

चीन (China) जितनी तेजी से तकनीक में आगे बढ़ रहा है आने वाले समय में वह कई मामलों में सुपर पावर अमेरिका (America) को पीछे छोड़ने वाला है। जी हां यह हम नहीं कह रहे हैं यह उन आंकड़ों से अनुमान लगाया गया है जो यह बताते हैं कि चीन कई मामलों में अमेरिका से आगे निकल चुका है। फिलहाल चीन ने अमेरिका को इंटरनेट स्पीड के मामले में पीछे छोड़ दिया (China surpasses the US in internet speed) है। तो चलिए आपको पूरे विस्तार से चीन की बढ़ती ताकत को बताते हैं।
चीन ने दुनिया का सबसे तेज इंटरनेट लॉन्च कर दिया है। इसकी स्पीड 1.2 टेराबाइट प्रति सेकंड है यानी इतनी फास्ट की एक सेकंड में आप सैकड़ो एचडी फिल्में डाउनलोड कर सकते हैं। दुनिया भर के वैज्ञानिक अंदाजा लगा रहे थे कि इंटरनेट की ऐसी स्पीड को साल 2025 से पहले पाना मुश्किल है लेकिन चीन ने समय से पहले ही एक कारनामा कर दिखाया।
चीन की इस कामयाबी के पीछे सिंघुआ यूनिवर्सिटी, चीन मोबाइल वह टेक्नोलॉजी और कार्नेट कॉरपोरेशन (Technology and Carnet Corporation) का हाथ है। इन्होंने मिलकर चीन को आज उसे मुकाम पर पहुंचा दिया है जहां पहुंचने के लिए अमेरिका कड़ी मेहनत कर रहा है दरअसल चीन इसके लिए बीते 10 सालों से मेहनत कर रहा था।
दरअसल चीन अपने फ्यूचर इंटरनेट टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करने के लिए यह सब कर रहा है। चीन का मानना है कि आने वाले भविष्य में इंटरनेट की तेज स्पीड के द्वारा ही तकनीक के क्षेत्र में बुलंदियों पर पहुंच जाएगा।
इसके साथ ही 1.2 टेराबाइट प्रति सेकंड की स्पीड वाला इंटरनेट चीन के एजुकेशन एंड रिसर्च नेटवर्क का नया रूप है। इसे आप चीन के सबसे बड़े एजुकेशनल रिसर्च कंप्यूटर नेटवर्क के तौर पर भी देख सकते हैं। यह नेटवर्क चीन के 3000 किलोमीटर लंबे ऑप्टिकल फाइबर के जरिए फैला हुआ है फिलहाल चीन में सिर्फ नॉर्थ के बीजिंग सेंट्रल के वहां और साउथ के गोएंजो में 1.3 बीते प्रति सेकंड स्पीड वाला इंटरनेट मिल रहा है लेकिन बहुत जल्दी यह पूरे चीन में भी काम करेगा।