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मनोरंजन

मुनीश रायज़ादा की राजनीतिक डॉक्यूमेंटरी ‘ट्रांसपेरेंसी’ हुई रिलीज़, बयां कर रही है आप की अनकही कहानी

रायजादा बताते हैं कि वेब श्रृंखला, ट्रांसपेरेंसी; पारदर्शिता में आम आदमी पार्टी की कार्यप्रणाली का गहन विश्लेषण है

“ट्रांसपैरेंसी: पारदर्शिता” पोस्टर

मुनीश रायज़ादा फ़िल्म्स ने अपनी पहली डॉक्यूमेंटरी सिरीज़ “ट्रांसपैरेंसी: पारदर्शिता” का अनावरण किया है । यह श्रृंखला https://transparencywebseries.com/ पर उपलब्ध है। 

तीनों ट्रेलर यहां यू-ट्यूब पर देखें:


ट्रेलर 1
ट्रेलर 3

यह सीरीज़  भारतीय जनमानस को झकझोर कर रख देने वाले भ्रष्टाचार के खिलाफ गत दशक शुरू होने वाले  इंडिया अगेंस्ट करप्शन ( अन्ना आंदोलन) व आंदोलन से निकली पार्टी, आम आदमी पार्टी पर आधारित है. वेब सीरीज के निर्माता-निर्देशक मुनीश रायजादा ने खुद इस पार्टी का हिस्सा रहते हुए कई अहम पदों पर अपनी जिम्मेवारी निभाई है।

रायजादा  बताते हैं  कि वेब श्रृंखला, ट्रांसपेरेंसी; पारदर्शिता में आम आदमी पार्टी की कार्यप्रणाली का गहन विश्लेषण है. इसलिए , क्योंकि आप पार्टी की  उत्पत्ति ही भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से हुई थी. 

शिकागो से डॉ रायज़ादा ने बताया की इस वेब सीरीज की कहानी को आम आदमी के इर्द-गिर्द बड़ी ही खूबसूरती से बुना गया है। इसका हर एपिसोड आपको इंडिया अगेंस्ट करप्शन और आम आदमी पार्टी की इनसाइड स्टोरी से रुबरु करायेगा, जो आपने पहले कभी न देखी होगी और न सुनी होगी। परत दर परत जब कहानी रहस्यों पर से पर्दा हटाएगी तो दावा है कि आप चौंके बगैर नहीं रह पाएंगे। 

“ट्रांसपैरेंसी: पारदर्शिता” डॉक्यूमेंट्री सीरीज आपको एक आम आदमी के उस यात्रा वृतांत को दिखायेगा जो  पारदर्शिता की खोज में अनंत यात्रा पर निकलता है। 

सवाल के जवाब में एंकर लन्दन और शिकागो समेत देश के विभिन्न शहरों में बूत से लोगों से चिंता मनन करते हुए  सीधे केजरीवाल के आवास पर पहुँच जाता है, जहाँ बड़ी ही दिलचस्प स्थिति पैदा हो जाती है, जिसे आप इस सीरीज में देख पाएंगे। 

भ्रष्टाचार का अलग लेवल, सिविल सोसाइटी आंदोलन, आम आदमी के अदम्य उत्साह और फिर विचारों के टकराव और आंतरिक कलह जैसे अनगिनत दिलचस्प वाकयों से आपका साक्षात्कार होगा, जिसे आप काफी पसंद करेंगे। 

इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज के केंद्र में पोलिटिकल फंडिंग और पार्टी के आधिकारिक वेबसाइट से चंदे का विवरण हटाये जाने के बाद आम आदमी के प्रतीक के रूप में ठगा महसूस कर रहा एंकर खुद मुनीश रायजादा हैं। क्या एंकर को उसके प्रश्न का जवाब मिल पायेगा? क्या केजरीवाल एंकर के सवाल का जवाब दे  पाएंगे ? इस रहस्य पर से पर्दा आखरी एपीसोड में खुलेगा। 

डॉ रायजादा  के अनुसार, यह कहानी एक सामान्य व्यक्ति की यात्रा को दर्शाती है ,जो जवाबदेही और पारदर्शिता की तलाश कर रहा है।

रायजादा  ने आम आदमी पार्टी  के तीन संस्थापक सिद्धांतों की व्याख्या की। वित्तीय पारदर्शिता, आंतरिक सतर्कता और शक्ति के विकेंद्रीकरण और बताया कि ट्रांसपेरेंसी वेब सीरीज हर उस परत को हटा देगी जिससे यह पता चलेगा की कैसे आम आदमी पार्टी के ही के केंद्रों द्वारा आम आदमी पार्टी  के सभी तीन सिद्धांतों को समाप्त कर दिया गया था। 

ट्रांसपेरेंसी वेब सीरिज़ में तीन मधुर गीतों को भी कथा में पिरोया गया है। डॉक्यूमेंटरी सीरिज़ में गाने पेश करना भारत में एक तरह का नया प्रयोग है।

नामी बॉलीवुड गायक कैलाश खेर द्वारा गाया गया “बोल रे दिल्ली बोल” (#BolReDilliBol)
प्रसिद्द बॉलीवुड गायक उदित नारायण द्वारा गाया गया “कितना चंदा जेब में आया

डॉ रायज़दा एक शिकागो-आधारित चिकित्सा विशेषज्ञ (नियोनेटोलॉजिस्ट) हैं, जो भारत में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के एक प्रमुख सदस्य के रूप में सक्रिय भागीदार थे। वे स्वयं वृत्तचित्र श्रृंखला के एंकर हैं। इस डॉक्यूमेंटरी के माध्यम से, उन्होंने वास्तविकता दिखाने और राजनीतिक फंडिंग के मुद्दे का पता लगाने की कोशिश की,जिसके कारण उनके जैसे हजारों लोगों और पार्टी के कोर स्वयंसेवकों के विश्वास का नरसंहार हुआ, जिन्होंने भ्रष्टाचार-मुक्त भारत का सपना देखा था

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