Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
दुनिया

अबू धाबी : प्रवासी भारतीय ने लॉटरी में जीता 50 लाख डॉलर का इनाम

अबू धाबी में आयोजित एक बिग टिकट लॉटरी रैफल में एक प्रवासी भारतीय ने दो करोड़ दिरहम (5,445,169 डॉलर) जीते। मीडिया को यह जानकारी दी गई। सोमवार को गल्फ न्यूज के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से केरल के रहने वाले अब्दुस्सलाम एनवी फिलहाल मस्कट में रहते हैं। उन्होंने 29 दिसंबर, 2020

अबू धाबी में आयोजित एक बिग टिकट लॉटरी रैफल में एक प्रवासी भारतीय ने दो करोड़ दिरहम (5,445,169 डॉलर) जीते। मीडिया को यह जानकारी दी गई। सोमवार को गल्फ न्यूज के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से केरल के रहने वाले अब्दुस्सलाम एनवी फिलहाल मस्कट में रहते हैं। उन्होंने 29 दिसंबर, 2020 को लॉटरी का टिकट ऑनलाइन खरीदा था।

बिग टिकट के अधिकारी शुरुआत में विजेता का पता लगाने में नाकामयाब रहे, जिसके बाद उन्होंने मदद के लिए एक नोटिस निकाला। अब्दुस्सलाम ने सोमवार को गल्फ न्यूज से बात करते हुए कहा, “आयोजकों द्वारा एक अलग तरह के इंटरनेशनल कोड का इस्तेमाल किया जा रहा था और शायद इसीलिए वे मुझ तक नहीं पहुंच पा रहे थे।”


यह भी पढ़ें : वाशिंग मशीन, जिम और लाइब्रेरी के बाद सिंघु बॉर्डर पर तैयार हुआ पहियों वाला घर

अब्दुस्सलाम के दो बच्चे हैं, इसलिए वह अपनी जीती हुई रकम का एक बड़ा हिस्सा अपने बच्चों के भविष्य के लिए सुरक्षित रखना चाहते हैं। अब्दुस्सलाम के अलावा बिग टिकट रैफल में एक और प्रवासी भारतीय साजू थॉमस ने भी 30 लाख दिरहम जीते।रैफल के एक टिकट की कीमत 500 दिरहम है, लेकिन दो के साथ एक फ्री के ऑफर में 1,000 दिरहम में तीन टिकट मिलते हैं।

इसके आधिकारिक वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यू डॉट बिगटिकट डॉट एई पर जाकर या तो इन्हें खरीदा जा सकता है या फिर अबू धाबी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के आगमन हॉल काउंटर और अल ऐन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बिग टिकट के दुकानों से ये खरीदे जा सकते हैं। (आईएएनएस)

Popular

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।(PIB)

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बुधवार को दोहराया कि भारत सामूहिक स्वास्थ्य और आर्थिक कल्याण सुनिश्चित करने के लिए Covid-19 महामारी के खिलाफ एक निर्णायक और समन्वित प्रतिक्रिया देने के वैश्विक प्रयासों में सबसे आगे रहा है। कोविंद ने यह भी कहा कि दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तहत भारतीयों को अब तक 80 करोड़ से अधिक खुराक मिल चुकी है।

राष्ट्रपति भवन से एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को एक आभासी समारोह में आइसलैंड, गाम्बिया गणराज्य, स्पेन, ब्रुनेई दारुस्सलाम और श्रीलंका के लोकतांत्रिक गणराज्य के राजदूतों/उच्चायुक्तों से परिचय पत्र स्वीकार किए।

अपना परिचय पत्र प्रस्तुत करने वाले राजदूत निम्न हैं : महामहिम गुडनी ब्रैगसन, आइसलैंड के राजदूत, महामहिम मुस्तफा जवारा, गाम्बिया गणराज्य के उच्चायुक्त, महामहिम जोस मारिया रिडाओ डोमिंगुएज, स्पेन के राजदूत, महामहिम दातो अलैहुद्दीन मोहम्मद ताहा, ब्रुनेई दारुस्सलाम के उच्चायुक्त, महामहिम अशोक मिलिंडा मोरागोडा, श्रीलंका के लोकतांत्रिक समाजवादी गणराज्य के उच्चायुक्त।


इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने इन सभी राजदूतों को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी और उन्हें भारत में एक सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत के इन सभी पांच देशों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं और भारत इनके साथ शांति, समृद्धि का एक समन्वित दृष्टिकोण साझा करता है।

Keep Reading Show less

भारत का खूबसूरत क्षेत्र कोडाईकनाल।(Unsplash)

भारत के तमिलनाडु राज्य में स्थित कोडाईकनाल एक पर्वतीय नगर है। यह समुद्र तल 2133 मी. की ऊंचाई पर पिलानी नामक पहाड़ पे बसा हैं। ये अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण से सब को मनमोहित कर देता है । खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य के कारण इसे भारत का स्विट्जरलैंड भी कहा जाता हैं। यहां पर घूमने का मजा तब बढ़ जाता है, जब मानसून दस्तक देता है, क्योंकि इस समय यहां के झरने वादियां और भी खूबसूरत हो जाते हैं। यहां कुरिंजी नामक एक फूल है जो कि 12 वर्षों में खिलता है, जिससे यहां की पहाड़ियों में सुंदरता और निखरती है और इसकी महक मदहोश कर देने वाली होती है। कोडाईकनाल में प्रकृति की सुंदरता अपने तमाम रूपों में नजर आती है। विशाल चट्टान , शांत झील ,फलों के बगीचे और यहां के हरे भरे दृश्य अपनी सुंदरता की कहानियां व्यक्त करते हैं। मानसून में यह जगह जन्नत सी नजर आती है। यहां पर लोग पिकनिक मनाने , घूमने फिरने , या हनीमून के लिए आते हैं।

\u0915\u094b\u0921\u093e\u0908\u0915\u0928\u093e\u0932 \u090f\u0915 \u092a\u0930\u094d\u0935\u0924\u0940\u092f \u0928\u0917\u0930 तमिलनाडु राज्य में स्थित कोडाईकनाल एक पर्वतीय नगर(wikimedia commons)

Keep Reading Show less

देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटें। (IANS)

राम भक्तों द्वारा दी गई और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) (Vishwa Hindu Parishad) द्वारा तीन दशक लंबे मंदिर आंदोलन के दौरान देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटों का इस्तेमाल अब राम जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण के लिए किया जाएगा।

मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा, "1989 के 'शिलान्यास' के दौरान कारसेवकों द्वारा राम जन्मभूमि पर एक लाख पत्थर रखे गए थे। कम से कम, 2 लाख पुरानी कार्यशाला में रह गए हैं, जिन्हें अब निर्माण स्थल पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। ईंटों पर भगवान राम का नाम लिखा है और यह करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रमाण है।

Keep reading... Show less