जापानी विद्वान तोमियो मिज़ोकामी और हिंदी भाषा से उनका अनोखा रिश्ता

तोमियो मिज़ोकामी जापान के ओसाका विश्वविद्यालय (Osaka University) में प्रोफेसर एमेरिटस (Emerits) रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्हें वर्ष 2018 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री पुरस्कार (Padma Shri Award) से भी सम्मानित किया गया।
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  • तोमियो मिज़ोकामी ने जापान में जन्म लेकर हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति को अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया।

  • इलाहाबाद में रहकर हिंदी में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले तोमियो मिज़ोकामी को भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया।

  • Shubha Mudgal जैसी महान गायिका से उनका गुरु–शिष्य संबंध हिंदी की सांस्कृतिक शक्ति को दर्शाता है।

हिंदी (Hindi) भाषा भारत में बोली जाने वाली एकमात्र ऐसी भाषा है, जिसे लगभग 46.63 प्रतिशत जनसंख्या द्वारा बोली जाती है। बेशक अंग्रेज़ी भाषा का प्रचलन भी व्यापक है, परंतु जब कभी किसी व्यक्ति को अपने मन की बात प्रकट करनी होती है, दूसरों से बातचीत करनी पड़ती हैं या फिर अपने व्यापार को आम आदमी तक सरल और प्रभावी रूप से पहुँचाना होता है, तब हिंदी (Hindi) भाषा का ही सहारा लिया जाता है।

हिंदी (Hindi) भाषा का प्रभाव केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में भी नेताओं, विद्वानों और कलाकारों के बीच हिंदी को लेकर एक अलग ही लगाव और शौक देखने को मिलता है। ऐसे ही महान व्यक्तित्वों में से एक हैं तोमियो मिज़ोकामी (Tomio Mizokami)। तोमियो मिज़ोकामी जापान के ओसाका विश्वविद्यालय (Osaka University) में प्रोफेसर एमेरिटस (Emerits) रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्हें वर्ष 2018 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री पुरस्कार (Padma Shri Award) से भी सम्मानित किया गया।

कौन हैं तोमियो मिज़ोकामी?

तोमियो मिज़ोकामी का जन्म 12 मई 1941 को जापान के कोबे शहर में हुआ था। उस समय कोबे में भारतीय समुदाय की संख्या अधिक थी। भारतीय लोगों को करीब से देखने, उनकी भाषा और संस्कृति को सुनने-समझने से तोमियो मिज़ोकामी के भीतर हिंदी (Hindi) भाषा सीखने और पढ़ने की रुचि पैदा हुई।

यहीं से उनके भारत से जुड़ाव की शुरुआत हुई। अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे 1965 में भारत आए और इलाहाबाद में रहकर 1965 से 1968 के बीच दिल्ली विश्वविधालय (University of Delhi) से हिंदी विषय में अपनी मास्टर डिग्री को पूरा किया। 

वे ओसाका विश्वविद्यालय में भारतीय भाषाओं के प्रोफेसर के रूप में सेवाएं देने के बाद वर्ष 2007 में सेवानिवृत्त हुए और उसी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एमेरिटस बने। तोमियो मिज़ोकामी को केवल हिंदी ही नहीं, बल्कि भारत की कई अन्य भाषाओं का भी गहरा ज्ञान है। इनमें पंजाबी, उर्दू, मराठी, गुजराती, तमिल, सिंधी और कश्मीरी जैसी भाषाएँ शामिल हैं। इतना ही नहीं, वे गुरु नानक देव द्वारा रचित "जापजी साहिब" पर भी अध्ययन कर उसका अनुवाद चुके हैं और प्रारंभिक रूप से जापानी–पंजाबी शोधकर्ता भी रहे हैं। इसके अलावा उन्हें जर्मन (German) और फ़्रांसिसी  (French) भाषा का भी ज्ञान है।

भारतीय नेताओं से प्रेरणा

तोमियो मिज़ोकामी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वे जवाहरलाल नेहरू Jawaharlal Nehru और उनके द्वारा स्थापित गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM - NON-Aligned Movement) से काफी प्रभावित रहे हैं। उनका मानना है कि इसी प्रेरणा ने उन्हें हिंदी (Hindi) भाषा सीखने और भारत की संस्कृति को समझने के लिए और अधिक प्रोत्साहित किया।

जब वर्तमान प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) G -7 वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए हिरोशिमा पहुँचे थे, तब उनकी तोमियो मिज़ोकामी से मुलाकात भी हुई थी, जिसे दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों की दृष्टि से अहम माना गया।

शुभा मुद्गल से जुड़ा भावनात्मक संबंध

तोमियो मिज़ोकामी ने अपने एक साक्षात्कार में बताया कि जब वे 1965 में भारत आए थे, तब उन्हें एक भारतीय परिवार ने रहने के लिए कमरा दिया था और दिन में तीन समय का भोजन भी उपलब्ध कराया जाता था। इसके बदले उन्हें केवल 100 रुपये देने पड़ते थे। उन्होंने भावुक होकर कहा था कि “100 रुपये में क्या मिलता है?” लेकिन उस परिवार ने उन्हें न केवल एक अच्छा कमरा दिया, बल्कि प्यार और अपनापन भी दिया।

उसी घर में दो प्यारी बच्चियाँ रहती थीं। मिज़ोकामी जब जापानी गीत सुनते या गुनगुनाते थे, तो वे बच्चियाँ बिना लिखे-पढ़े, सिर्फ सुनकर ही उन गीतों को दोहराने लगती थीं। उन्हीं में से एक आगे चलकर भारत की प्रसिद्ध गायिका बनीं जिनका नाम है शुभा मुद्गल (Shubha Mudgal)।

टॉमियो मिज़ोकामी ने बहुत ही स्नेह और विनम्रता के साथ बताया कि शुभा मुद्गल आज इतनी बड़ी गायिका होने के बावजूद भी उन्हें अपना गुरु मानती हैं और आज भी उनसे संपर्क में रहती हैं। यह रिश्ता उनके लिए केवल गुरु–शिष्य का नहीं, बल्कि परिवार जैसा है।

शुभा मुद्गल ने भी अपने एक ट्वीट में इस बात का उल्लेख किया था, जब तोमियो मिज़ोकामी को भारत के राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री सम्मान मिला था।

(PO)

शुभा मुद्गल द्वारा साझा की गई पोस्ट में जापानी हिंदी विद्वान तमियो मिज़ोकामी को भारत के राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री सम्मान प्रदान किए जाने का दृश्य।
जापानी विद्वान तोमियो मिज़ोकामी और हिंदी भाषा से उनका अनोखा रिश्ता।X/@smudgal
इस इमेज मेमन तोमियो मिज़ोकामी और नरेंद्र मोदी को हाथ  मिलते हुए देखा जा सकता है।
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