Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

भारत उन नक्शे कदमों पर चल रहा है, जो नेताजी का सपना था : पीएम मोदी

महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि देश उनके नक्शेकदम पर चल रहा है और देश के लिए उसी दिशा में काम हो रहा है, जैसा सपना नेताजी ने देखा था। मोदी ने कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में आयोजित

महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि देश उनके नक्शेकदम पर चल रहा है और देश के लिए उसी दिशा में काम हो रहा है, जैसा सपना नेताजी ने देखा था। मोदी ने कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “जिस सशक्त भारत की उन्होंने कल्पना की थी, आज एलएसी से लेकर के एलओसी तक, भारत का यही अवतार दुनिया देख रही है। जहां कहीं से भी भारत की संप्रभुता को चुनौती देने की कोशिश की गई, भारत आज मुंहतोड़ जवाब दे रहा है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को नेताजी को श्रद्धांजलि देने के लिए कोलकाता का दौरा किया और कहा कि देश मातृभूमि के प्रति उनके प्रेम को नमन करता है। उन्होंने कहा, “नेता जी की 125वीं जयंती पर, मैं उनके प्रति कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से नमन करता हूं। भारत के लिए उनका योगदान अमिट है।”


यह भी पढ़ें : मारपीट के मामले में AAP विधायक सोमनाथ भारती को 2 साल की कैद

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मां भारती के उस वीर सपूत की जयंती है, जिसने स्वतंत्र भारत के सपने को नई दिशा दी थी। आज वह दिन है, जब हम उस चेतना का जश्न मनाते हैं जो गुलामी के अंधेरे से बाहर निकली थी और जिसमें ‘मैं स्वतंत्रता की भीख नहीं लूगा, मैं इसे हासिल करूंगा’ जैसे शब्दों से दुनिया की सबसे ताकतवर शक्ति को चुनौती दी थी। शहर में पराक्रम दिवस समारोह को संबोधित करते हुए, पीएम ने राष्ट्रीय पुस्तकालय में नेताजी की प्रतिमा के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित की। उनके साथ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी थे।

मोदी ने कहा, “भारत महान नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नमन करता है। मैं बंगाल की इस पुण्य भूमि को भी सलाम करता हूं, जिसने महान नेता को जन्म दिया।” (आईएएनएस )

Popular

डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

Keep Reading Show less

ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

Keep Reading Show less

ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

Keep reading... Show less