Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
खेल

करीब 10-12 साल तक लगातार अच्छा करने के तनाव और व्यग्रता से जूझा : Sachin Tendulkar

भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई साल बिताने के बाद भी उन्हें मैच से पहले उन्हें तनाव और व्यग्रता से जूझना पड़ता था।

पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर।(Wikimedia Commons)

भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई साल बिताने के बाद भी उन्हें मैच से पहले उन्हें तनाव और व्यग्रता से जूझना पड़ता था। Sachin Tendulkar ने अनएकेडमी के एक सत्र के दौरान कहा, ” दबाव, तनाव और व्यग्रता सब कुछ हमेशा बना रहता था। मेरे साथ यह था कि मैंने महसूस किया कि मेरी सारी तैयारी शारीरिक रूप अच्छी से थी। इतना सब होने के बाद भी मैं हमेशा तनाव में रहता था।”

Sachin Tendulkar ने कहा कि उन्होंने समय के साथ महसूस किया कि मानसिक रूप से मैचों और सीरीज के लिए खुद को तैयार करना कितना महत्वपूर्ण है।


उन्होंने कहा, ” जब मैं भारत के लिए खेल रहा था, तब भी मेरी रातों की नींद हराम थी। समय के साथ, मैंने महसूस किया कि खेल के लिए शारीरिक रूप से तैयारी करने के अलावा, आपको खुद को मानसिक रूप से भी तैयार करना होगा। मैदान में प्रवेश करने से बहुत पहले से ही मेरे दिमाग में मैच शुरू हो जाता था। तनाव का स्तर बहुत अधिक था और मैंने उन चीजों को स्वीकार करना सीख लिया।”

पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर।(Wikimedia Commons)

वनडे और टेस्ट में सबसे अधिक रन बनाने का रिकार्ड अपने नाम रखने वाले और इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले एकमात्र क्रिकेटर सचिन ने कहा कि वह लगभग 10-12 वर्षों तक तनाव से जूझते रहे।

यह भी पढ़ें: भारतीय महिला टीम को ऊंचाईयों पर पहुंचाने के लिए उत्सुक हूं : पवार

Sachin Tendulkar ने कहा, ” फिर मैंने इसे स्वीकार करना शुरू कर दिया कि यह मेरी तैयारी का हिस्सा है। अगर मैं सो नहीं पा रहा हूं, तो ठीक है, कोई बात नहीं। मैं अपने दिमाग को विचलित करने और इसे उस जगह पर रखने के लिए कुछ करूंगा जहां यह आरामदायक हो।”

Sachin Tendulkar ने भारत के लिए 200 टेस्ट और 463 वनडे मैच खेले। उनका करियर 24 साल का रहा था। टेस्ट में सचिन ने 15,921 और वनडे में 18,426 रन बनाए हैं। सचिन ने अपने वनडे करियर में 49 और टेस्ट करियर में 51 शतक लगाए हैं।(आईएएनएस-SHM)

Popular

डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

Keep Reading Show less

ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

Keep Reading Show less

ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

Keep reading... Show less