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दुनिया

नासा ने सोलर कोरोना का पता लगाने के लिए सोलर एक्स-रे इमेजर किया लॉन्च

नासा के वैज्ञानिकों ने सब-ऑर्बिटल उड़ान पर साउंडिंग रॉकेट के माध्यम से एक परिष्कृत एक्स-रे सोलर इमेजर को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है।

रॉकेट सांकेतिक(pixabay)

नासा के वैज्ञानिकों ने सब-ऑर्बिटल उड़ान पर साउंडिंग रॉकेट के माध्यम से एक परिष्कृत एक्स-रे सोलर इमेजर को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। इस बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश हो रही है कि कैसे और सूर्य का कोरोना पृथ्वी के मूल तारे की वास्तविक सतह की तुलना में इतना गर्म क्यों होता है। अलबामा के हंट्सविले में नासा के मार्शल स्पेस ़फ्लाइट सेंटर के डेवलपर्स, मिशन को मैगिक्स कहते हैं – मार्शल ग्राजि़ंग इंसीडेंस एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर। इसे दोपहर 2.20 बजे न्यू मैक्सिको में व्हाइट सैंड्स मिसाइल रेंज से लॉन्च किया गया।

मैगिक्स मिशन ने अपने पेलोड को भेजा, जिसमें एक बड़े शक्ति वाला कैमरा, टेलीस्कोप और एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर शामिल है।


मैगिक्स के प्रमुख अन्वेषक मार्शल हेलियोफिजिसिस्ट एमी वाइनबर्गर ने कहा, कोरोना के ताप तंत्र के बारे में हमारा ज्ञान सीमित है, आंशिक रूप से क्योंकि हम अभी तक इस क्षेत्र में सौर प्लाज्मा के तापमान वितरण का विस्तृत अवलोकन और माप नहीं कर पाए हैं।

सूर्य की सतह का तापमान 10,000 डिग्री फारेनहाइट से अधिक है, लेकिन कोरोना नियमित रूप से 1.8 मिलियन डिग्री फारेनहाइट से अधिक मापता है।

एक सक्रिय सौर क्षेत्र के विभिन्न भागों में विशिष्ट तापमान वितरण को मापने के लिए मैगिक्स पहला इमेजर होगा। वह सटीक डेटा वैज्ञानिकों को इस बहस को सुलझाने में मदद करेगा कि कोरोना कैसे और कितनी बार सुपर हीट होगा है।

कोरोनल हीटिंग मैकेनिज्म पर नई रोशनी डालने से शोधकतार्ओं को संभावित सोलर फ्लेयर्स और कोरोनल मास इजेक्शन को बेहतर ढंग से समझने और यहां तक कि भविष्यवाणी करने में मदद मिल सकता है, जो दोनों कोरोनल हीटिंग में क्षेत्रीय स्पाइक्स के संबंध में सबसे अधिक बार होता हैं।

नासा सांकेतिक इमेज(wikimedia commons)

मैगिक्स साउंडिंग रॉकेट मिशन भविष्य के नासा मिशनों के लिए अधिक विस्तार से सौर फ्लेयर्स का अध्ययन करने के लिए इंस्ट्रूमेंटेशन के लिए एक परीक्षण के रूप में कार्य करता है।

नासा नियमित रूप से ऐसे संक्षिप्त, केंद्रित विज्ञान मिशनों के लिए परिज्ञापी रॉकेटों का उपयोग करता है। वाइनबर्गर ने कहा कि वे बड़े पैमाने पर उपग्रह मिशनों की तुलना में अक्सर छोटे, अधिक किफायती और डिजाइन और निर्माण के लिए तेज होता हैं।

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उन्होंने कहा, वे अद्वितीय, सबऑर्बिटल विज्ञान के अवसर, नए उपकरण विकसित करने का मौका और निवेश पर तेजी से वापसी प्रदान करते हैं।

–(आईएएनएस-PS)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

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इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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