाया जा सकता है। पानी की बर्बादी की श्रेणी में छत की टंकियों से लगातार पानी का ओवरफ्लो होना, पाइप से गाड़ियां धुलना इत्यादि आते हैं। घरेलू पानी का कनेक्शन लेकर उसे गैर-घरेलू काम में उपयोग करने वाले लोगों पर भी पहली गलती के लिए 1000 रुपये और उसके बाद अगर ये गलती बार-बार होती है तो 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जा सकता है।


दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने कहा, “जब तक हमारे अधिकारी इसे लेकर सतर्क नहीं होंगे, तब तक उपभोक्ताओं तक इस संदेश को पहुंचाना मुश्किल होगा।”

यह भी पढ़ें – हमारा लक्ष्य भारत को विज्ञान एवं तकनीकी हब बनाना : डॉ. निशंक

दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को पिछले साल काफी कम चालान काटे जाने पर फटकार लगाते हुए कहा, “लोगों में ये संदेश मजबूती के साथ पहुंचाना जरूरी है कि दिल्ली जल बोर्ड अब पानी की बर्बादी या अवैध कनेक्शन बर्दाश्त नहीं करेगा। गलती करने वाले 1-2 लोगों की सजा पूरे समाज को भुगतनी पड़ती है, दिल्ली जल बोर्ड अपने उपभोक्ताओं को ऐसे लोगों की वजह से परेशानी उठाने नहीं देगा। सीवर में गंदगी या कचरा बहाने से सीवर बंद हो जाते हैं और 1-2 लोगों की गलती का नुकसान काफी लोगों को उठाना पड़ता है, सीवर में कचरा बहाने वालों पर त्वरित कार्रवाई कर जुर्माना लगाया जाए।”

दिल्ली जल बोर्ड द्वारा 1 महीने का सतर्कता अभियान चलाया जाएगा। (Pixabay)

दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष ने प्रवर्तन अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल बोर्ड 1 महीने का सतर्कता अभियान चलाएगा, जिसकी रूपरेखा तैयार की जाए। उन्होंने कहा, “इस अभियान में हम उन सभी इलाकों में अपनी टीम भेजेंगे, जहां जल बोर्ड के नियमों का ज्यादा उल्लंघन हो रहा है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ चालान काटना ही नहीं होगा, बल्कि हमें लोगों में पानी के सही उपयोग को लेकर जागरूकता भी फैलानी है।”

यह भी पढ़ें – एनकाउंटर स्पेशलिस्ट राजेश पांडेय क्यों बने ‘पैडमैन’

उन्होंने कहा, “ये भी देखने में आया है कि कई बार घरेलू प्रयोग के लिए लिए गए पानी के कनेक्शन का गैर-घरेलू या व्यवासायिक कार्यो के लिए इस्तेमाल हो रहा है, ऐसी किसी भी गलती को दिल्ली जल बोर्ड बर्दाश्त नहीं करेगा। ऐसे कार्यो के लिए दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति या संस्था के खिलाफ तुरंत चालान जारी किया जाए।”

राघव चड्ढा ने कहा, “मैं दिल्ली जल बोर्ड के सभी अधिकारियों और इंजीनियर्स की कड़ी मेहनत की सराहना करता हूं, लेकिन हमें ये समझना होगा कि हम एक मिनट के लिए भी लापरवाह नहीं हो सकते। हम सब सुनते रहते हैं कि ‘पानी की हर बूंद जरूरी है’ अब इस कहावत को हमें हकीकत में बदलना होगा।” (आईएएनएस)

Popular

इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

Keep Reading Show less
Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

Keep Reading Show less

वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

Keep reading... Show less