Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
दुनिया

भारत-बांग्लादेश चिलाहाटी-हल्दीबाड़ी रेल लिंक 56 साल बाद बहाल

भारत और बांग्लादेशी मालगाड़ियों ने 56 साल बाद चिलाहाटी-हल्दीबाड़ी मार्ग पर परिचालन फिर से शुरू कर दिया है। इस रेल लिंक को भारत और बांग्लादेश के बीच पांचवें रेल लिंक के रूप में फिर से शुरू किया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश की राजकीय यात्रा (wikimedia commons)

भारत और बांग्लादेशी मालगाड़ियों ने 56 साल बाद चिलाहाटी-हल्दीबाड़ी मार्ग पर परिचालन फिर से शुरू कर दिया है। इस रेल लिंक को भारत और बांग्लादेश के बीच पांचवें रेल लिंक के रूप में फिर से शुरू किया गया था।

बांग्लादेश की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती, राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की जन्मशती और उनके बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 साल के समारोह में शामिल होने के लिए 26-27 मार्च को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश की राजकीय यात्रा के दौरान बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच 1965 से पहले के सभी रेल संपर्क बहाल करने का वादा किया था।


परिणामस्वरूप, दोनों सरकारों ने अपने रेल संपर्क और द्विपक्षीय व्यापार को मजबूत करने के लिए रेल लिंक को बहाल करने का काम शुरू किया।

विभाजन के बाद भी इस मार्ग पर रेल यातायात अभी भी चल रहा था। उस समय भारत और फिर पूर्वी पाकिस्तान के बीच इस मार्ग पर यात्री और मालगाड़ी चलती थी।

1947 में विभाजन के बाद 1965 तक, जब भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद, दोनों देशों के बीच रेल सेवा बंद हो गई थी, तब तक 7 रेल लिंक चालू थे।

बहाली के बाद, शेख हसीना और मोदी ने संयुक्त रूप से 17 दिसंबर, 2020 को पीएम स्तर के वर्चुअल द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान चिल्हाटी (बांग्लादेश)-हल्दीबाड़ी (भारत) रेल लिंक का उद्घाटन किया।

उन्होंने ढाका से न्यू जलपाईगुड़ी तक मिताली एक्सप्रेस ट्रेन का संयुक्त रूप से उद्घाटन भी किया। हालांकि, कोविड -19 महामारी के कारण, इसके संचालन को कुछ समय के लिए टाल दिया गया था।

Train Engine(Representational Image,Picture Credit: Wikimedia Commons

शेख हसीना सरकार ने 80, 16, 94,000 टका की लागत से चिलाहाटी रेलवे स्टेशन से सीमा तक 6.724 किमी ब्रॉड गेज रेलवे के निर्माण और 2.36 किमी लूप लाइन और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण का प्रोजेक्ट लिया है।

यह भी पढ़े : न्यूजीलैंड में विकलांग लोगों के साथ काफी दुर्व्यवहार .

वर्तमान में, बांग्लादेश और भारत के बीच चार परिचालन रेल लिंक- बेनापोल (बांग्लादेश)-पेट्रापोल (भारत), दर्शन (बांग्लादेश)-गेडे (भारत), रोहनपुर (बांग्लादेश)-सिंहाबाद (भारत), और बिरोल (बांग्लादेश)- राधिकापुर (भारत) हैं।

–(आईएएनएस-PS)

Popular

प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन (wikimedia commons)

हमारे देश में लव जिहाद के जब मामले आते है , तब इस मुद्दे पर चर्चा जोर पकड़ती है और देश कई नेता और जनता अपनी-अपनी राय को वयक्त करते है । एसे में एक प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन ने सोमवार को एक बयान दिया जिसमें उन्होनें कहा कि यह मुस्लिम समुदाय नहीं बल्कि ईसाई हैं जो देश में धर्मांतरण और लव जिहाद में सबसे आगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनडीए के सहयोगी और भारत धर्म जन सेना के संरक्षक वेल्लापल्ली नतेसन नें एक कैथोलिक पादरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी , जिसमे कहा गया था हिंदू पुरुषों द्वारा ईसाई धर्म महिलाओं को लालच दिया जा रहा है। नतेसन नें पाला बिशप जोसेफ कल्लारंगट की एक टिप्पणी जो कि विवादास्पद "लव जिहाद" और "मादक जिहाद" की भी जमकर आलोचना की और यह कहा कि इस मुद्दे पर "मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है"।

Keep Reading Show less

महंत नरेंद्र गिरि (Wikimedia Commons)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को बाघंबरी मठ स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को जांच के बाद सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा ''यह एक दुखद घटना है और इसी लिए अपने संत समाज की तरफ से, प्रदेश सरकार की ओर से उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए में स्वयं यहाँ उपस्थित हुआ हूँ। अखाड़ा परिषद और संत समाज की उन्होंने सेवा की है। नरेंद्र गिरि प्रयागराज के विकास को लेकर तत्पर रहते थे। साधु समाज, मठ-मंदिर की समस्याओं को लेकर उनका सहयोग प्राप्त होता था। उनके संकल्पों को पूरा करने की शक्ति उनके अनुयायियों को मिले''

योगी आदित्यनाथ ने कहा '' कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था। एक-एक घटना के पर्दाफाश होगा और दोषी अवश्य सजा पाएगा। मेरी अपील है सभी लोगों से की इस समय अनावश्यक बयानबाजी से बचे। जांच एजेंसी को निष्पक्ष रूप से कार्यक्रम को आगे बढ़ाने दे। और जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा उसको कानून की तहत कड़ी से कड़ी सजा भी दिलवाई जाएगी।

Keep Reading Show less

By: कम्मी ठाकुर, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तम्भकार, हरियाणा

केजरीवाल सरकार की झूठ, फरेब, धूर्तता और भ्रष्टाचार की पोल खोलता 'बोल रे दिल्ली बोल' गीतरुपी शब्दभेदी बाण एकदम सटीक निशाने पर लगा है। सुभाष, आजाद, भगतसिंह जैसे आजादी के अमर शहीद क्रांतिकारियों के नाम व चेहरों को सामने रखकर जनता को बेवकूफ बना सुशासन ईमानदारी और पारदर्शिता का सब्जबाग दिखाकर सत्ता पर काबिज हुए अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार आज पूरी तरह से मुस्लिम तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार, कुशासन एवं कुव्यवस्था के दल-दल में धंस चुकी है। आज केजरीवाल का चाल, चरित्र और चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। दिल्ली में कोविड-19 के दौरान डॉक्टरों सहित सैकड़ों विभिन्न धर्म-संप्रदाय के मेडिकल स्टाफ के लोगों ने बतौर कोरोना योद्धा अपनी जाने गंवाई थी। लेकिन उन सब में केजरीवाल के चश्मे में केवल मुस्लिम डॉक्टर ही नजर आया, जिसके परिजनों को 'आप सरकार' ने एक करोड़ की धनराशि का चेक भेंट किया। किंतु बाकी किसी को नहीं बतौर मुख्यमंत्री यह मुस्लिम तुष्टिकरण, असंगति, पक्षपात आखिर क्यों ?

Keep reading... Show less