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खेल

IPL की ब्रांड वैल्यू 6 साल में पहली बार घटी : रिपोर्ट

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की ब्रांड वैल्यू में पिछले छह वर्षो में पहली बार गिरावट देखने को मिली है।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) ( IPL ) की ब्रांड वैल्यू में पिछले छह वर्षो में पहली बार गिरावट देखने को मिली है। डफ एंड फेलप्स की रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है कि आईपीएल ( IPL )  की इकोसिस्टम वैल्यू 2020 में 3.6 फीसदी घटी है।

वैश्विक महामारी के कारण 2020 साल अर्थिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण रहा था और दुनिया में इसकी वजह से खेल गतिविधियां ठप पड़ गई थीं तथा कई टूर्नामेंटों को स्थगित करना पड़ा था। महामारी का असर आईपीएल ( IPL )  पर भी पड़ा और वार्षिक आईपीएल स्टडी के अनुसार पिछले साल आईपीएल इकोसिस्टम वैल्यू ( IPL ECONOMICS VALUE  ) 2019 में 47500 करोड़ रुपये की तुलना में इस बार 45,800 करोड़ रुपये रहा, जिसमें करीब 3.6 फीसदी का घाटा देखा गया।


साल 2020 में फ्रेंचाइजों की ब्रांड वैल्यू में भी कटौती देखी गई, जिसका अहम कारण स्पॉन्सरशिप रेवेन्यू का कम होना माना जा रहा है। 2019 की तुलना में 2020 में सभी फ्रेंचाइजों की ब्रैंड वैल्यू में घाटा देखने को मिला है। घाटे के बावजूद मुंबई इंडियंस लगातार पांचवें साल फ्रेंचाइजी ब्रांड रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर रहा। हालांकि 2019 की तुलना में 2020 में मुंबई की ब्रांड वैल्यू में 5.9 फीसदी की कमी देखने को मिली। मुंबई की ब्रांड वैल्यू 2019 में 809 करोड़ रुपये थी जो 2020 में घटकर 761 करोड़ रुपये रही।

चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स की ब्रांड वैल्यू में क्रमश: 16.5 फीसदी और 13.7 फीसदी का घाटा देखने को मिला। चेन्नई की ब्रांड वैल्यू 2019 में 732 करोड़ रूपये थी जो 2020 में घटकर 611 करोड़ रूपे रह गई। कोलकाता की ब्रैंड वैल्यू 2019 में 629 करोड़ रूपये थी जो 2020 में घटकर 543 करोड़ रुपये रहा। फ्रेंचाइजी ब्रांड वैल्यू में चेन्नई दूसरे और कोलकाता तीसरे स्थान पर है।
 

इस बीच रॉयल चेलेंजर्स बेंगलुरु ( RCB  ) 9.9 फीसदी, सनराइजर्स हैदराबाद ( SRH ) 8.5 फीसदी, दिल्ली कैपिटल्स  ( DC ) 1.0 फीसदी, पंजाब किंग्स  11.3 फीसदी और राजस्थान रॉयल्स ( RR )  की ब्रांड वैल्यू में 2020 में 8.1 फीसदी का घाटा देखने को मिला।

यह भी पढ़ें: आईसीसी की ताजा टेस्ट रैंकिंग में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं ” रोहित शर्मा “

डफ एंड फेलप्स इंडिया के एक्सटर्नल एडवाइजर संतोष एन. ने कहा, “अन्य व्यवसायों की तरह ही कोरोना महामारी का आईपीएल पर भी असर देखने को मिला और आईपीएल की इकोसिस्टम वैल्यू में पिछले साल की तुलना में 2020 में 3.6 फीसदी का घाटा हुआ। हालांकि लोगों के घरों में रहने से आईपीएल के टेलीविजन दर्शकों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्रसारकों के लिए 2020 आईपीएल का सत्र काफी अच्छा रहा और इसने विज्ञापन तथा टीवी दर्शकों की संख्या के रिकॉर्ड तोड़े।”

उल्लेखनीय है कि आईपीएल 2020 का आयोजन संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में दर्शकों के बिना कराया गया था। कोरोना के कारण भारत सरकार ने खेल गतिविधियों पर रोक लगा दी थी, लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई)  ( BCCI ) इसका आयोजन कराना चाहता था। साल 2020 से पहले 2009 में भी आम चुनाव के कारण आईपीएल का आयोजन दक्षिण अफ्रीका में किया गया था।
( AK आईएएनएस ) 
 

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आईपीयू की 143वीं असेम्बली बैठक में भारत की दिया कुमारी ने रखा भारत का पक्ष।(सांकेतिक चित्र, Pixabay)

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अंतर-संसदीय संघ आईपीयू की 143वीं असेम्बली में भारत का दल।(IANS)

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जयशंकर ने अफगानिस्तान में समावेशी और प्रतिनिधि सरकार होने पर भारत के रुख को दोहराते हुए कहा, "RIC देशों के लिए आतंकवाद, कट्टरपंथ, मादक पदार्थों की तस्करी आदि के खतरों पर संबंधित दृष्टिकोणों का समन्वय करना आवश्यक है।" मंत्री ने मास्को और बीजिंग के अपने दो समकक्षों को बताया कि, अफगान लोगों की भलाई के लिए भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप, नई दिल्ली ने देश में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए अफगानिस्तान को 50,000 मीट्रिक टन गेहूं की आपूर्ति की पेशकश की थी।

हालांकि, मानवीय पहल में रुकावट आ गई थी, क्योंकि बुधवार तक पाकिस्तान इस खेप को अपने क्षेत्र से गुजरने की अनुमति देने के लिए प्रतिबद्ध नहीं था। जयशंकर ने आज कहा, "RIC देशों को यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है कि मानवीय सहायता बिना किसी रुकावट और राजनीतिकरण के अफगान लोगों तक पहुंचे। एक निकट पड़ोसी और अफगानिस्तान के लंबे समय से साथी के रूप में, भारत उस देश में हाल के घटनाक्रमों, विशेष रूप से अफगान लोगों की पीड़ा के बारे में चिंतित है।"

तीनों मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि आरआईसी देशों के बीच सहयोग न केवल उनके अपने विकास में बल्कि वैश्विक शांति, सुरक्षा, स्थिरता में भी योगदान देगा। जयशंकर ने अपने संबोधन में, आरआईसी तंत्र के तहत यूरेशियन क्षेत्र के तीन सबसे बड़े देशों के बीच घनिष्ठ संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और राजनीति आदि क्षेत्रों में हमारा सहयोग वैश्विक विकास, शांति और स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।"

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