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देश

युवाओं में रोजगार की समस्या से निपटने के लिए भारत ने यूनिसेफ के संग मिलाया हाथ

श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष कुमार ने अपने मंत्रालय और यूनिसेफ के बीच एसओआई पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद इस सहयोग की घोषणा की।

भारत ने गुरुवार को यूनिसेफ के साथ एक आशय के वक्तव्य (एसओआई) पर हस्ताक्षर किया है।(Pixabay)

देश में युवाओं के लिए रोजगार और कौशल चुनौतियों से निपटने और बड़े पैमाने पर इनका समाधान करने के मकसद से भारत ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) के साथ एक आशय के वक्तव्य (एसओआई) पर हस्ताक्षर किया है। इसके तहत खासतौर पर विशेष रूप से कमजोर आबादी पर ध्यान दिया जाएगा, जिनमें जरूरतमंद युवा, प्रवासी युवा, बाल श्रम, हिंसा, बाल विवाह और तस्करी का शिकार हुए बच्चे शामिल होंगे।

श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष कुमार गंगवार ने अपने मंत्रालय और यूनिसेफ के बीच एसओआई पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद इस सहयोग की घोषणा की।


एसओआई पर श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव श्री अपूर्व चंद्रा और भारत में यूनिसेफ के प्रतिनिधि व ‘युवा’ के सह-अध्यक्ष यास्मीन अली हक ने चीफ ऑफ जेनरेशन अनलिमिटेड, यूथ डेवलपमेंट एंड पार्टनरशिप, यूनिसेफ इंडिया के धुवरखा श्रीराम और ‘युवा’ के मुख्य परिचालन अधिकारी अभिषेक गुप्ता की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।

इस प्रयास का नेतृत्व भारत में यूनिसेफ के बहु-हितधारक गठबंधन ‘युवा’ द्वारा किया जाएगा, जिसे विश्व स्तर पर जेनरेशन अनलिमिटेड के रूप में जाना जाता है।

जरूरतमंद युवा, प्रवासी युवा, बाल श्रम, हिंसा, बाल विवाह और तस्करी का शिकार हुए बच्चे इस योजना के मुख्य हितधारक होंगे।(Pixabay)

साल 2019 में लॉन्च हुए ‘युवा’ का उद्देश्य भारत के युवाओं को बुनियादी शिक्षा से लेकर उत्पादक कार्यों की तालीम देना है, जिससे वे एक सक्रिय नागरिक के रूप में देश की सेवा कर सके।

यह भी पढ़ें: सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए फ्लिपकार्ट ने लोगों को नौकरी दी

साल 2030 तक ‘युवा’ का लक्ष्य दस करोड़ महत्वाकांक्षी युवाओं के समक्ष आर्थिक अवसर उपलब्ध कराना है, 20 करोड़ युवाओं को उत्पादक जीवन के लिए प्रासंगिक कौशल हासिल करने की सुविधा प्रदान करना है और 30 करोड़ युवाओं को सामाजिक परिवर्तन में सक्रिय भागीदार होने के काबिल बनाना है।

इस साझेदारी की घोषणा करते हुए गंगवार ने कहा, “हम बेहतर अवसरों के लिए एक स्थायी, दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के माध्यम से महिलाओं और कमजोर लोगों सहित भारत में सभी युवाओं के लिए रोजगार के परिणामों में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं।”(आईएएनएस-SHM)

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हमारे देश में लव जिहाद के जब मामले आते है , तब इस मुद्दे पर चर्चा जोर पकड़ती है और देश कई नेता और जनता अपनी-अपनी राय को वयक्त करते है । एसे में एक प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन ने सोमवार को एक बयान दिया जिसमें उन्होनें कहा कि यह मुस्लिम समुदाय नहीं बल्कि ईसाई हैं जो देश में धर्मांतरण और लव जिहाद में सबसे आगे हैं।

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महंत नरेंद्र गिरि (Wikimedia Commons)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को बाघंबरी मठ स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को जांच के बाद सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा ''यह एक दुखद घटना है और इसी लिए अपने संत समाज की तरफ से, प्रदेश सरकार की ओर से उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए में स्वयं यहाँ उपस्थित हुआ हूँ। अखाड़ा परिषद और संत समाज की उन्होंने सेवा की है। नरेंद्र गिरि प्रयागराज के विकास को लेकर तत्पर रहते थे। साधु समाज, मठ-मंदिर की समस्याओं को लेकर उनका सहयोग प्राप्त होता था। उनके संकल्पों को पूरा करने की शक्ति उनके अनुयायियों को मिले''

योगी आदित्यनाथ ने कहा '' कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था। एक-एक घटना के पर्दाफाश होगा और दोषी अवश्य सजा पाएगा। मेरी अपील है सभी लोगों से की इस समय अनावश्यक बयानबाजी से बचे। जांच एजेंसी को निष्पक्ष रूप से कार्यक्रम को आगे बढ़ाने दे। और जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा उसको कानून की तहत कड़ी से कड़ी सजा भी दिलवाई जाएगी।

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By: कम्मी ठाकुर, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तम्भकार, हरियाणा

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