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देश

भारत ने एशिया को दिया संदेश आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता

भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खतरे के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है।

एस. जयशंकर जो कि देश के विदेश मंत्री हैं (wikimedia commons)

भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खतरे के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है। अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए । एस. जयशंकर जो कि देश के विदेश मंत्री हैं उन्होंने मंगलवार को कजाकिस्तान की राजधानी नूर-सुल्तान में एशिया में वार्ता और विश्वास निर्माण उपाय सम्मेलन यानी कॉन्फ्रेंस ऑफ इंटरेक्शन एंड कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स इन एशिया (सीआईसीए) की छठी मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की।


आतंकवाद से किसी भी देश को होने वाले भयंकर नुकसान के बारे में चेताते हुए जयशंकर ने कहा, "अतिवाद, कट्टरपंथ, हिंसा और कट्टरता का इस्तेमाल हितों को आगे बढ़ाने के लिए किया जा सकने वाला कोई भी आकलन बहुत ही अदूरदर्शी है। ऐसी ताकतें उन लोगों को परेशान करने के लिए वापस आएंगी, जो उनका पालन-पोषण करते हैं। स्थिरता की कमी कोविड को नियंत्रण में लाने के हमारे सामूहिक प्रयासों को भी कमजोर करेगी।"उन्होंने कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट टोकायव के साथ सीआईसीए के विदेश मंत्रियों की संयुक्त बैठक में यह बात कही।

विदेश मंत्री ने बहुराष्ट्रीय मंच पर पांच अन्य महत्वपूर्ण बिंदु भी रखे, जिसका उद्देश्य एशिया में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में सहयोग बढ़ाना है।जैसा कि सर्वविदित है कि चीन अपने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के माध्यम से क्षेत्रों के कई देशों में प्रवेश कर रहा है, जयशंकर ने जोर देकर कहा कि वाणिज्य की आधुनिक धमनियों के निर्माण के लिए कनेक्टिविटी परियोजनाओं को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सबसे बुनियादी सिद्धांत का पालन करना चाहिए, जिसमें संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान भी होना चाहिए।


india भारत देश का रास्ट्रीय ध्वज (pixabay)


जयशंकर ने आगे कहा, "राष्ट्रों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान उनमें सबसे प्रमुख है। यह भी महत्वपूर्ण है कि कनेक्टिविटी बिल्डिंग वित्तीय व्यवहार्यता और स्थानीय स्वामित्व के आधार पर एक सहभागी और सहमतिपूर्ण अभ्यास है। उन्हें अन्य एजेंडे पर काम नहीं करना चाहिए।"

विदेश मंत्री ने भारत के अंतर्राष्ट्रीयवाद पर भी प्रकाश डाला और हमेशा दुनिया को एक परिवार के रूप में देखते हुए भारत की 'वसुधैव कुटुम्बकम' की अवधारणा को व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इसी अवधारणा पर चलते हुए भारत अत्यधिक सफल 'वैक्सीन मैत्री' पहल को चला रहा है।

यह भी पढ़ें : पंजाब सहित तीन राज्यों में बढ़ाया गया बीएसएफ का दायरा, गृह मंत्रालय ने जारी किए आदेश।

जयशंकर ने कहा, "हमारा विश्वास विभिन्न तरीकों से व्यक्त किया जाता है, जिसमें चुनौतियों का सामना करना और एक साथ समाधान खोजना शामिल है। यह स्पष्ट रूप से कोविड महामारी के दौरान साक्ष्य रहा है, जब हमने 150 से अधिक देशों को टीके, दवाएं और चिकित्सा आपूर्ति के साथ-साथ विशेषज्ञता प्रदान की है।"विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि सतत विकास के लिए एक स्थायी जीवन शैली की आवश्यकता होती है और महामारी के बाद की दुनिया को लचीला और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला, अधिक विश्वास तथा पारदर्शिता एवं विकास के अतिरिक्त इंजन की आवश्यकता होती है।
मंत्री ने कहा, "महामारी और जलवायु परिवर्तन दोनों के लिए वास्तविक और ईमानदार अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।"(इंडियानैरेटिव-PS)

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से चलाई जा रही है कृषि उड़ान 2.O योजना(Wikimedia commons)

नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया(Jyotiraditya Scindia) ने बुधवार को कृषि उड़ान 2.0' योजना का शुभारंभ करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि 'कृषि उड़ान 2जेड.0' आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं को दूर कर किसानों की आय दोगुनी करने में मदद करेगी। यह योजना हवाई परिवहन द्वारा कृषि-उत्पाद की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने और प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव करती है।

सिंधिया(Jyotiraditya Scindia) ने कहा, "यह योजना कृषि क्षेत्र के लिए विकास के नए रास्ते खोलेगी और आपूर्ति श्रृंखला, रसद और कृषि उपज के परिवहन में बाधाओं को दूर करके किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगी। क्षेत्रों (कृषि और विमानन) के बीच अभिसरण तीन प्राथमिक कारणों से संभव है - भविष्य में विमान के लिए जैव ईंधन का विकासवादी संभावित उपयोग, कृषि क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग और योजनाओं के माध्यम से कृषि उत्पादों का एकीकरण और मूल्य प्राप्ति।"

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"चंदा बंद सत्याग्रह" जिसे No List No Donation के नाम से भी जाना जाता है। यह आम आदमी पार्टी के विरुद्ध एक अमरीकी डॉक्टर वह NRI सेल के सह-संयोजक डॉ. मुनीश रायजादा द्वारा साल 2016 में शुरू किया गया था। डॉ. मुनीश जब आम आदमी पार्टी से जुड़े थे, तब उन्हें पार्टी के NRI सेल का सह-संयोजक नियुक्त किया गया था।

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पिछले हफ्ते इस टाइगर रिजर्व(Palamu Tiger Reserve) के महुआडांड़ में हिरण की विलुप्तप्राय प्रजाति चौसिंगा के एक परिवार की आमद हुई है। फील्ड डायरेक्टर कुमार आशुतोष के मुताबिक एक जोड़ा नर-मादा चौसिंगा और उनका एक बच्चा ग्रामीण आबादी वाले इलाके में पहुंच गया था, जिसे हमारी टीम ने रेस्क्यू कर एक कैंप में रखा है। चार सिंगों वाला यह हिरण देश के सुरक्षित वन प्रक्षेत्रों में बहुत कम संख्या में है।

Palamu Tiger Reserve वन्य जीव अभयाण्य में अब हिरण, चीतल, तेंदुआ, लकड़बग्घा जैसे जानवरों का परिवार बढ़ गया है।(Unsplash)

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