Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
राजनीति

युवा और गतिशील नेता भारत को पसंद हैं:सर्वेक्षण

आईएएनएस सीवोटर लाइव ट्रैकर के नवीनतम दौर में कुछ दिलचस्प बातें सामने आई हैं। शीर्ष पंक्ति के निष्कर्ष बताते हैं कि भारत युवा और गतिशील मंत्री तथा राज्यपाल चाहता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) (PIB)

आईएएनएस सीवोटर लाइव ट्रैकर के नवीनतम दौर में कुछ दिलचस्प बातें सामने आई हैं। शीर्ष पंक्ति के निष्कर्ष बताते हैं कि भारत युवा और गतिशील मंत्री तथा राज्यपाल चाहता है। केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल के दो दिन बाद, जिसमें मोदी(Narendra Modi) सरकार में महत्वपूर्ण विभागों के साथ कई युवा नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया गया और पदोन्नत किया गया, आईएएनएस सी वोटर लाइव ट्रैकर ने खुलासा किया कि बड़ी संख्या में भारतीयों का मानना है कि एक युवा भारत को युवा राजनेता और एक युवा मंत्रिमंडल की जरूरत है। सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 45.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने युवा और गतिशील राजनेताओं पर भरोसा किया, जबकि 41.5 प्रतिशत ने कहा कि भारत को बेहतर शासन के लिए युवा और अनुभवी नेताओं के संयोजन की आवश्यकता है।

शेष उत्तरदाताओं को यकीन नहीं था कि क्या युवा राजनेता या सरकार में युवा और अनुभवी नेताओं का संयोजन देश को बेहतर भविष्य की ओर ले जा सकता है। इसी सर्वेक्षण में, अधिकांश उत्तरदाताओं ने कहा कि युवा नेताओं की वर्तमान पीढ़ी में देश के राजनीतिक परि²श्य पर राष्ट्रीय नेताओं के रूप में उभरने की क्षमता है। इसी तरह, आईएएनएस सीवोटर लाइव ट्रैकर ने आगे खुलासा किया कि अधिकांश भारतीयों का मानना है कि सेवानिवृत्त राजनेता अच्छे राज्यपाल नहीं बनते हैं और सरकार को इन संवेधानिक पदों पर विभिन्न राज्यों में युवा और गतिशील नेताओं की नियुक्ति करनी चाहिए।


सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, जबकि 51 प्रतिशत ने महसूस किया कि राजभवन के सेवानिवृत्त राजनेताओं की तुलना में युवा नेता राज्यपाल के पद के साथ न्याय कर पाएंगे, जबकि 37.6 प्रतिशत ने कहा कि युवा और अनुभवी राजनेताओं का एक संयोजन बेहतर विकल्प बन सकता है। शेष उत्तरदाताओं की इस मुद्दे पर कोई राय नहीं थी।

भारत को ट्विटर पर कार्रवाई करनी चाहिए

आईटी नियमों को लेकर केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच चल रहे आमना-सामना के बीच आयोजित आईएएनएस सीवोटर लाइव ट्रैकर से पता चला कि अधिकांश भारतीयों का मानना है कि भारत को देश के कानूनों का पालन नहीं करने के लिए ट्विटर पर कार्रवाई करनी चाहिए।

सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, जहां 70.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि भारत को भारतीय कानूनों का उल्लंघन करने के लिए सोशल मीडिया दिग्गज के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, वहीं साक्षात्कार में शामिल लोगों में से केवल 18 प्रतिशत ने कहा कि भारत को भारत के कानूनों का पालन नहीं करने के लिए ट्विटर के खिलाफ कार्रवाई शुरू नहीं करनी चाहिए। शेष उत्तरदाताओं को यकीन नहीं था कि भारत को ट्विटर के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

भारत बहुत जल्द और तेजी से खुल रहा है

जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न शहरों में बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर, विशेष रूप से हिल स्टेशनों में, कोविड प्रोटोका1ल्स का उल्लंघन करते हुए भारी भीड़ पर चिंता व्यक्त की, अधिकांश भारतीयों का मानना है कि देश में अनलॉक प्रक्रिया बहुत जल्द औ बहुत तेज गति से हो रही है।

आईएएनएस सीवोटर लाइव ट्रैकर में 53.3 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि भारत बहुत तेजी से और बहुत जल्द खुल रहोहै और सरकार को बड़ी सभाओं से बचने के लिए आवश्यक प्रतिबंध लाने चाहिए? जबकि 34.3 प्रतिशत ने महसूस किया कि यह बाजार और जनता को खोलने का सही समय है। शेष उत्तरदाताओं ने इस सम्बंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

केरल तीसरी लहर के केंद्र के रूप में उभर सकता है

जैसा कि केरल में कोविड के मामलों को कम करने के लिए संघर्ष जारी है, बड़ी संख्या में भारतीयों का मानना है कि दक्षिणी राज्य देश में संभावित तीसरी कोविड लहर का केंद्र हो सकता है।

सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, 45.9 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि केरल को कोविड के मामलों को कम करना मुश्किल हो रहा है और राज्य घातक बीमारी के उपरिकेंद्र के रूप में उभर सकता है

साक्षात्कार में शामिल 35.9 फीसदी लोगों ने महसूस किया कि राज्य में चीजें नियंत्रण में आ जाएंगी। और इसकी बहुत कम संभावना है कि केरल से तीसरी कोरोना लहर शुरू होगी। शेष उत्तरदाताओं को यकीन नहीं था कि केरल में चीजें नियंत्रण में होंगी या नहीं।

अधिकांश जनसंख्या सावधानियां बरत रही है, मास्क पहन रही है

अप्रैल-मई में घातक दूसरी कोविड लहर के बाद जब भी वे बाहर निकलते हैं, तब अधिकांश भारतीय मास्क पहनकर उचित सावधानी बरतते हैं। भले ही देश में कोविड के मामलों की संख्या में काफी कमी आई है लेकिन अधिकांश लोगों की सावधानियों के दौर में लचीलापन नहीं आया है।

यह भी पढ़े :जिमी शेरगिल: मुझे पुलिस भूमिकाओं की पेशकश की जाती है .

आईएएनएस सीवोटर लाइव ट्रैकर के अनुसार, 70 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि जब भी वे बाहर निकलते हैं तोमास्क पहनते हैं। साक्षात्कार में शामिल लोगों में से केवल 18.3 प्रतिशत ही घातक वायरस के प्रति सावधानी बरतने में लापरवाह दिखाई देते हैं क्योंकि उन्होंने कहा कि मास्क पहनना बंद कर दिया है। बाकी उत्तरदाताओं ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। (आईएनएस-PS)

Popular

महिला बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Wikimedia Commons)

जैसा कि राष्ट्र ने 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस(National Girl Child Day) मनाया, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री(Union Minister of Women and Child Development) श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी(Smriti Zubin Irani) ने देशवासियों से देश की बेटियों की सराहना करने और उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाकर उन्हें प्रोत्साहित करने और एक समावेशी निर्माण के लिए लिंग विभाजन को पाटने और समान समाज का संकल्प लेने का आह्वान किया।

"शिक्षित करें, प्रोत्साहित करें, सशक्त करें! आज का दिन हमारी लड़कियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने का दिन है। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर, जैसा कि हम अपनी बेटियों की उपलब्धियों का जश्न मनाते हैं, हम एक समावेशी और समान समाज के निर्माण के लिए लिंग भेद को पाटने का संकल्प लेते हैं”, ईरानी ने अपने ट्वीट संदेश में कहा।

Keep Reading Show less

नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

गणतंत्र दिवस समारोह(Republic Day Celebration) हमेशा संस्कृति का पर्याय होते हैं, क्योंकि इस दिन विभिन्न राज्यों की झांकियों को नई दिल्ली में राजपथ पर परेड के हिस्से के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। दर्शकों का स्वागत रंग-बिरंगे छींटों और देश की विविधता के प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व के साथ किया जाता है।

इस वर्ष, भारतीय गणराज्य के 73वें वर्ष के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) को दो अलग-अलग कपड़ों में देखा गया - जो देश के दो अलग-अलग राज्यों से संबंधित हैं - जिनका पारंपरिक महत्व है।

Keep Reading Show less

डॉ. मुनीश रायजादा ने इस वेब सीरीज़ के माध्यम से आम आदमी पार्टी में हुए भ्रस्टाचार को सामने लाने का प्रयास किया है।

पंजाब(Punjab) में जहां एक तरफ आगामी चुनाव में आम आदमी पार्टी(Aam Aadmi Party) एक बड़ी जीत की उम्मीद कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर इसी पार्टी के एक पूर्व सदस्य ने एक वेब सीरीज के ज़रिये इस पार्टी के भीतर छिपे काले सच को बाहर लाने की कोशिश की है। वेब सीरीज का नाम है ट्रांसपेरेंसी : पारदर्शिता(Transparency : Paardarshita) है, जोकि डॉ मुनीष रायजादा(Dr Munish Raizada द्वारा निर्देशित और निर्मित है। डॉ रायजादा शिकागो में एक डॉक्टर के तौर पर कार्यरत हैं और कुछ समय पहले तक आम आदमी पार्टी के लिए काम भी करते थे, पर जैसे ही उन्होंने यह देखा की आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतो से भटक रही है तो उन्होंने इसके खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई।

मीडिया एजेंसी IANS से फ़ोन पर बातचीत करते हुए डॉ रायजादा ने बताया, "पारदर्शिता एक राजनीतिक वेब सीरीज है, इसलिए हमने पहले इसके ज़्यादा प्रचार और प्रसार के बारे में नहीं सोचा, परंतु जब बात आई इसे समाज के हर तबके तक पहुंचाने की तो फिर हमें यूट्यूब का ख्याल आया।" पारदर्शिता वेब सीरीज का पहला एपिसोड 17 जनवरी को यूट्यूब पर रिलीज़ किया गया था।

Keep reading... Show less