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देश

भारत ने स्वच्छ ऊर्जा नवाचार के लिए वैश्विक पहल शुरू की

पेरिस समझौते और नेट जीरो पाथवे की दिशा में कार्रवाई में तेजी लाने के लिए, इस पूरे दशक के लिए स्वच्छ ऊर्जा को सस्ती, आकर्षक और सुलभ बनाना लक्ष्य है।

भारत स्वच्छ ऊर्जा नवाचार में तेजी लाने के लिए सदस्य देशों में एक नेटवर्क तैयार करेगा।(Pixabay)

भारत ने बुधवार को एक वैश्विक पहल-मिशन इनोवेशन क्लीनटेक एक्सचेंज लॉन्च किया, जो स्वच्छ ऊर्जा नवाचार में तेजी लाने के लिए सदस्य देशों में एक नेटवर्क तैयार करेगा। चिली द्वारा आयोजित इनोवेटिंग टू नेट जीरो समिट में वर्चुअल रूप से लॉन्च किया गया नेटवर्क, वैश्विक स्तर पर नए बाजारों तक पहुंचने के लिए नई तकनीकों का समर्थन करने के लिए आवश्यक विशेषज्ञता और मार्केट इनसाइट तक पहुंच प्रदान करेगा।

23 सरकारों के बीच भारत ने सामूहिक रूप से साहसिक नई योजनाएं शुरू कीं और स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान, विकास और प्रदर्शनों में वैश्विक निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक दशक के नवाचार का नेतृत्व किया।


पेरिस समझौते और नेट जीरो पाथवे की दिशा में कार्रवाई में तेजी लाने के लिए, इस पूरे दशक के लिए स्वच्छ ऊर्जा को सस्ती, आकर्षक और सुलभ बनाना लक्ष्य है।

मिशन इनोवेशन 2.0 वैश्विक मिशन इनोवेशन पहल का दूसरा चरण है, जिसे 2015 के संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में पेरिस समझौते के साथ शुरू किया गया था।

पूर्व-औद्योगिक स्तरों की तुलना में ग्लोबल वामिर्ंग को दो डिग्री सेल्सियस से नीचे तक सीमित करने के पेरिस समझौते के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए इस दशक में ऊर्जा नवाचार में बड़ी छलांग लगाने की आवश्यकता है।

2050 तक राष्ट्रीय और वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक वैश्विक उत्सर्जन कटौती का आधा हिस्सा उन प्रौद्योगिकियों पर निर्भर करता है जो आज मौजूद हैं, लेकिन केवल प्रदर्शन या प्रोटोटाइप चरण में हैं। ये प्रौद्योगिकियां अभी तक पर्याप्त रूप से प्रभावी या सस्ती नहीं हैं, जैसे कि स्वच्छ हाइड्रोजन, उन्नत बैटरी भंडारण या शून्य उत्सर्जन ईंधन।

जलवायु परिवर्तन पर काबू पाने के लिए स्वच्छ ऊर्जा नवाचार महत्वपूर्ण।(Pixabay)

मिशन इनोवेशन 2.0 सेक्टर-विशिष्ट मिशनों के माध्यम से सार्वजनिक-निजी कार्रवाई और निवेश को उत्प्रेरित करेगा जो महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के विकास में तेजी लाएगा।

लॉन्च पर बोलते हुए, चिली के राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिनेरा ने कहा, “जलवायु कार्रवाई के इस महत्वपूर्ण वर्ष में मिशन इनोवेशन के इस रोमांचक अगले अध्याय को शुरू करने पर चिली को गर्व है। नवाचार, सहयोग और सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई के माध्यम से, हमारे पास उपकरण हैं । हमें जलवायु परिवर्तन से लड़ने और पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने की जरूरत है।”

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यूके के सीओपी26 अध्यक्ष, आलोक शर्मा ने कहा, “यदि हम 1.5 डिग्री लक्ष्य को पहुंच के भीतर रखना चाहते हैं, तो स्वच्छ ऊर्जा के लिए बदलाव में तेजी लाना आवश्यक होगा। इसे प्राप्त करने के लिए, बिजली, परिवहन और उद्योग जैसे क्षेत्रों में नवाचार पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग महत्वपूर्ण होगा।”

मिशन इनोवेशन पर बोलते हुए, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, “मिशन इनोवेशन (एमआई) ने इनोवेशन को आगे बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक सार्वजनिक और निजी निवेश और साझेदारी को जुटाने में एक अनुकरणीय भूमिका निभाई है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा नवाचार में तेजी आई है।”(आईएएनएस-SHM)

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देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटें। (IANS)

राम भक्तों द्वारा दी गई और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) (Vishwa Hindu Parishad) द्वारा तीन दशक लंबे मंदिर आंदोलन के दौरान देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटों का इस्तेमाल अब राम जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण के लिए किया जाएगा।

मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा, "1989 के 'शिलान्यास' के दौरान कारसेवकों द्वारा राम जन्मभूमि पर एक लाख पत्थर रखे गए थे। कम से कम, 2 लाख पुरानी कार्यशाला में रह गए हैं, जिन्हें अब निर्माण स्थल पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। ईंटों पर भगवान राम का नाम लिखा है और यह करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रमाण है।

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कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। (wikimedia commons)

हिंदू संगठनों की ओर से आलोचना झेल रही कर्नाटक की भाजपा सरकार नें कर्नाटक में मंदिर विध्वंस के मुद्दे पर फिलहाल राज्य विधानसभा में एक कानून पारित कर पुरे कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। सत्ताधारी पार्टी भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस इन दोनों के बीच मंगलवार को तीखी बहस के बीच प्रस्तावित कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक 2021 को पारित कर दिया गया।

यह प्रस्तावित अधिनियम जिसका नाम 'कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक-2021' है, इसका मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य में धार्मिक संरचनाओं के विध्वंस को रोकना है।

यह अधिनियम में कहा गया है कि 'कर्नाटक धार्मिक संरचना संरक्षण अधिनियम -2021' के लागू होने की तारीख से, कानूनों के कानूनी प्रावधान और अदालतों, न्यायशास्त्र और अधिकारियों के आदेशों या दिशानिदेशरें के बावजूद, सरकार धार्मिक केंद्रों की रक्षा करेगी।

सार्वजनिक संपत्तियों पर बने धार्मिक केंद्रों को खाली करने, स्थानांतरित करने और ध्वस्त करने की प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा। इस अधिनियम के लागू होने और विधान परिषद में पारित होने के बाद से ही ।

इसी बीच विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने कर्नाटक सरकार पर आरोप लगाया कि हिंदू जागरण वेदिक और हिंदू महासभा की आलोचना का सामना करने के बाद भाजपा यह कानून लाई है। मैसूर में मंदिर तोड़े जाने के बाद बीजेपी पुनर्निर्माण के लिए नया कानून ला रही है, यह भी आरोप लगायें हैं उन्होंने भाजपा पार्टी के खिलाफ । इसके बाद कांग्रेस के एक और विधायक और पूर्व मंत्री औरयू.टी. खादर ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि छात्र पाठ्यपुस्तकों में पढ़ने जा रहे हैं कि भाजपा ने भारत में आक्रमणकारियों की तरह मंदिरों को ध्वस्त कर दिया।

\u0915\u0930\u094d\u0928\u093e\u091f\u0915 \u0930\u093e\u091c\u094d\u092f कर्नाटक राज्य का नक्शा सांकेतिक इमेज (wikimedia commons)

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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