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थोड़ा हट के

आईआईटी दिल्ली ने किया शाकाहारी अंडे का आविष्कार

आईआईटी दिल्ली में अविष्कार किया गया यह नकली अंडा, विकास और आहार प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करता है। साथ ही स्वास्थ्य जागरूक के मानकों पर भी खरा उतरता है।

आईआईटी दिल्ली । ( Wikimedia commons )

आईआईटी दिल्ली द्वारा संयंत्र आधारित नकली अंडे का नवाचार किया गया है। आईआईटी दिल्ली में अविष्कार किया गया यह नकली अंडा, विकास और आहार प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करता है। साथ ही स्वास्थ्य जागरूक के मानकों पर भी खरा उतरता है। खास बात यह है कि आईआईटी दिल्ली द्वारा बनाया गया यह नकली अंडा खाने में स्वादिष्ट है और पूरी तरह से शाकाहारी है। अपने इसी आविष्कार के लिए आईआईटी दिल्ली ने इनो वेट्स फॉर एसडीजी फॉर एसडीजी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है।

यह प्रतियोगिता यूएनडीपी (यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम) एक्सेलेरेटर लैब इंडिया द्वारा आयोजित की गई थी। यह अविष्कार आईआईटी दिल्ली के सेंटर फॉर रूरल डेवलपमेंट एंड टेक्नोलॉजी की प्रोफेसर काव्या दशोरा ने किया है। जर्मनी के आर्थिक सहयोग और विकास की प्रमुख क्रिस्टिय ने आईआईटी दिल्ली को इस सम्मान पुरस्कृत किया। पुरस्कार में 5000 अमेरिकी डॉलर शामिल हैं। अपने इस नवाचार के लिए आईआईटी दिल्ली को ऑनलाइन सम्मानित किया गया है। यूएनडीपी के अनुसार, “मॉक एग इनोवेशन एक परफेक्ट इनोवेशन है।



अंडे की सच्चाई

नकली अंडे का विकास आहार की प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करता है। स्वास्थ्य जागरूकता के प्रति भी सतर्क है। शाकाहारी पदार्थो से बनाया गया यह नकली अंडा भूख और अच्छे स्वास्थ्य कि अधिकांश आवश्यकताओं को पूरा करता है।”

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प्रो. काव्या दशोरा ने कहा, “संयंत्र आधारित बनावट वाले खाद्य पदार्थ जो अंडे, मछली और चिकन से मिलते जुलते हैं, कुपोषण और स्वच्छ प्रोटीन के लिए लंबी लड़ाई को संबोधित करने के उद्देश्य से विकसित किए गए हैं। यह लोगों के लिए प्रोटीन भोजन युक्त है। मॉक एग को बहुत ही सरल खेत आधारित फसल से विकसित किया गया है। प्रोटीन, जो न केवल अंडे की तरह दिखता है और स्वाद होता है, बल्कि पोषण प्रोफाइल में भी अंडे के बहुत करीब है।” अंडे के अलावा, आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिकों ने चिकन के लिए मांस के एनालॉग भी विकसित किए हैं। फल और सब्जियों का उपयोग कर पौधे के स्रोतों से मछली उत्पादों का परीक्षण किया गया है। (आईएएनएस)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता ( wikimedia Commons )

अमेरिकी डेटा इंटेलिजेंस फर्म ‘द मॉर्निंग कंसल्ट’ की एक सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रूवल रेटिंग 71% दर्ज की गई है यह जानकारी 'द मॉर्निंग कंसल्ट' ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए साझा की है। 'द मॉर्निंग कंसल्ट' के सर्वे के मुताबिक अप्रूवल रेटिंग में प्रधानमंत्री मोदी ने अमरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन समेत दुनिया भर के 13 राष्ट्र प्रमुखों को पीछे छोड़ दिया है।

मॉर्निंग कंसल्ट’ दुनिया भर के टॉप लीडर्स की अप्रूवल रेटिंग ट्रैक करता है। मॉर्निंग कंसल्ट पॉलिटिकल इंटेलिजेंस वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, जापान, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, स्पेन, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में नेताओं की रेटिंग पर नज़र रख रही है। रेटिंग पेज को सभी 13 देशों के नवीनतम डेटा के साथ साप्ताहिक रूप से अपडेट किया जाता है।

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अल्लू अर्जुन की नई फिल्म 'अला वैकुंठपुरमुलु' हिंदी में जल्द होगी रिलीज ( wikimedia commons )


हाल ही में रिलीज़ हुई अल्लू अर्जुन की फ़िल्म 'पुष्पा: द राइज़' को दर्शकों ने काफ़ी पसंद किया इस फ़िल्म के आने के बाद से तमिल फिल्म के अभिनेता अल्लू अर्जुन के प्रशंसकों की संख्या में काफ़ी इज़ाफ़ा हुआ है। लोग उनकी फिल्म को खूब पसंद कर रहे हैं । अब दर्शकों को अल्लू अर्जुन की नई फिल्म 'अला वैकुंठपुरमुलु' को हिंदी में रिलीज होने का इंतजार है। यह फ़िल्म भगवान विष्णु की पौराणिक कहानी से प्रेरित है।
पुष्पा की तरह फ़िल्म 'अला वैकुंठपुरमुलु' से भी दर्शक जुड़ाव महसूस करें इसके लिए मेकर्स ने इस फ़िल्म के टाइटल के मायने भी बताए।

फिल्म निर्माण कम्पनी ‘गोल्डमाइंस टेलीफिल्म्स’ ने अपने ट्विटर हैंडल पर फ़िल्म 'अला वैकुंठपुरमुलु'का मतलब बताते हुए लिखा की “अला वैकुंठपुरमुलु पोथन (मशहूर कवि जिन्होंने श्रीमद्भागवत का संस्कृत से तेलुगु में अनुवाद किया) की मशहूर पौराणिक कहानी गजेंद्र मोक्षणम की सुप्रसिद्ध पंक्ति है। भगवान विष्णु हाथियों के राजा गजेंद्र को मकरम (मगरमच्छ) से बचाने के लिए नीचे आते हैं। उसी प्रकार फिल्म में रामचंद्र के घर का नाम वैकुंठपुरम है, जहाँ बंटू (अल्लू अर्जुन) परिवार को बचाने आता है। अला वैकुंठपुरमुलू की यही खूबी है।”

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फ़िल्म अभिनेता मनोज बाजपेयी (Wikimedia Commons)

दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी(Manoj Bajpai) के लिए ये साल काफी व्यस्त रहने वाला है क्योंकि वह इस साल कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके पास जो प्रतिबद्धताएं हैं वह 2023 के अंत तक ऐसे ही रहने वाली हैं।

साल 2022 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मनोज बाजपेयी(Manoj Bajpai) के लिए बहुत व्यस्त रहने वाला है क्योंकि वह इस साल राम रेड्डी की बिना शीर्षक वाली फिल्म, कानू भेल की 'डिस्पैच', अभिषेक चौबे की फिल्म और राहुल चितेला की फिल्म जैसे नए प्रोजेक्ट के लिए बैक-टू-बैक शूटिंग करेंगे।


मनोज बाजपेयी ने हाल ही में दो प्रोजेक्ट को खत्म किया है, एक रेड्डी की अभी तक बिना शीर्षक वाली फिल्म के साथ, जिसमें दीपिक डोबरियाल भी हैं। फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड की खूबसूरत जगहों पर हुई फिर, उन्होंने कानू बहल द्वारा निर्देशित आरएसवीपी के 'डिस्पैच' को समाप्त किया, जो अपराध पत्रकारिता की दुनिया में स्थापित एक खोजी थ्रिलर है।

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