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देश

उत्तर प्रदेश में बढ़ रही हैं धर्मांतरण की घटनाएं, सरकार को उठाने होंगे सख्त कदम

सलीम ने नाबालिग से जबरन विवाह कर धर्म परिवर्तन कराया। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और बच्चों पर कथित तौर पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया।

(NewsGram Hindi)

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के तीन निवासियों को गुजरात में एक 15 वर्षीय लड़की का धर्म परिवर्तन करने और उससे शादी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले लड़की के पिता गुजरात के भरूच में कैंटीन चलाते हैं और एक आरोपी सलीम वहां कर्मचारी था। फिरोजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), अशोक कुमार ने कहा, “आरोपी सलीम लड़की को इलाज के नाम पर फिरोजाबाद ले आया और उसका हिंदू नाम बदलकर मुस्लिम कर दिया। 21 साल के सलीम ने 15 साल की नाबालिग लड़की से शादी की।”

उन्होंने कहा कि लड़की के पिता फिरोजाबाद पहुंचे और सलीम के नहीं लौटने पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जानकारी जुटाई और पाया कि सलीम अपने पिता अब्दुल गफ्फार और बहनोई रहमान के साथ भरूच में था। एसएसपी कहा, “मामला संबंधित आईपीसी की धाराओं के तहत दर्ज किया गया था और चूंकि लड़की नाबालिग थी, इसलिए आरोपियों पर उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धार्मिक रूपांतरण अध्यादेश, 2020 के निषेध के अलावा पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।” तीनों आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और रविवार को जेल भेज दिया गया।


सलीम ने 15 साल की नाबालिग लड़की से जबरन शादी की।(सांकेतिक चित्र, VOA)

उत्तर प्रदेश के ही फतेहपुर जिले के पुरमई गांव के एक व्यक्ति को अपनी पत्नी और बच्चों पर कथित तौर पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। फतेहपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी), राजेश कुमार ने कहा कि आरोपी विजय सोनकर को रविवार को उसकी पत्नी की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया। पत्नी ने अपनी शिकायत में कहा था कि उस्रो पति और उनके बच्चों को मुस्लिम बनने के लिए मजबूर कर रहा है।

यह भी पढ़ें: जबरन धर्म परिवर्तन शिकायतें और धार्मिक स्वतंत्रता पर चर्चा में पकिस्तान को लेकर हुआ यह बड़ा खुलासा

पूछताछ के दौरान ट्रक चालक सोनकर ने पुलिस को बताया कि उसके कई मुस्लिम दोस्त थे और उनके प्रभाव में उसने इस्लाम धर्म अपना लिया था और चाहता था कि उसकी पत्नी और बच्चे भी उसी धर्म को अपनाएं। सोनकर ने स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी और बच्चों पर इस्लाम अपनाने के लिए दबाव डाला। उसके खिलाफ कानून के आवश्यक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।(आईएएनएस-SHM)

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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