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देश

भारत को पुरानी सोच छोड़ प्रक्रियाओं को लचीला बनाने की जरूरत : सेना प्रमुख

आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए, भारत को पुरानी मानसिकता को छोड़ने और प्रक्रियाओं को अधिक लचीला और अनुकूल बनाने की आवश्यकता है।

भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवने (Wikimedia Commons)

सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे (Army Chief General M.M. Naravane) ने गुरुवार को कहा कि डिजिटल युग में ट्रांजिशन यानी पारगमन रक्षा खरीद प्रक्रिया (डीडीपी) और रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (डीएपी) की मौजूदा अवधारणा के विपरीत है और भारत को पुरानी मानसिकता को छोड़ने और प्रक्रियाओं को लचीला और अनुकूल बनाने की जरूरत है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक थिंक-टैंक को संबोधित करते हुए जनरल नरवणे ने कहा, इन सभी के लिए सरलीकृत प्रक्रियाओं की आवश्यकता होगी, जो संक्रमण की सुविधा प्रदान करें। दुर्भाग्य से, यह हमारे लिए सबसे बड़ी बाधाओं में से एक रहा है।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी विशिष्ट तकनीकों का उपयोग करने, आईटी में गहराई का दोहन करने और आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए, भारत को पुरानी मानसिकता को छोड़ने और प्रक्रियाओं को अधिक लचीला और अनुकूल बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, हमें नौकरशाही मामलों में एक क्रांति की सख्त जरूरत है।


उन्होंने कहा कि इन उभरती हुई सैन्य प्रौद्योगिकियों ने नैतिक विचारों की एक श्रृंखला भी उठाई है, जो अनपेक्षित परिणाम उत्पन्न कर सकते हैं यदि वे प्रत्याशित रूप से प्रदर्शन करने में विफल रहते हैं।

नरवणे ने कहा, ये परिणाम सिस्टम की विफलता से लेकर सशस्त्र संघर्ष के कानून के उल्लंघन तक हो सकते हैं। मानवाधिकार समूह अंतरराष्ट्रीय कानून की परवाह किए बिना रोबोट हथियारों की दौड़ की चेतावनी देते हैं।

9वीं शताब्दी में गन पाउडर का आविष्कार हो या 19वीं शताब्दी में मशीन गन की उपस्थिति, युद्ध की लड़ाई में आमूल-चूल परिवर्तन हुए। (Wikimedia Commons)

थल सेना प्रमुख ने कहा कि पिछले एक साल के दौरान उत्तरी सीमाओं पर हुए घटनाक्रम इस बात की कड़ी याद दिलाते हैं कि क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए सशस्त्र बलों को आधुनिक युद्ध की अनिवार्यताओं के लिए निरंतर तैयारी और अनुकूलन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कुछ उदाहरण हैं जब नई प्रौद्योगिकियों द्वारा संचालित आविष्कारों ने न केवल गेम के नियमों को बदल दिया है, बल्कि पूरे तरह से खेल को भी बदल दिया है।

उन्होंने कहा, चाहे वह 9वीं शताब्दी में गन पाउडर का आविष्कार हो या 19वीं शताब्दी में मशीन गन की उपस्थिति, युद्ध की लड़ाई में आमूल-चूल परिवर्तन हुए। फिर निश्चित रूप से ऐसी प्रौद्योगिकियां रही हैं, जिन्होंने उन्हें रखने वालों को निर्णायक बढ़त प्रदान की है। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान, उत्तरी अटलांटिक में पनडुब्बी रोधी युद्ध के संचालन में ब्रिटेन और सोनार की लड़ाई के दौरान रडार के उद्भव का ब्रिटेन की रक्षा पर एक नाटकीय प्रभाव पड़ा।

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उन्होंने कहा कि इसके अलावा शीत युद्ध के दौरान, उभरती हुई कंप्यूटर प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक घटक प्रौद्योगिकी और प्रणोदन प्रौद्योगिकी, प्रत्येक का शीत युद्ध (Cold War) की सैन्य क्षमताओं के विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा। हाल के दिनों में सामरिक-सैन्य मामलों पर प्रौद्योगिकियों का प्रभाव गहरा विघटनकारी रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा एनालिटिक्स के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने आगे की चुनौतियों पर सावधानी बरतने की बात कही।

उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) के बाद से, हाई-टेक सेनाओं को कम तकनीक वाले विरोधियों द्वारा लगातार विफल किया गया है. इस प्रकार, हमारी सूची और सिद्धांतों में टेक्नोलॉजी को शामिल करते हुए संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता है। (आईएएनएस-SM)

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अल फैज़ान मुस्लिम फंड के मालिक मोहम्मद फैज़ी ने की खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी (wikimedia commons)

बिजनौर के नगीना शहर में मोहल्ला लुहारी सराय में स्थित 'अल फैजान मुस्लिम फंड लिमिटेड' का मालिक मोहम्मद फैज़ी खाताधारकों के साथ ठगी(Fraud) कर करोड़ो रुपए की नगदी के साथ सोने-चांदी जेवरात लेकर फरार हो गया है। पुलिस ने कई लोगों के शिकायत के बाद प्रबंधक मोहम्मद फ़ैज़ी और एक अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तमाम लोगों के शिकायत के आधार पर पुलिस ने 'अल फैजान म्युचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड' मोहल्ला लाल सराय नगीना के का संचालन के रहे मोहम्मद फैजी पुत्र अहमदुल्ला निवासी शाहजीर नगीना 420 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जाँच शुरू कर दी है। नगीना के मोहल्ला लाल सराय में स्थित 'अल फैज़ान मुस्लिम फंड लिमिटेड' का संचालन मोहम्मद फैज़ी बीते पांच साल से कर रहा था। खाताधारकों को बिना कोई सूचना दिए आरोपी मोहम्मद फैज़ी शाखा बन्द कर फरार हो गया।

Bijnor, bijnor police, Bank fraud अल फैज़ान मुस्लिम फंड लिमिटेड तले मोहम्मद फैज़ी ने खाताधारकों को लगाया चूना। करोड़ो ले कर फरार। ( Pixabay )

बता दें कि 'अल फैज़ान मुस्लिम फंड' की शाखा में लोग प्रतिदिन लाखों रुपये का लेनदेन करते थे। ख़बर है की अल फैजान की शाखा में नगीना व आसपास के लोग के करोड़ों रुपए की नकदी के साथ साथ सोने चांदी के जेवरात भी जमा करते थे। रोज की तरह जब लोग अल फैज़ान फंड लिमिटेड की शाखा में लेन देन के लिए पहुंचे तो उन्हें निर्धारित समय सीमा के बाद भी शाखा बंद मिली। इसके बाद खाताधारकों को शक हुआ तो पता चला कि अल फैजान मुस्लिम फंड शाखा का संचालक मोहम्मद फैज़ी करोड़ों रुपए की नकदी के साथ साथ खाताधारकों के शाखा में जमा सोने-चांदी के जेवरात भी लेकर फरार हो गया। पुलिस की माने तो अब तक 170 से भी अधिक तहरीर दर्ज की जा चुकी हैं और पुलिस खाताधारकों के हुए नुकसान की खोज बीन में जुट गई है ।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी(Narendra Modi) के राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस(National Startup Day) की पहल की सराहना करते हुए कई भारतीय स्टार्टअप(Indian Startup) ने रविवार को कहा कि यह न केवल देश के नवाचारकर्ताओं और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि आर्थिक क्षेत्र में वैश्विक निवेशकों के विश्वास को भी बढ़ावा देगा।

मोदी ने शनिवार को 160 से अधिक प्रमुख स्टार्टअप्स के साथ वर्चुअल बैठक में कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने छोटे व्यवसायों की तरह, स्टार्टअप्स भी एक अहम भूमिका अदा करने जा रहे हैं।

फिनटेक प्लेटफॉर्म रिफाइन के सीईओ और सह-संस्थापक चित्रेश शर्मा ने एक मीडिया एजेंसी को बताया हमने नए जमाने के संस्थापकों को मौजूदा श्रेणियों से परे सोचने और वास्तविक सामाजिक समस्याओं को हल करने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करने में एक छोटी भूमिका निभाई है। जरूरत पड़ने पर इसके लिए पूरी तरह से एक नई श्रेणी बनाने की आवश्यकता हो सकती है। 'किसी खास कारण के लिए व्यापार भारतीय भारतीय स्टार्टअप की बेहतरीन कहानी लिखने के लिए बहुत ही अहम है।

उन्होंने कहा कि भारतीय स्टार्टअप विकास की राह पर हैं और हम दुनिया भर में निवेशकों का विश्वास हासिल करना जारी रखेंगे। यह बात हाल ही निवेश की संख्या में बढ़ोत्तरी होने से साबित होती है। भारत में 2021 में 1 अरब डॉलर से अधिक कीमत वाली 46 कंपनियां अस्तित्व में आई हैं

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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी SI ने चुनावों में गड़बड़ी के लिए अपनी आतंकी शाखाएं सक्रिय कर दी हैं।

पंजाब(Punjab) में चुनावी प्रक्रिया को पटरी से उतारने और पंजाब में खालिस्तानी पदचिन्हों को बढ़ाने के उद्देश्य से, पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) ने राज्य में और उत्तर के कुछ हिस्सों में और अधिक आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अपने आतंकी संगठनों को सक्रिय कर दिया है। प्रदेश, खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है।

खुफिया जानकारी के हवाले से सुरक्षा व्यवस्था के सूत्रों ने कहा कि आईएसआई प्रायोजित सिख आतंकी संगठन चुनावी रैलियों(Election Rallies) को निशाना बना सकते हैं और पंजाब, यूपी(Uttar Pradesh) और उत्तराखंड(Uttarakhand) के कुछ हिस्सों में चुनावी प्रक्रिया के दौरान कुछ महत्वपूर्ण नेताओं या वीवीआईपी को मारने का प्रयास कर सकते हैं।

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