Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
थोड़ा हट के

स्कूल बंद होने पर भीख मांगने निकले बच्चों की किस्मत में आया सुधार !

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में गरीब परिवारों के बच्चे भीख मांगने न जाएं, उनकी पढ़ाई होती रहे, इसके लिए अहिंसा वेलफेयर सोसायटी के सदस्यों ने मुहिम छेड़ी है।

कोरोना के कारण स्कूल बंद होने की वजह से बच्चे अपने गांव से निकलकर भीख मांगने का काम कर रहे हैं। (सांकेतिक चित्र, Wikimedia Commons)

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए उठाए गए एहतियाती कदमों का आम-आदमी से लेकर बच्चों तक की जिंदगी पर बड़ा असर पड़ा है। स्कूल बंद चल रहे हैं, ऐसे में बच्चों को जहां काम में लगाया जा रहा है, वहीं भीख मांगने भी जाते हैं, इसे रोकने के लिए भी पहल करने वालों की कमी नहीं है। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में गरीब परिवारों के बच्चे भीख मांगने न जाएं, उनकी पढ़ाई होती रहे, इसके लिए अनुपम पहल की गई है।

राजगढ़ जिले में कई इलाके ऐसे हैं जहां नाथ समुदाय के परिवारों का निवास है। इन परिवारों की माली हालत अच्छी नहीं है, वे मजदूरी और भीख मांगकर अपना भरण पोषण करते हैं। कोरोना के कारण स्कूल बंद हैं तो बच्चे अपने गांव से निकलकर भीख मांगने का काम करते हैं। कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई जारी रहे, इसके लिए अहिंसा वेलफेयर सोसायटी के सदस्यों ने मुहिम छेड़ी है।


यह भी पढ़ें – आई पैड पर गेम खेलते हुए 6 साल के बच्चे ने 11 लाख रुपए किए खर्च

सोसायटी के अरुण सालातकर बताते हैं कि, “एक दिन उनकी संस्था के सदस्य बाजार में निकले, जहां कई बच्चे भीख मांगते दिखे। जब बच्चों से पूछा गया कि आखिर वो भीख क्यों मांग रहे हैं, तो उन्होंने बताया कि वे नाथ समुदाय से हैं और टिटोड़ी गांव में रहने वाले हैं। इन दिनों उनके स्कूल बंद हैं इसलिए भीख मांगने निकले हैं।”

इन बच्चों के पास ऑनलाइन पढ़ाई करने के लिए सुविधाएं नहीं हैं। (Pixabay)

टिटोड़ी गांव तीन टोलों में बसा है, इन सभी टोलों में 70 स्कूल और आंगनवाड़ी जाने योग्य बच्चे हैं और कुल जनसंख्या 139 है। परिवारों की संख्या 22 है। तीनों टोलों में नाथ समुदाय के लोग रहते हैं, जो भिक्षा मांगने, चटाई और प्लास्टिक की कुर्सियां बेचने का काम करते हैं।

यह भी पढ़ें – मध्य प्रदेश के जिले में गीत-संगीत के जरिए हो रही है पढ़ाई

सालातकर बताते हैं कि, “बच्चे भीख न मांगे और पढ़ाई करें, इसके लिए उन्होंने चाइल्ड राइट ऑब्जरवेटरी के साथ मिलकर इन बच्चों को घर पर ही पढ़ाने की योजना बनाई। कोरोना के कारण स्कूल बंद हैं, तो ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। इन बच्चों के पास न तो टीवी है और न ही मोबाइल। इस पर संस्था के सदस्यों ने तय किया कि इन बच्चों को घर पर जाकर ही पढ़ाया और लिखाया जाए, इसके साथ ही खेलकूद का भी इंतजाम किया जाए। उसी के मुताबिक संस्था के सदस्य नियमित तौर पर 20 बच्चों को पढ़ाते हैं, इनमें अधिकांश बच्चे प्राथमिक कक्षाओं के हैं।”

इस पहल का नतीजा यह हुआ है कि बच्चे स्कूल बंद होने के बावजूद भीख मांगने नहीं जाते, घरों में ही रहते हैं और उनकी पढ़ाई भी चल रही है। (आईएएनएस)

Popular

इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

Keep Reading Show less
Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

Keep Reading Show less

वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

Keep reading... Show less